फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Election to save for BJP and get for opposition

भाजपा के लिए बचाने और बाकियों के लिए पाने का चुनाव

Sat, 08 Jan 2022 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jan 2022 11:48 PM IST
विज्ञापन
Election to save for BJP and get for opposition
मदन बालियान
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। चुनाव की रणभेरी बज गई है और सियासी गलियों में हलचल है। टिकट पाने और बचाने की जुगत लगाई जा रही है। छह सीटों पर काबिज भाजपा के सामने चुनाव में इस बार बचाने की चुनौती होगी, जबकि विपक्षी दल सीटें हासिल करने के लिए ताकत झोकेंगे। बदले माहौल में इस बार सपा-रालोद गठबंधन का भी भविष्य तय होगा।
दिल्ली की सीमाओं पर 13 महीने चले किसान आंदोलन से पश्चिमी यूपी के समीकरण बदले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानून वापस लेकर भले ही किसानों की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया हो, लेकिन फैसले का इम्तिहान चुनाव में होगा। 2017 में चली लहर से हर सीट पर कमल खिल गया था।
विज्ञापन

भाजपा के सामने इस बार सबसे बड़ी चुनौती पुराने प्रदर्शन को बरकरार रखने की होगी। पिछली बार सपा और रालोद अलग-अलग चुनाव लड़े थे, लेकिन इस बार गठबंधन में दोनों दल भाजपा के लिए चुनौती खड़ी कर सकते हैं। एक महीने की उथल-पुथल में साफ हो जाएगा कि भाजपा कितनी सीटें बचा पाती है और बाकी दल क्या हासिल करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बालियान का सबसे बड़ा इम्तिहान
केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने पिछले सात साल में भाजपा को मजबूती दिलाने का काम किया है, लेकिन इस बार विपरीत हालात में सबसे बड़े इम्तिहान से गुजरना होगा। कृषि कानून को लेकर हुए विरोध और इसके बाद बने हालात में भाजपा के प्रदर्शन की जिम्मेदारी उनके ऊपर रहेगी।
चरथावल और मीरापुर में होंगे नए चेहरे
चरथावल से चुनाव जीतकर मंत्री बने विजय कश्यप का कोरोना संक्रमण के कारण निधन हो गया था। इस बार यहां भाजपा नए चेहरे को मैदान में उतारेगी। मीरापुर से चुनाव जीते अवतार भड़ाना ने भाजपा छोड़ दी थी, उनकी जगह भी नए और क्षेत्र के चेहरे पर ही दांव चलने की तैयारी है।
14 जनवरी को घोषित होंगे गठबंधन के प्रत्याशी
रालोद ने 10 जनवरी को वर्चुअल तरीके से बैठक बुलाई है। पहले चरण में चुनाव वाले जिलों के जिलाध्यक्ष और क्षेत्रीय अध्यक्ष इसमें शामिल रहेंगे। 14 जनवरी को पहले चरण के प्रत्याशियों का एलान किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

अजित सिंह की हार और निधन से भावनाओं की लहर
विधानसभा चुनाव में इस बार भावनाओं का ज्वार भी उठेगा। पिछले लोकसभा चुनाव में चौधरी अजित सिंह की हार और इसके बाद कोरोना में उनके निधन से भावनाओं का लहर भी उठेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed