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आज के युग में शिक्षा बहुत आगे है : कुलपति
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श्रीराम कालेज में आयोजित कार्यशाला में मंचासीन माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय सहारनपुर के कुलपत?
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एचएस सिंह ने कहा कि वैदिक शिक्षा गुरुकुल के अधीन थी। मुगल काल में मदरसे तक सीमित, ब्रिटिश काल में शिक्षा का विकास नहीं हुआ। आज के युग में शिक्षा बहुत आगे है। नई शिक्षा नीति में अब छात्र-छात्राएं अपनी भाषा में पढ़ पाएंगे और परीक्षा भी उसी भाषा में दे पाएंगे। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यवस्था की पुरानी सभी खामियों को हटाने का प्रयास किया गया है।
परास्नातक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू किए जाने और अबेकस-यूपी पोर्टल के संबंध में श्रीराम कॉलेज में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कुलपति ने कहा कि प्राचीन भाषा जैसे संस्कृत को पढ़ने का विकल्प दिया है। अंग्रेजी की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब से शैक्षिक सत्र में छात्रों को तकनीकी ज्ञान देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विद्यार्थियों का बोझ कम करने और पढ़ाई में उनकी रुचि बढ़ाने के लिए शिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे रटने की जगह उनकी समझ बढ़ाने पर ध्यान दिया जा सकेगा। स्वस्थ शरीर के साथ ही स्वस्थ मस्तिष्क होना भी जरूरी है इसलिए पाठ्यक्रम में पढ़ाई के साथ ही खेलकूद, कला जैसी गतिविधियां भी शामिल की गई है।
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भविष्य में सभी कार्य ऑनलाइन होंगे : दिनेशचंद
मुख्य वक्ता डॉ. दिनेशचंद शर्मा ने कहा कि पहले का पाठ्यक्रम बहुत ही निम्न स्तर का है, इसलिए नए पाठ्यक्रम का निर्माण किया जाएगा और विश्वविद्यालय बाद में इस पाठ्यक्रम में संशोधन कर सकती है। मां शाकंभरी विवि के कुलसचिव वीके मौर्य ने कहा कि भविष्य में सभी कार्य ऑनलाइन होंगे इसलिए सभी को अपडेट होना जरूरी है। डॉ. दिनेश चंद शर्मा, सदस्य, उत्तर प्रदेश राज्य स्टेरिंग कमेटी एनईपी-2020 के सदस्य डॉ. दिनेश चंद शर्मा, डॉ. भूपेंद्र कुमार, डॉ. ओंकार सिंह, मुकेश त्यागी, डॉ. नरेश मलिक, डॉ. सुधीर पुंडीर ने विचार रखे। कॉलेज के संस्थापक चेयरमैन डॉ. एससी कुलश्रेष्ठ ने अतिथियों का आभार जताया।
ये रहे मौजूद
प्राचार्या डॉ. प्रेरणा मित्तल, निदेशक डॉ. निशांत कुमार राठी, डॉ. आलोक गुप्ता, डॉ. गिरेंद्र गौतम, डॉ. पंकज गर्ग, डीन एकेडमिक्स डॉ. ओमवीर चौधरी, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. विनीत शर्मा, डॉ. मनोज धीमान, डॉ. पूजा तोमर, डॉ. सौरभ मित्तल, डॉ. रवि गौतम, रूपल मलिक, डॉ. मनोज मित्तल, पूजा रघुवंशी और गरिमा का सहयोग रहा।
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परास्नातक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू किए जाने और अबेकस-यूपी पोर्टल के संबंध में श्रीराम कॉलेज में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कुलपति ने कहा कि प्राचीन भाषा जैसे संस्कृत को पढ़ने का विकल्प दिया है। अंग्रेजी की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब से शैक्षिक सत्र में छात्रों को तकनीकी ज्ञान देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विद्यार्थियों का बोझ कम करने और पढ़ाई में उनकी रुचि बढ़ाने के लिए शिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे रटने की जगह उनकी समझ बढ़ाने पर ध्यान दिया जा सकेगा। स्वस्थ शरीर के साथ ही स्वस्थ मस्तिष्क होना भी जरूरी है इसलिए पाठ्यक्रम में पढ़ाई के साथ ही खेलकूद, कला जैसी गतिविधियां भी शामिल की गई है।
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भविष्य में सभी कार्य ऑनलाइन होंगे : दिनेशचंद
मुख्य वक्ता डॉ. दिनेशचंद शर्मा ने कहा कि पहले का पाठ्यक्रम बहुत ही निम्न स्तर का है, इसलिए नए पाठ्यक्रम का निर्माण किया जाएगा और विश्वविद्यालय बाद में इस पाठ्यक्रम में संशोधन कर सकती है। मां शाकंभरी विवि के कुलसचिव वीके मौर्य ने कहा कि भविष्य में सभी कार्य ऑनलाइन होंगे इसलिए सभी को अपडेट होना जरूरी है। डॉ. दिनेश चंद शर्मा, सदस्य, उत्तर प्रदेश राज्य स्टेरिंग कमेटी एनईपी-2020 के सदस्य डॉ. दिनेश चंद शर्मा, डॉ. भूपेंद्र कुमार, डॉ. ओंकार सिंह, मुकेश त्यागी, डॉ. नरेश मलिक, डॉ. सुधीर पुंडीर ने विचार रखे। कॉलेज के संस्थापक चेयरमैन डॉ. एससी कुलश्रेष्ठ ने अतिथियों का आभार जताया।
ये रहे मौजूद
प्राचार्या डॉ. प्रेरणा मित्तल, निदेशक डॉ. निशांत कुमार राठी, डॉ. आलोक गुप्ता, डॉ. गिरेंद्र गौतम, डॉ. पंकज गर्ग, डीन एकेडमिक्स डॉ. ओमवीर चौधरी, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. विनीत शर्मा, डॉ. मनोज धीमान, डॉ. पूजा तोमर, डॉ. सौरभ मित्तल, डॉ. रवि गौतम, रूपल मलिक, डॉ. मनोज मित्तल, पूजा रघुवंशी और गरिमा का सहयोग रहा।