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डेंगू से प्रधान के चचेरे भाई की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 13 Sep 2016 12:57 AM IST
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Dengue
- फोटो : Amar ujala
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चरथावल में आठ दिन से बुखार से जूझ रहे निरधना गांव में प्रधान के चचेरे भाई की मौत हो गई। रविवार को एक अन्य युवक भी बुखार की भेंट चढ़ चुका है। गांव में बुखार के कहर से कोहराम मचा हुआ है।
निरधना ग्राम प्रधान जमशेद के चचेरे भाई नासिर (35 साल) पुत्र कलाम को एक हफ्ते पहले बुखार आया था। परिजनों ने हालत में सुधार नहीं होने पर जिला मुख्यालय पर एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। रविवार देर रात को हालत में कोई सुधार नहीं होने पर मेरठ आनंद हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।
सोमवार सुबह 11 बजे उसने दम तोड़ दिया। प्रधान जमशेद ने बताया कि मुजफ्फरनगर के चिकित्सक ने उन्हें डेंगू के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। मेरठ जाकर डेंगू की पुष्टि हुई थी, लेकिन तब तक स्थिति काबू से बाहर हो चुकी थी। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। इसके अलावा बुखार से गांव के यूसुफ (35 साल) की मौत हो गई। जिससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
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प्रधान ने बताया कि जानलेवा बुखार ने यूसुफ की तो सिर्फ तीन दिन में जिंदगी छीन ली। पीड़ित परिजन जिला मुख्यालय पर इलाज कराते रहे, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो पाया। दो दिन में दो जवान मौतों पर गांव में कोहराम मचा है। बकरीद की खुशियां मातम में बदल गइ। इसके अलावा बुखार से सैकड़ों लोग पीड़ित है। देर शाम रेशम विकास विभाग के चेयरमैन मुकेश चौधरी ने मृतकों के परिजनों के घर जाकर शोक संवेदना जताई। उन्होंने सीएमओ से गांव में कैंप लगवाकर चेकअप कराने का भरोसा दिया है।
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निरधना ग्राम प्रधान जमशेद के चचेरे भाई नासिर (35 साल) पुत्र कलाम को एक हफ्ते पहले बुखार आया था। परिजनों ने हालत में सुधार नहीं होने पर जिला मुख्यालय पर एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। रविवार देर रात को हालत में कोई सुधार नहीं होने पर मेरठ आनंद हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।
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सोमवार सुबह 11 बजे उसने दम तोड़ दिया। प्रधान जमशेद ने बताया कि मुजफ्फरनगर के चिकित्सक ने उन्हें डेंगू के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। मेरठ जाकर डेंगू की पुष्टि हुई थी, लेकिन तब तक स्थिति काबू से बाहर हो चुकी थी। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। इसके अलावा बुखार से गांव के यूसुफ (35 साल) की मौत हो गई। जिससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
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प्रधान ने बताया कि जानलेवा बुखार ने यूसुफ की तो सिर्फ तीन दिन में जिंदगी छीन ली। पीड़ित परिजन जिला मुख्यालय पर इलाज कराते रहे, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो पाया। दो दिन में दो जवान मौतों पर गांव में कोहराम मचा है। बकरीद की खुशियां मातम में बदल गइ। इसके अलावा बुखार से सैकड़ों लोग पीड़ित है। देर शाम रेशम विकास विभाग के चेयरमैन मुकेश चौधरी ने मृतकों के परिजनों के घर जाकर शोक संवेदना जताई। उन्होंने सीएमओ से गांव में कैंप लगवाकर चेकअप कराने का भरोसा दिया है।