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डीजल खत्म होने से थमे एंबुलेंस के पहिये, स्वाइप कार्ड में पैसा कम आने पर खड़ी हुई समस्या
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 04 Aug 2017 12:22 AM IST
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सरकारी अस्पताल में खड़ी 108 एंबुलेंस।
- फोटो : अमर उजाला
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एंबुलेंस का डीजल टैंक खाली होने से पहिये थम गए हैं। एंबुलेंस चालक को मिले स्वाइप कार्ड में औसत धनराशि नहीं होने से समस्या खड़ी हो गई है, जिसके चलते इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। एंबुलेंस सीमित दायरे तक ही दौड़ लगा पा रही हैं। इस मामले की अधिकारियों तक शिकायत पहुंची तो खलबली मच गई। हालांकि एंबुलेंस का ठेका प्राइवेट कंपनी पर है। बृहस्पतिवार को एंबुलेंस विभाग में काल अटैंड की गई, लेकिन अधिकारी एंबुलेंस मौके पर भेजने से कतराते रहे।
दुर्घटनास्थल से घायलों और गांवों, शहर से प्रसव पीड़िता को उपचार के लिए अस्पताल लाने में एंबुलेंस का सहारा लिया जाता है। नागरिकों के लिए एंबुलेंस सेवा मुफ्त है। वहीं, सपा ने 102 एंबुलेंस के साथ समाजवादी 108 एंबुलेंस सेवा भी प्रारंभ की थी, ताकि मरीजों, घायलों को समय से उपचार दिया जा सके। वहीं, योगी सरकार ने एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस चलाई है। जिसे मिनी वेंटीलेटर का नाम दिया गया है। जिले में एंबुलेंस के पहियों में पिछले दो-तीन दिनों से ब्रेक लगा हुआ है।
कमतर रूप में ही घटनास्थल पर एंबुलेंस भेजी जा रही हैं। इसके पीछे एंबुलेंस का डीजल टैंक खाली होना है। एंबुलेंसों को दौड़ने के लिए पर्याप्त रूप से डीजल नहीं मिल रहा है। दरअसल, प्रदेश में एंबुलेंस के संचालन का जिम्मा प्राइवेट संस्था पर है। इस संस्था ने स्टॉफ को डीजल भरवाने के लिए स्वाइप कार्ड दिया है, जिसके माध्यम से डीजल डलवाकर ऑनलाइन पेमेंट होता है। बीते दो-तीन दिन से कार्ड में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण डीजल नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते एंबुलेंस के पहिये थम गए हैं।
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एंबुलेंस प्रभारी काव्य शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस संचालन में कोई दिक्कत नहीं है। मरीजों, घायलों को लाने के लिए एंबुलेंस भेजी जा रही हैं। हालांकि थोड़ी समस्या है, जिसे हल कर लिया गया है। उधर, सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि एंबुलेंस विभाग में तेल आदि की समस्या बताई गई है, जिसको लेकर हाईकमान से बात की गई है। एंबुलेंस के स्वाइप कार्ड पर पैसा कम आने के कारण पेट्रोल पंप से डीजल लेने में दिक्कत आ रही है।
अपने खर्च पर दौड़ा रहे एंबुलेंस
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग अपने खर्चे पर एंबुलेंस दौड़ाकर फिलहाल काम चला रहा है। लोकल स्तर पर होनेे वाली घटनाओं पर जाकर घायलों, मरीजों को अस्पताल तक लाया जा रहा है। लंबी दूरी से आने वाली घायलों की कॉल पर एंबुलेंस भेजने में अधिकारी कतरा रहे हैं।
नौ ब्लॉक के लिए 47 एंबुलेंस
मुजफ्फरनगर। जिले में स्वास्थ्य विभाग के नौ ब्लॉकों के लिए 47 एंबुलेंस संचालित हैं, जो खतौली, बघरा, पुरकाजी, मोरना-भोपा, बुढ़ाना, चरथावल, शाहपुर समेत जानसठ आदि क्षेत्रों में लगाई गई हैं। जिले में 102 की 24 और 108 की 21 और दो एंबुलेंस एएलएस हैं।
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दुर्घटनास्थल से घायलों और गांवों, शहर से प्रसव पीड़िता को उपचार के लिए अस्पताल लाने में एंबुलेंस का सहारा लिया जाता है। नागरिकों के लिए एंबुलेंस सेवा मुफ्त है। वहीं, सपा ने 102 एंबुलेंस के साथ समाजवादी 108 एंबुलेंस सेवा भी प्रारंभ की थी, ताकि मरीजों, घायलों को समय से उपचार दिया जा सके। वहीं, योगी सरकार ने एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस चलाई है। जिसे मिनी वेंटीलेटर का नाम दिया गया है। जिले में एंबुलेंस के पहियों में पिछले दो-तीन दिनों से ब्रेक लगा हुआ है।
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कमतर रूप में ही घटनास्थल पर एंबुलेंस भेजी जा रही हैं। इसके पीछे एंबुलेंस का डीजल टैंक खाली होना है। एंबुलेंसों को दौड़ने के लिए पर्याप्त रूप से डीजल नहीं मिल रहा है। दरअसल, प्रदेश में एंबुलेंस के संचालन का जिम्मा प्राइवेट संस्था पर है। इस संस्था ने स्टॉफ को डीजल भरवाने के लिए स्वाइप कार्ड दिया है, जिसके माध्यम से डीजल डलवाकर ऑनलाइन पेमेंट होता है। बीते दो-तीन दिन से कार्ड में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण डीजल नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते एंबुलेंस के पहिये थम गए हैं।
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एंबुलेंस प्रभारी काव्य शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस संचालन में कोई दिक्कत नहीं है। मरीजों, घायलों को लाने के लिए एंबुलेंस भेजी जा रही हैं। हालांकि थोड़ी समस्या है, जिसे हल कर लिया गया है। उधर, सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि एंबुलेंस विभाग में तेल आदि की समस्या बताई गई है, जिसको लेकर हाईकमान से बात की गई है। एंबुलेंस के स्वाइप कार्ड पर पैसा कम आने के कारण पेट्रोल पंप से डीजल लेने में दिक्कत आ रही है।
अपने खर्च पर दौड़ा रहे एंबुलेंस
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग अपने खर्चे पर एंबुलेंस दौड़ाकर फिलहाल काम चला रहा है। लोकल स्तर पर होनेे वाली घटनाओं पर जाकर घायलों, मरीजों को अस्पताल तक लाया जा रहा है। लंबी दूरी से आने वाली घायलों की कॉल पर एंबुलेंस भेजने में अधिकारी कतरा रहे हैं।
नौ ब्लॉक के लिए 47 एंबुलेंस
मुजफ्फरनगर। जिले में स्वास्थ्य विभाग के नौ ब्लॉकों के लिए 47 एंबुलेंस संचालित हैं, जो खतौली, बघरा, पुरकाजी, मोरना-भोपा, बुढ़ाना, चरथावल, शाहपुर समेत जानसठ आदि क्षेत्रों में लगाई गई हैं। जिले में 102 की 24 और 108 की 21 और दो एंबुलेंस एएलएस हैं।