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भाकियू ने आंदोलन का बिगुल फूंका
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मुजफ्फरनगर: सिसौली में भाकियू की पंचायत को संबोधित करते राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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भाकियू ने आंदोलन का बिगुल फूंका
भौराकलां/सिसौली (मुजफ्फरनगर)। भाकियू ने किसानों के हक में आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए 21 सितंबर को जिला मुख्यालय और 25 सितंबर को सहारनपुर कमिश्नरी का घेराव करने की घोषणा की। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों की खड़ी फसल बर्बाद करने पर अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने जनपद के अधिकारियों के बैज उतारने तक का एलान कर दिया।
बृहस्पतिवार को सिसौली के किसान भवन में वर्षों बाद शुरू हुई मासिक पंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी किसानों को बर्बाद कर रहे हैं। मेहनत के बल पर उगाई फसल को जेसीबी से नष्ट करने पर आज अधिकारियों को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जबरदस्ती किसानों की फसल उजाड़ना भाकियू संगठन पर सीधा अटैक है। हरियाणा, पंजाब में किसानों पर अत्याचार हो रहे हैं। अधिकारी अपने आप को कानून व संविधान से ऊपर समझ रहे हैं। किसानों को धमका रहे हैं।
किसान मुकदमों से नहीं डरते, बड़े-बड़े आंदोलन किसान हित में किए गए। किसान अधिग्रहीत जमीन से कोल्हू चालू होने पर गन्ना काट लेता, किंतु प्रशासन की हठधर्मिता ने पीएसी के दम पर फसल उजाड़ दी। उन्होंने चेतावनी दी अब खेत में किसी ने किसान की खून पसीने से उगाई फसल उजाड़ी तो जेसीबी को फूंक दिया जाएगा। सरकारों व प्रशासनिक अधिकारियों की हठधर्मिता से सहारनपुर, शामली ,मुजफ्फरनगर के किसान भूमि अधिग्रहण व फसल उजाड़ने के मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। भाकियू संगठन उनके हितों की लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने घोषणा की 21 सितंबर को मुजफ्फरनगर ,शामली, सहारनपुर जिला मुख्यालयों पर तथा 25 सितंबर को सहारनपुर कमिश्नरी पर धरना दिया जाएगा। सभी किसान अपने कृषि औजारों के साथ धरने पर पहुंचे। किसानों का गन्ना भुगतान कानूनन 14 दिन में होना चाहिए, किंतु कानून का पालन नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि गांव के झगड़ों के निपटारे के लिए भारतीय किसान यूनियन एक कमेटी का गठन करेगी। पर्यावरण के सुधार के लिए प्रत्येक वर्ष किसान को पांच पेड़ लगाने का आह्वान भी उन्होंने किया।
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भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली बिलों के नाम पर किसानों को लूट रही है। हरियाणा में नलकूप का बिल 200 रुपये प्रतिमाह है, जबकि उत्तर प्रदेश में 2000 रुपये प्रतिमाह है। किसान की आमदनी नहीं है। बिजली का बिल कहां से दें। गन्ना मूल्य 450 रुपये का वादा प्रदेश सरकार ने किया था, परंतु यहां तो भुगतान ही नहीं मिल रहा। गरीब किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। मंडल महासचिव राजू अहलावत ने कहा कि सरकार व मिल मालिक किसानों की गन्ने का भाव भुलाकर भुगतान में उलझा रही हैं। कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करना होगा। जिस कार्यकर्ता को मुकदमे से डर लगता हो इस्तीफा दे दें। पंचायत को जिलाध्यक्ष धीरज लाठियान, रामपाल मुंडभर, मंडल महासचिव नवीन राठी, हरिद्वार जिला अध्यक्ष विजय शास्त्री, इंद्रपाल बागपत, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय, सहारनपुर मंडल अध्यक्ष भंवर सिंह ,धर्मेंद्र मलिक, कुशलपाल सिंह आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता चौधरी चरण सिंह सहारनपुर तथा संचालन ओमपाल मलिक ने किया।
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भौराकलां/सिसौली (मुजफ्फरनगर)। भाकियू ने किसानों के हक में आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए 21 सितंबर को जिला मुख्यालय और 25 सितंबर को सहारनपुर कमिश्नरी का घेराव करने की घोषणा की। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों की खड़ी फसल बर्बाद करने पर अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने जनपद के अधिकारियों के बैज उतारने तक का एलान कर दिया।
बृहस्पतिवार को सिसौली के किसान भवन में वर्षों बाद शुरू हुई मासिक पंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी किसानों को बर्बाद कर रहे हैं। मेहनत के बल पर उगाई फसल को जेसीबी से नष्ट करने पर आज अधिकारियों को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जबरदस्ती किसानों की फसल उजाड़ना भाकियू संगठन पर सीधा अटैक है। हरियाणा, पंजाब में किसानों पर अत्याचार हो रहे हैं। अधिकारी अपने आप को कानून व संविधान से ऊपर समझ रहे हैं। किसानों को धमका रहे हैं।
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किसान मुकदमों से नहीं डरते, बड़े-बड़े आंदोलन किसान हित में किए गए। किसान अधिग्रहीत जमीन से कोल्हू चालू होने पर गन्ना काट लेता, किंतु प्रशासन की हठधर्मिता ने पीएसी के दम पर फसल उजाड़ दी। उन्होंने चेतावनी दी अब खेत में किसी ने किसान की खून पसीने से उगाई फसल उजाड़ी तो जेसीबी को फूंक दिया जाएगा। सरकारों व प्रशासनिक अधिकारियों की हठधर्मिता से सहारनपुर, शामली ,मुजफ्फरनगर के किसान भूमि अधिग्रहण व फसल उजाड़ने के मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। भाकियू संगठन उनके हितों की लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने घोषणा की 21 सितंबर को मुजफ्फरनगर ,शामली, सहारनपुर जिला मुख्यालयों पर तथा 25 सितंबर को सहारनपुर कमिश्नरी पर धरना दिया जाएगा। सभी किसान अपने कृषि औजारों के साथ धरने पर पहुंचे। किसानों का गन्ना भुगतान कानूनन 14 दिन में होना चाहिए, किंतु कानून का पालन नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि गांव के झगड़ों के निपटारे के लिए भारतीय किसान यूनियन एक कमेटी का गठन करेगी। पर्यावरण के सुधार के लिए प्रत्येक वर्ष किसान को पांच पेड़ लगाने का आह्वान भी उन्होंने किया।
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भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली बिलों के नाम पर किसानों को लूट रही है। हरियाणा में नलकूप का बिल 200 रुपये प्रतिमाह है, जबकि उत्तर प्रदेश में 2000 रुपये प्रतिमाह है। किसान की आमदनी नहीं है। बिजली का बिल कहां से दें। गन्ना मूल्य 450 रुपये का वादा प्रदेश सरकार ने किया था, परंतु यहां तो भुगतान ही नहीं मिल रहा। गरीब किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। मंडल महासचिव राजू अहलावत ने कहा कि सरकार व मिल मालिक किसानों की गन्ने का भाव भुलाकर भुगतान में उलझा रही हैं। कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करना होगा। जिस कार्यकर्ता को मुकदमे से डर लगता हो इस्तीफा दे दें। पंचायत को जिलाध्यक्ष धीरज लाठियान, रामपाल मुंडभर, मंडल महासचिव नवीन राठी, हरिद्वार जिला अध्यक्ष विजय शास्त्री, इंद्रपाल बागपत, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय, सहारनपुर मंडल अध्यक्ष भंवर सिंह ,धर्मेंद्र मलिक, कुशलपाल सिंह आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता चौधरी चरण सिंह सहारनपुर तथा संचालन ओमपाल मलिक ने किया।