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लेखा-जोखा :2021

Thu, 30 Dec 2021 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 30 Dec 2021 11:57 PM IST
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Development on one side, crime increased on the other
एक तरफ हुए विकास, दूसरी तरफ अपराध ने भी पकड़ी रफ्तार
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मुजफ्फरनगर। 2021 कई कार्यों के लिए याद रहेगा। विकास कार्य खूब गए। कोरोना महामारी का दंश झेला। बाजार बंद रहे, रोजगार ठप हो गए। नौकरियां छूट गई। लॉकडाउन खुला तो अपराध से जिला थर्राता रहा। साल जाते-जाते पुरकाजी में 17 छात्राओं का रात के समय एक स्कूल में रोककर उत्पीड़न करना राज्यसभा में गूंजा। पूरे साल शिक्षा पटरी से उतरी नजर आई।
बिना परीक्षा दिए पास हुए 60 हजार छात्र
कोरोना महामारी के चलते सबसे ज्यादा परेशानी छात्र-छात्राओं को हुई। पहली बार बिना परीक्षा दिए पास हुए। जिले के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में ही 60 हजार छात्र-छात्रा पास हुए है। नर्सरी से लेकर पीजी तक की अन्य कक्षाओं में भी यही स्थिति रही है। विद्यार्थियों को इस बीच परेशानी का सामना भी करना पड़ा। जो बच्चे निर्धन परिवारों से आते है और जिनके पास ऑनलाइन पढ़ने के लिए स्मार्ट फोन नहीं था, वह पढ़ाई से वंचित भी रहे।
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पचेंडा के पुल निर्माण से आवागमन आसान
2021 में शहर के आस-पास की सबसे बड़ी उपलब्धि हाइवे पर पचेंडा रोड का पुल रहा। यहां मार्ग पार करते हुए प्रतिदिन हादसे होते रहते थे। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान के प्रयास से यहां पुल बना और अब यह रास्ता पुरी तरह सुरक्षित हो गया है। आम जन मानस को राहत मिली है।
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पालिका बोर्ड में होते रहे हंगामे
नगर पालिका बोर्ड की बैठकों में पूरे साल हंगामों की स्थिति रही। दो नवंबर की बोर्ड बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अतुल कुमार के साथ मारपीट में यहां एक सभासद प्रवीण पीटर को जेल जाना पड़ा। पूरे साल पालिका में राजनीतिक वर्चस्व की जंग होती रही। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कोरोना के बीच सक्रिय रहना चर्चा का विषय बना रहा।
रिश्तों का सालभर होता रहा कत्ल
वर्ष 2021 महिला उत्पीड़न को लेकर विशेष रूप से चर्चाओं में रहा। रिश्तों व विश्वास का भी खून हुआ। पुलिस को चुनौती देते हुए शातिरों ने खूब अपराध किया तो पुलिस ने भी अपराध की रीढ़ तोड़ी है। हादसों में सड़क भी लहू से लाल होती रही।

यदि महिला अपराध पर नजर डाले तो एक के बाद कई घटनाएं हुई, लेकिन प्रेमी द्वारा प्रेमिका के मासूम बच्चे की हत्या करना, चचेरे भाई द्वारा दुष्कर्म, जानसठ में चार साल की बच्ची से दुष्कर्म ऐसी घटनाएं भुलाई नहीं जा सकी। सामूहिक दुष्कर्म भी हुए। महिलाओं का धर्मांतरण व तीन तलाक भी सामने आया। महिला उत्पीड़न वाला लिफाफा प्रकरण भी हुआ। रंजिश में ग्राम पंचायत अधिकारी की हत्या-पूर्व प्रधान की हत्या हुई तो पति ने पत्नी की हत्या, दोस्तों ने दोस्त की हत्या कर डाली। जैन मंदिर से मूर्ति व सर्राफ के यहां से लाखों के जेवर चोरी व मंडी में आढ़ती के घर लाखों की डकैती की। छपार में साठ लाख की फिरौती के लिए बालक का अपहरण व दिनदहाड़े लूट की वारदात कर अपराधियों ने पुलिस को चुनौती दी। इसके इतर, पुलिस भी मुठभेड़ व गिरफ्तारी कर अपराधियों की कमर तोड़ती रही। पुलिस ने मौत का सामान तमंचे-पिस्टल व अपमिश्रित शराब बनाने वाले शातिरों को गिरफ्तार किया।
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