फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Elderly prisoner died in prison of district

जिला कारागार में बुजुर्ग बंदी की हुई मौत

Wed, 18 Nov 2015 12:39 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Wed, 18 Nov 2015 12:39 AM IST
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में तबीयत खराब होने पर मंगलवार सुबह बंदी बुजुर्ग इंद्रवीर की मौत हो गई। मृतक बिजली चोरी के मामले में जेल में बंद था। सुबह तबीयत खराब होने पर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था, आधा घंटा उपचार के बाद उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन


जिला कारागार में बिजली चोरी के मामले में बंद इंद्रवीर (60) पुत्र श्याम सिंह कश्यप निवासी बहावड़ी थाना फुगाना जिला शामली की मंगलवार सुबह छह बजे अचानक तबीयत खराब हो गई। पता चलने पर जेल स्टाफ ने तुरंत एंबुलेंस से इंद्रवीर को जिला चिकित्सालय भिजवाया, जहां उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन


परिजनों को सूचना देने  के बाद शव को पीएम के लिए भिजवाया गया। जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि गत एक नवंबर को बिजली चोरी के मुकदमे की तारीख पर नहीं जाने पर वारंटी के रूप में पकड़कर उसे जिला कारागार लाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सोमवार रात अन्य बंदियों के साथ ताश खेलकर बारह बजे वह सोया था। सुबह करीब छह बजे अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई थी।

जेल स्टाफ-बंदी चिंतित
पिछले चार माह में पांच बंदियों की मौत से जेल के बंदियों में दहशत व्याप्त है। हालांकि सभी मौतें बीमारी के चलते हुई हैं।

लगातार हो रही मौतों से जेल का स्टाफ और बंदी चिंतित नजर आ रहे हैं। जेल में बंद बंदियों में से 14 जुलाई को अरशद उर्फ पोला, 20 अगस्त को निसार, 25 अक्तूबर को इंतजार, 28 अक्तूबर को सुरेंद्र और मंगलवार को इंद्रवीर की मौत हो गई थी।

इनमें से इंतजार की मौत पर उसकी बैरक में बंद बंदियों ने जेल में उस दिन जमकर हंगामा काटा था और जेल के चिकित्सक पर बंदियों के उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था।

लापरवाही की गाज जेल चिकित्सक पर
पिछले छह वर्षों से जिला कारागार में जमे चिकित्सक डॉ चंद्रगुप्त को आखिर जेल से जाना ही पड़ा। कई बार बंदियों ने चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही करने का आरोप लगाया था। डीआईजी जेल की रिपोर्ट पर एडीजी ने चिकित्सक के निलंबित करने की सिफारिश स्वास्थ्य विभाग के सचिव को भेज दी है।

फिलहाल चिकित्सक को सीएमओ ऑफिस से अटैच कर दिया है। जेल में दूसरे चिकित्सक को भेजा है। जेल में कई मौतें होने के बाद 25 अक्तूबर को बंदी इंतजार की मौत पर जेल में हंगामा हुआ था। चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया था।


डीआईजी जेल वीके शेखर ने जेल का दौरा कर बंदियों की समस्याओं को सुना था, जिसमें बंदियों ने चिकित्सक की शिकायत की थी।

एडीजी जेल को चिकित्सक की लापरवाही की रिपोर्ट दी थी। डीएम को पत्र के माध्यम से चिकित्सक को जेल से हटाने के लिए कहा था। एडीजी जेल डीएस चौहान ने भी कारागार का दौरा कर चिकित्सक की लापरवाही को माना था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed