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बारिश से शहर बना टापू, मुख्य मार्गों से भी निकलना हुआ मुश्किल
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:46 AM IST
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बारिश के बाद शहर में हुआ जलभराव।
- फोटो : अमर उजाला
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झमाझम बारिश से शहर टापू बन गया। शहर की पॉश कालोनियों में हालत यह रही कि लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए पानी उतरने का इंतजार करना पड़ा। शहर की निचली बस्तियों में तो पानी भरा होने के कारण घरों में ही कैद हो गए। 71.4 मिली मीटर की रिकार्ड बारिश हुई।
मंगलवार को रात्रि से ही प्रारंभ हुई बारिश दिन में भी जारी रही। पूरे दिन बादल छाए रहे और रुक-रुक वर्षा होती रही। बारिश से जहां लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की, वहीं तेज बारिश आम आदमी के लिए आफत बन गई। रिकार्ड बारिश से ऐसे हालात बने कि शहर की पॉश कालोनियों में भी मुख्य मार्गों पर कई फुट पानी भर गया।
साकेत कालोनी, नईमंडी और गांधी कालोनी के हालात भी खराब हो गए। सुबह के समय सड़कों पर पानी भरा होने से बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया। लोगों ने पानी उतरने का इंतजार किया, उसके बाद ही आवागमन प्रारंभ हो पाया। शहर के बीच में बसी साकेत कालोनी के लोग सबसे ज्यादा परेशान नजर आए।
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यहां मुख्य मार्ग पर भी पानी भरा था। साकेत नीटू त्यागी, दीपक कुमार, संदीप सिंह का कहना है कि वह बीते आठ साल से यह समस्या झेल रहे हैं। पालिका समस्या का सही निस्तारण नहीं कर पाई है। इन लोगों ने बताया कि गलियों में लोगों को यहां ज्यादा परेशानी है। शहर की निचली बस्तियों रामपुरी, खालापार, किदवईनगर, जनकपुरी आदि में तो पानी उतरने तक लोग घरों में ही कैद रहे। भारी बारिश से शहर मानो टापू बना रहा।
बारिश में दो मकान की छत गिरी
मुजफ्फरनगर। बुधवार सुबह हुई बरसात के दौरान दो स्थानों पर कच्चे मकानों की छत गिर गई। घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई घर पर नहीं था। शहर कोतवाली के गांव लकड़संधा में रामपाल के कच्चे मकान की छत भरभरा कर गिर गई।
परिजन दूसरे स्थान पर थे। सामान क्षतिग्रस्त हो गया। उधर, शहर में उत्तरी लद्दावाला में राशिद के कच्चे मकान की छत भी गिर गई। उसका भी घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया। यह परिवार के साथ बाहर गया था।
अंकित विहार में जलभराव के विरोध में प्रदर्शन किया
मुजफ्फरनगर। सरवट गांव के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला अंकित विहार की मैन रोड जल भराव को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया। कहा कि पचेंडा रोड के अंकित विहार , लाल बाग, न्यू अंकित विहार आदि कई कालोनियों का पानी अंकित विहार से होकर जाता है, जिसके चलते मैन नाला सड़क के दूसरी तरफ है।
सड़क पार करने के लिए नाले में एक सीवर बनाया गया है, जो इन दिनों कूड़े से भर गया है, जिस कारण नाले का पानी पार नहीं हो रहा है। बुधवार सुबह यहां बरसात के दौरान हुए जल भराव को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रीतम सिंह, एमपी सिंह, विनीत , रामपाल सैनी, गौरव मोनू, अरविंद शर्मा, ओमपाल सिंह, हरपाल सिंह , अश्वनी कुमार, कालूराम त्यागी, सुखपाल सैनी आदि शामिल रहे।
बारिश के कारण मिली राहत
खतौली। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 13 घंटे तक बारिश होने से उमस से लोगों को काफी राहत मिली। इस बारिश से गन्ने की फसल को अधिक फायदा हुआ है। पिछले 15 दिनों से भीषण उमस भरी गर्मी पड़ रही थी। लोगों का गर्मी में हाल बेहाल हो गया था। लोगों को कूलर व पंखों में भी गमीं से राहत नहीं मिल रही थी। ऊपर से बिजली की अघोषित कटौती की वजह लोगों का जीना दूभर हो गया था। मंगलवार की देर रात को करीब तीन बजे से तेज बारिश होनी प्रारंभ हो गई थी।
बुधवार को शाम 4 बजे तक लगातार बारिश पड़ती रही। बारिश का पानी सड़कों पर भर गया था। निचले इलाकों में पानी घरों में भी भर गया। बारिश के पानी को परिवार के लोगों ने बमुश्किल बाहर निकाला। बारिश होने से लोगों ने गर्मी से राहत मिली। किसान सतीश, राजेंद्र, रहीम, शमशाद, सलीम, हरेंद्र, मनोज आदि का कहना है कि इस बारिश से गन्ना की फसल को फायदा पहुंचा है।
पंजाबी कॉलोनी में नाले का पानी घर में घुसा
खतौली। नगर की पंजाबी कॉलोनी श्यामपुरी में बारिश होने से नाले का पानी एक परिवार के मकान में घुस गया है। मकान के अंदर पानी में बेड व चारपाई आधी डूब गई है। मकान की छत भी पूरी तरह से जर्जर हालत में है। छत गिरने की भी आशंका बनी हुई है। मुफलिसी के दौर से गुजरने वाला यह परिवार सरकार से आर्थिक मदद के लिए जूझ रहा है।
22 फरवरी को इस परिवार की महिला जसवंत कौर के पुत्र नवजोत सिंह और उसके दोस्त कार्तिक अरोरा की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगाकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की थी। उस वक्त तत्कालीन एसडीएम कुमार धर्मेंद्र ने सरकार से मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया था।
आज तक इस परिवार को सरकार की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है। महिला के पति भी पंजाब में सड़क हादसे में कई वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। नवजोत सिंह की मौत के बाद यह परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। मकान की हालत पूरी तरह से जर्जर है। मकान के मुख्य द्वार का दरवाजा तक टूट गया है। मंगलवार की देर रात से प्रारंभ हुई लगातार बारिश का पानी इस परिवार के मकान में अंदर तक घुस गया है। मकान के अंदर बेड और चारपाई भी पानी आधे डूब गए हैं।
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मंगलवार को रात्रि से ही प्रारंभ हुई बारिश दिन में भी जारी रही। पूरे दिन बादल छाए रहे और रुक-रुक वर्षा होती रही। बारिश से जहां लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की, वहीं तेज बारिश आम आदमी के लिए आफत बन गई। रिकार्ड बारिश से ऐसे हालात बने कि शहर की पॉश कालोनियों में भी मुख्य मार्गों पर कई फुट पानी भर गया।
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साकेत कालोनी, नईमंडी और गांधी कालोनी के हालात भी खराब हो गए। सुबह के समय सड़कों पर पानी भरा होने से बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया। लोगों ने पानी उतरने का इंतजार किया, उसके बाद ही आवागमन प्रारंभ हो पाया। शहर के बीच में बसी साकेत कालोनी के लोग सबसे ज्यादा परेशान नजर आए।
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यहां मुख्य मार्ग पर भी पानी भरा था। साकेत नीटू त्यागी, दीपक कुमार, संदीप सिंह का कहना है कि वह बीते आठ साल से यह समस्या झेल रहे हैं। पालिका समस्या का सही निस्तारण नहीं कर पाई है। इन लोगों ने बताया कि गलियों में लोगों को यहां ज्यादा परेशानी है। शहर की निचली बस्तियों रामपुरी, खालापार, किदवईनगर, जनकपुरी आदि में तो पानी उतरने तक लोग घरों में ही कैद रहे। भारी बारिश से शहर मानो टापू बना रहा।
बारिश में दो मकान की छत गिरी
मुजफ्फरनगर। बुधवार सुबह हुई बरसात के दौरान दो स्थानों पर कच्चे मकानों की छत गिर गई। घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई घर पर नहीं था। शहर कोतवाली के गांव लकड़संधा में रामपाल के कच्चे मकान की छत भरभरा कर गिर गई।
परिजन दूसरे स्थान पर थे। सामान क्षतिग्रस्त हो गया। उधर, शहर में उत्तरी लद्दावाला में राशिद के कच्चे मकान की छत भी गिर गई। उसका भी घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया। यह परिवार के साथ बाहर गया था।
अंकित विहार में जलभराव के विरोध में प्रदर्शन किया
मुजफ्फरनगर। सरवट गांव के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला अंकित विहार की मैन रोड जल भराव को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया। कहा कि पचेंडा रोड के अंकित विहार , लाल बाग, न्यू अंकित विहार आदि कई कालोनियों का पानी अंकित विहार से होकर जाता है, जिसके चलते मैन नाला सड़क के दूसरी तरफ है।
सड़क पार करने के लिए नाले में एक सीवर बनाया गया है, जो इन दिनों कूड़े से भर गया है, जिस कारण नाले का पानी पार नहीं हो रहा है। बुधवार सुबह यहां बरसात के दौरान हुए जल भराव को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रीतम सिंह, एमपी सिंह, विनीत , रामपाल सैनी, गौरव मोनू, अरविंद शर्मा, ओमपाल सिंह, हरपाल सिंह , अश्वनी कुमार, कालूराम त्यागी, सुखपाल सैनी आदि शामिल रहे।
बारिश के कारण मिली राहत
खतौली। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 13 घंटे तक बारिश होने से उमस से लोगों को काफी राहत मिली। इस बारिश से गन्ने की फसल को अधिक फायदा हुआ है। पिछले 15 दिनों से भीषण उमस भरी गर्मी पड़ रही थी। लोगों का गर्मी में हाल बेहाल हो गया था। लोगों को कूलर व पंखों में भी गमीं से राहत नहीं मिल रही थी। ऊपर से बिजली की अघोषित कटौती की वजह लोगों का जीना दूभर हो गया था। मंगलवार की देर रात को करीब तीन बजे से तेज बारिश होनी प्रारंभ हो गई थी।
बुधवार को शाम 4 बजे तक लगातार बारिश पड़ती रही। बारिश का पानी सड़कों पर भर गया था। निचले इलाकों में पानी घरों में भी भर गया। बारिश के पानी को परिवार के लोगों ने बमुश्किल बाहर निकाला। बारिश होने से लोगों ने गर्मी से राहत मिली। किसान सतीश, राजेंद्र, रहीम, शमशाद, सलीम, हरेंद्र, मनोज आदि का कहना है कि इस बारिश से गन्ना की फसल को फायदा पहुंचा है।
पंजाबी कॉलोनी में नाले का पानी घर में घुसा
खतौली। नगर की पंजाबी कॉलोनी श्यामपुरी में बारिश होने से नाले का पानी एक परिवार के मकान में घुस गया है। मकान के अंदर पानी में बेड व चारपाई आधी डूब गई है। मकान की छत भी पूरी तरह से जर्जर हालत में है। छत गिरने की भी आशंका बनी हुई है। मुफलिसी के दौर से गुजरने वाला यह परिवार सरकार से आर्थिक मदद के लिए जूझ रहा है।
22 फरवरी को इस परिवार की महिला जसवंत कौर के पुत्र नवजोत सिंह और उसके दोस्त कार्तिक अरोरा की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगाकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की थी। उस वक्त तत्कालीन एसडीएम कुमार धर्मेंद्र ने सरकार से मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया था।
आज तक इस परिवार को सरकार की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है। महिला के पति भी पंजाब में सड़क हादसे में कई वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। नवजोत सिंह की मौत के बाद यह परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। मकान की हालत पूरी तरह से जर्जर है। मकान के मुख्य द्वार का दरवाजा तक टूट गया है। मंगलवार की देर रात से प्रारंभ हुई लगातार बारिश का पानी इस परिवार के मकान में अंदर तक घुस गया है। मकान के अंदर बेड और चारपाई भी पानी आधे डूब गए हैं।