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पीएम बनने के बाद अयोध्या क्यों नहीं गए मोदी: तोगड़िया
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:55 AM IST
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पत्रकारों से वार्ता करते डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया।
- फोटो : अमर उजाला
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अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रवीण तोगड़िया ने भाजपा सरकारों पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के नाम पर देश की जनता से वोट लेकर भाजपा ने धोखा देने का काम किया। मंदिर निर्माण के लिए वह 21 अक्तूबर को लखनऊ से अयोध्या के लिए कूच करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रवीण तोगड़िया ने द्वारिकापुरी में पत्रकारों से वार्ता में कहा कि केंद्र की सत्तासीन भाजपा सरकार को भूलने की गंभीर बीमारी लग गई है। वह किसानों को भूल गए हैं।
बेरोजगार नौजवान, महंगाई से पीड़ित गृहिणियों, कश्मीरी पंडितों का दर्द, धारा-370 और सीमा पर तैनात जवानों को भूल गए हैं। यहां तक कि खुद के सिद्धांत भी भुला दिए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी को चुनाव के पहले तक मंदिरों से प्रेम था, लेकिन सत्ता में आने के बाद वह मस्जिदों में सजदा कर रहे हैं। भगवान राम के सहारे सत्ता हासिल करने वाले अब उनके मंदिर निर्माण की ही बात भूल गए। कल तक कश्मीर के हिंदुओं के लिए रोते थे, अब पाकिस्तानी जिहादियों को रमजान में गोली न लगे, इस बात की चिंता करते हैं।
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पत्थरबाजों पर दर्ज मुकदमे वापस लेते हैं। हिंदू समाज का खोया वैभव वापस पाने के लिए यह सरकार बनवाई थी। न राम मंदिर का निर्माण हुआ और न ही रामराज आया। पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ रामराज का सपना पूरा करने में विफल साबित हुए हैं। बेरोजगारी, अशिक्षा, भुखमरी, दुष्कर्म की घटनाओं को नियंत्रित नहीं कर पाए। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद कभी भी भगवान राम की नगरी अयोध्या नहीं गए।
भाजपा को करोड़ों हिंदुओं ने वोट किया, पर बहुमत मिलते ही वह मुस्लिम महिलाओं की हितैषी बन तीन तलाक पर कानून बना रही है। जिस राम मंदिर के संघर्ष ने भाजपा को सत्ता के शिखर तक पहुंचाया, उसी मंदिर को हिंदू मतों के कारण पूर्ण बहुमत पाने के बाद सरकार कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रही है। अगर राम मंदिर कोर्ट के आदेश से ही बनना था, तो राम मंदिर आंदोलन की क्या जरूरत थी।
अब मोदी सरकार डबल स्टैंडर्ड अपना रही है। सरकार एससी-एसटी पर कानून ला सकती है, पर राम मंदिर पर नहीं। प्रवीण तोगडिया ने कहा कि देश में 19 करोड़ लोग भूखे सोते हैं, 10 करोड़ युवा बेरोजगार हैं। उच्च शिक्षा निम्न वर्ग की पहुंच से दूर हो गई है। सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। इन्हीं मुद्दों पर जनता को इस जनविरोधी सरकार के खिलाफ जगाने के लिए 21 अक्टूबर को लखनऊ से अयोध्या कूच किया जाएगा। जहां बड़ा कार्यक्रम होगा और देशभर से कार्यकर्ता शामिल होंगे।
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अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रवीण तोगड़िया ने द्वारिकापुरी में पत्रकारों से वार्ता में कहा कि केंद्र की सत्तासीन भाजपा सरकार को भूलने की गंभीर बीमारी लग गई है। वह किसानों को भूल गए हैं।
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बेरोजगार नौजवान, महंगाई से पीड़ित गृहिणियों, कश्मीरी पंडितों का दर्द, धारा-370 और सीमा पर तैनात जवानों को भूल गए हैं। यहां तक कि खुद के सिद्धांत भी भुला दिए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी को चुनाव के पहले तक मंदिरों से प्रेम था, लेकिन सत्ता में आने के बाद वह मस्जिदों में सजदा कर रहे हैं। भगवान राम के सहारे सत्ता हासिल करने वाले अब उनके मंदिर निर्माण की ही बात भूल गए। कल तक कश्मीर के हिंदुओं के लिए रोते थे, अब पाकिस्तानी जिहादियों को रमजान में गोली न लगे, इस बात की चिंता करते हैं।
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पत्थरबाजों पर दर्ज मुकदमे वापस लेते हैं। हिंदू समाज का खोया वैभव वापस पाने के लिए यह सरकार बनवाई थी। न राम मंदिर का निर्माण हुआ और न ही रामराज आया। पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ रामराज का सपना पूरा करने में विफल साबित हुए हैं। बेरोजगारी, अशिक्षा, भुखमरी, दुष्कर्म की घटनाओं को नियंत्रित नहीं कर पाए। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद कभी भी भगवान राम की नगरी अयोध्या नहीं गए।
भाजपा को करोड़ों हिंदुओं ने वोट किया, पर बहुमत मिलते ही वह मुस्लिम महिलाओं की हितैषी बन तीन तलाक पर कानून बना रही है। जिस राम मंदिर के संघर्ष ने भाजपा को सत्ता के शिखर तक पहुंचाया, उसी मंदिर को हिंदू मतों के कारण पूर्ण बहुमत पाने के बाद सरकार कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रही है। अगर राम मंदिर कोर्ट के आदेश से ही बनना था, तो राम मंदिर आंदोलन की क्या जरूरत थी।
अब मोदी सरकार डबल स्टैंडर्ड अपना रही है। सरकार एससी-एसटी पर कानून ला सकती है, पर राम मंदिर पर नहीं। प्रवीण तोगडिया ने कहा कि देश में 19 करोड़ लोग भूखे सोते हैं, 10 करोड़ युवा बेरोजगार हैं। उच्च शिक्षा निम्न वर्ग की पहुंच से दूर हो गई है। सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। इन्हीं मुद्दों पर जनता को इस जनविरोधी सरकार के खिलाफ जगाने के लिए 21 अक्टूबर को लखनऊ से अयोध्या कूच किया जाएगा। जहां बड़ा कार्यक्रम होगा और देशभर से कार्यकर्ता शामिल होंगे।