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Muzaffarnagar News: लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किए वाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रितिश सचदेवा ने बताया कि कुल तीन लाख 39 हजार 306 प्रकरण निस्तारित किए गए।
शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष डाॅ. अजय कुमार द्वितीय ने किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में होने वाले फैसले में हार-जीत का कोई प्रश्न नहीं रह जाता है। क्योंकि जब वादकारी आपसी समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण करते हैं, तब अमूल्य समय की बचत भी होती है। लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करना है।
बैंक अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि वह ऋण के मामलों में ग्राहकों को अधिकतम छूट देते हुए प्रकरणों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय खलीकुज्जमा ने पारिवारिक मामलों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किए जाने पर बल दिया। पारिवारिक न्यायालयों में 132 मामलों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।
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नोडल अधिकारी अपर जिला जज अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत लोक अदालत विवादों को सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराने का एक बहुत बड़ा माध्यम है।
लोक अदालत में सिखेड़ा के किसान इलयास का ऋण का प्रकरण निस्तारित कराया गया।
इस अवसर पर जिला बार संघ के अध्यक्ष ठाकुर कंवरपाल सिंह, प्रमोद त्यागी, सुरेंद्र कुमार मलिक, सतेन्द्र कुमार, अपर जनपद न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय, अपर जिला जज अशोक कुमार, सीताराम मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रितिश सचदेवा ने बताया कि कुल तीन लाख 39 हजार 306 प्रकरण निस्तारित किए गए।
शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष डाॅ. अजय कुमार द्वितीय ने किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में होने वाले फैसले में हार-जीत का कोई प्रश्न नहीं रह जाता है। क्योंकि जब वादकारी आपसी समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण करते हैं, तब अमूल्य समय की बचत भी होती है। लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करना है।
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बैंक अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि वह ऋण के मामलों में ग्राहकों को अधिकतम छूट देते हुए प्रकरणों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय खलीकुज्जमा ने पारिवारिक मामलों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किए जाने पर बल दिया। पारिवारिक न्यायालयों में 132 मामलों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।
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नोडल अधिकारी अपर जिला जज अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत लोक अदालत विवादों को सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराने का एक बहुत बड़ा माध्यम है।
लोक अदालत में सिखेड़ा के किसान इलयास का ऋण का प्रकरण निस्तारित कराया गया।
इस अवसर पर जिला बार संघ के अध्यक्ष ठाकुर कंवरपाल सिंह, प्रमोद त्यागी, सुरेंद्र कुमार मलिक, सतेन्द्र कुमार, अपर जनपद न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय, अपर जिला जज अशोक कुमार, सीताराम मौजूद रहे।