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टीबी मरीजों को खोजने के लिए घर-घर सर्वे
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टीबी मरीजों को खोजने के लिए घर-घर सर्वे
खतौली। टीबी के मरीजों को खोजने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कस्बे में घर-घर जाकर सर्वे करने के साथ ही संदिग्ध मरीजों के बलगम के सैंपल लिए। ब्लॉक प्रभारी एके सिंह ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में जांच व सर्वे के लिए 34 टीमें लगाई गईं हैं।
टीबी के मरीजों के एक्टिव केस की जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो से 14 जनवरी तक जांच व सर्वे अभियान शुरू किया है। इसके तहत ब्लॉक खतौली क्षेत्र के हर घर में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों से बातचीत कर डाटा संकलित कर रहीं हैं। इसके साथ ही इस दौरान जो भी संदिग्ध मरीज मिल रहे हैं, उनके बलगम के सैंपल जांच हेतु लिए जा रहे हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच के बाद यदि कोई एक्टिव केस मिलता है तो उसका तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा। ब्लॉक प्रभारी एके सिंह ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में इनकी निगरानी के लिए सात सुपरवाइजर और दो मेडिकल अफसर भी तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बाल और नाखून को छोड़कर शरीर के किसी भी अंग में टीबी हो सकता है। यदि बलगम जांच में यह सामने नहीं आता तो संभावित मरीज को जांच के लिए सीएचसी बुलाया जाता है।
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खतौली। टीबी के मरीजों को खोजने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कस्बे में घर-घर जाकर सर्वे करने के साथ ही संदिग्ध मरीजों के बलगम के सैंपल लिए। ब्लॉक प्रभारी एके सिंह ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में जांच व सर्वे के लिए 34 टीमें लगाई गईं हैं।
टीबी के मरीजों के एक्टिव केस की जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो से 14 जनवरी तक जांच व सर्वे अभियान शुरू किया है। इसके तहत ब्लॉक खतौली क्षेत्र के हर घर में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों से बातचीत कर डाटा संकलित कर रहीं हैं। इसके साथ ही इस दौरान जो भी संदिग्ध मरीज मिल रहे हैं, उनके बलगम के सैंपल जांच हेतु लिए जा रहे हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच के बाद यदि कोई एक्टिव केस मिलता है तो उसका तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा। ब्लॉक प्रभारी एके सिंह ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में इनकी निगरानी के लिए सात सुपरवाइजर और दो मेडिकल अफसर भी तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बाल और नाखून को छोड़कर शरीर के किसी भी अंग में टीबी हो सकता है। यदि बलगम जांच में यह सामने नहीं आता तो संभावित मरीज को जांच के लिए सीएचसी बुलाया जाता है।
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