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Muzaffarnagar News: मोती झील में नहीं जाएगा गंदा पानी, बनेगा पाथवे...आएंगे पर्यटक
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फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शामली रोड पर मोती झील के सुंदरीकरण कार्य की डीएम उमेश मिश्रा ने समीक्षा की। पालिका और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंदे नालों का पानी झील में जाने से रोका जाए। यहां पाथवे बनेगा, प्रकाश की व्यवस्था होगी। झील को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
जिला पंचायत कार्यालय में शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल और डीएम उमेश मिश्रा ने पालिका और प्रशासन के अधिकारियों से कार्य की जानकारी ली। डीएम ने बताया कि कुछ दिन पहले ही झील के सुंदरीकरण और झील के पानी से जलकुंभी निकालने का कार्य शुरू कराया गया था। इसके सकारात्मक नतीजे आए हैं।
झील में नालों से पहुंचने वाले गंदे पानी को रोकने की व्यवस्था की जाएगी। भविष्य में मोती झील के आस पास क्षेत्र में पाथवे, बेंच और लाइट की व्यवस्था करते हुए सुंदरीकरण कराए जाने की योजना है।
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एडीएम प्रशासन संजय कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप, ईओ डाॅ़ प्रज्ञा सिंह, आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के प्रतिनिधि अनिल कपूर उपस्थित रहे।
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इनसेट
झील के चारों ओर बनाई जाएगी तीन फीट ऊंची मेढ़
एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार के साथ पालिका अधिकारियों ने मोती झील पर पहुंच निरीक्षण किया। नाले का पानी झील में आ रहा है, जिसके मुहाने पर जाली भी नहीं लगी है। झील के चारों और तीन फीट ऊंची मेढ़ बनाए जाने पर सहमति बनी। झील के आसपास अवैध कब्जों को भी चिह्नित कर हटाने की बात कही गई। ईओ ने बताया कि सफाई का काम चल रहा है। आर्किटैक्चर के माध्यम से एक नक्शा और आसपास कराए जाने वाले सुंदरीकरण कार्य के लिए डिजाइन तैयार कराना है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शामली रोड पर मोती झील के सुंदरीकरण कार्य की डीएम उमेश मिश्रा ने समीक्षा की। पालिका और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंदे नालों का पानी झील में जाने से रोका जाए। यहां पाथवे बनेगा, प्रकाश की व्यवस्था होगी। झील को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
जिला पंचायत कार्यालय में शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल और डीएम उमेश मिश्रा ने पालिका और प्रशासन के अधिकारियों से कार्य की जानकारी ली। डीएम ने बताया कि कुछ दिन पहले ही झील के सुंदरीकरण और झील के पानी से जलकुंभी निकालने का कार्य शुरू कराया गया था। इसके सकारात्मक नतीजे आए हैं।
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झील में नालों से पहुंचने वाले गंदे पानी को रोकने की व्यवस्था की जाएगी। भविष्य में मोती झील के आस पास क्षेत्र में पाथवे, बेंच और लाइट की व्यवस्था करते हुए सुंदरीकरण कराए जाने की योजना है।
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एडीएम प्रशासन संजय कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप, ईओ डाॅ़ प्रज्ञा सिंह, आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के प्रतिनिधि अनिल कपूर उपस्थित रहे।
इनसेट
झील के चारों ओर बनाई जाएगी तीन फीट ऊंची मेढ़
एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार के साथ पालिका अधिकारियों ने मोती झील पर पहुंच निरीक्षण किया। नाले का पानी झील में आ रहा है, जिसके मुहाने पर जाली भी नहीं लगी है। झील के चारों और तीन फीट ऊंची मेढ़ बनाए जाने पर सहमति बनी। झील के आसपास अवैध कब्जों को भी चिह्नित कर हटाने की बात कही गई। ईओ ने बताया कि सफाई का काम चल रहा है। आर्किटैक्चर के माध्यम से एक नक्शा और आसपास कराए जाने वाले सुंदरीकरण कार्य के लिए डिजाइन तैयार कराना है।