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संभलकर चलाएं वाहन, हम जानते हैं बेटा खोने का गम
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अंकित का फोटो लेकर बैठे शोकाकुल माता संतोष देवी व पिता महक सिंह।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
सड़क हादसे में इकलौते बेटे को खोने वाले महक सिंह की वाहन चालकों से अपील
बोले, सड़क पर चलें तो आगे और पीछे चलने वालों का रखें ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। वाहन लेकर सड़क पर निकलें तो संभलकर ड्राइविंग करें। मामूली सी चूक से किसी के घर का चिराग बुझ सकता है। शहर की जाट कॉलोनी निवासी महक सिंह कहते हैं कि हम जानते हैं कि बेटा खोने का क्या गम होता है। वाहन चलाते समय जागरूक और सावधानी बरतें, ताकि किसी दूसरे के घर का चिराग न बुझें।
जाट कॉलोनी निवासी 57 वर्षीय महक सिंह बीमार रहते है। पूर्व समय मेें वह धूपबत्ती का कारोबार करते थे। उनकी पत्नी चिकित्सा विभाग में एएनएम है। दो बेटियां सोनिया (21) व रिया (18) है। उनका इकलौता बेटा 23 वर्षीय अंकित बहनों में सबसे बड़ा था। पूरे परिवार की जिम्मेदारी अंकित पर थी। चार साल पहले शादी हुई और उसकी दो साल की बेटी मिष्ठी हैं। उसने वन विभाग में नौकरी के लिए फार्म भरा था। वह 21 अगस्त को दो साथियों के साथ बिजनौर से परीक्षा देकर लौट रहा था। तीनों साथी सालारपुर में ट्रक की चपेट में आ गए। अंकित व उसके साथी आदित्य की मौत हो गई। इससे पूरा परिवार बिखर गया। क्योंकि महक सिंह के परिवार में बड़ी बेटी सोनिया दिव्यांग है। माता-पिता और दोनों बहने अंकित की मौत से शोकाकुल हैं।
लापरवाही से उजड़ रहा परिवार
महक सिंह इकलौते बेटे की मौत से टूट चुके है। सड़कों पर रोजाना हो रहे हादसों को वे बेहद गंभीर बताते है। कहते है कि हादसे में मौत तो एक सदस्य की होती है लेकिन इससे पूरा परिवार बिखर जाता हैं। आज उनके परिवार की हालत ऐसी है कि किसी को कुछ अच्छा नहीं लगता। सड़कों पर अंधाधुंध वाहन दौड़ाते समय चालक यह भी नहीं देख रहे कि उनकी लापरवाही से किसी की जान जा सकती है। जबकि बेहद सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि हादसे में मौत से किसी से भाई छिन जाता है तो किसी से पिता और किसी से बेटा।
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हादसे ने छीन लिया इकलौता बेटा
गांव चौरावाला (मोरना) निवासी मोहत्सीम का युवा इकलौता बेटा जैद भी हादसे में काल का ग्रास बन गया। वह बेटे की मौत से आहत हैं। कहते हैं कि सभी को संभलकर वाहन चलाना चाहिए, जिससे कोई हादसा न हो और किसी के घर का चिराग न बुझे। यातायात नियमों का पालन कर वाहन चलाएं।
यातायात नियमों का पालन कर वाहन चलाएं। जिससे हर किसी का परिवार सुरक्षित और खुश रहे। - विनीत जायसवाल, एसएसपी।
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बोले, सड़क पर चलें तो आगे और पीछे चलने वालों का रखें ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। वाहन लेकर सड़क पर निकलें तो संभलकर ड्राइविंग करें। मामूली सी चूक से किसी के घर का चिराग बुझ सकता है। शहर की जाट कॉलोनी निवासी महक सिंह कहते हैं कि हम जानते हैं कि बेटा खोने का क्या गम होता है। वाहन चलाते समय जागरूक और सावधानी बरतें, ताकि किसी दूसरे के घर का चिराग न बुझें।
जाट कॉलोनी निवासी 57 वर्षीय महक सिंह बीमार रहते है। पूर्व समय मेें वह धूपबत्ती का कारोबार करते थे। उनकी पत्नी चिकित्सा विभाग में एएनएम है। दो बेटियां सोनिया (21) व रिया (18) है। उनका इकलौता बेटा 23 वर्षीय अंकित बहनों में सबसे बड़ा था। पूरे परिवार की जिम्मेदारी अंकित पर थी। चार साल पहले शादी हुई और उसकी दो साल की बेटी मिष्ठी हैं। उसने वन विभाग में नौकरी के लिए फार्म भरा था। वह 21 अगस्त को दो साथियों के साथ बिजनौर से परीक्षा देकर लौट रहा था। तीनों साथी सालारपुर में ट्रक की चपेट में आ गए। अंकित व उसके साथी आदित्य की मौत हो गई। इससे पूरा परिवार बिखर गया। क्योंकि महक सिंह के परिवार में बड़ी बेटी सोनिया दिव्यांग है। माता-पिता और दोनों बहने अंकित की मौत से शोकाकुल हैं।
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लापरवाही से उजड़ रहा परिवार
महक सिंह इकलौते बेटे की मौत से टूट चुके है। सड़कों पर रोजाना हो रहे हादसों को वे बेहद गंभीर बताते है। कहते है कि हादसे में मौत तो एक सदस्य की होती है लेकिन इससे पूरा परिवार बिखर जाता हैं। आज उनके परिवार की हालत ऐसी है कि किसी को कुछ अच्छा नहीं लगता। सड़कों पर अंधाधुंध वाहन दौड़ाते समय चालक यह भी नहीं देख रहे कि उनकी लापरवाही से किसी की जान जा सकती है। जबकि बेहद सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि हादसे में मौत से किसी से भाई छिन जाता है तो किसी से पिता और किसी से बेटा।
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हादसे ने छीन लिया इकलौता बेटा
गांव चौरावाला (मोरना) निवासी मोहत्सीम का युवा इकलौता बेटा जैद भी हादसे में काल का ग्रास बन गया। वह बेटे की मौत से आहत हैं। कहते हैं कि सभी को संभलकर वाहन चलाना चाहिए, जिससे कोई हादसा न हो और किसी के घर का चिराग न बुझे। यातायात नियमों का पालन कर वाहन चलाएं।
यातायात नियमों का पालन कर वाहन चलाएं। जिससे हर किसी का परिवार सुरक्षित और खुश रहे। - विनीत जायसवाल, एसएसपी।