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Muzaffarnagar News: पालिका में शामिल 11 गांवों की संपत्ति हस्तांतरित करने की मांग
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मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद का सीमा विस्तार होने के करीब दो साल के बाद भी शहरी क्षेत्र में शामिल हुए 11 गांवों की सरकारी जमीन पालिका को नहीं मिल पाई है। सभाासदों ने डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी को दिए ज्ञापन में इन गांवों की संपत्ति हस्तांतरित करने की मांग रखी है।
नगरपालिका परिषद के सभासद राजीव शर्मा और मनोज वर्मा के नेतृत्व में पालिका के अन्य सभासदों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में डीएम से मुलाकात की। सभासदों ने कहा कि नगरपालिका परिषद का सीमा विस्तार करते हुए 11 गांवों बीबीपुर, अलमासपुर, शाहबुद्दीनपुर, कूकड़ा, सरवट, सहावली, सूजडू, वहलना, मीरापुर, मंधेड़ा और खानजहांपुर को पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया था। इसके साथ ही बिलासपुर, शेरनगर, मुस्तफाबाद और मुजफ्फरनगर गैर आबाद की कुछ भूमि भी पालिका क्षेत्र में शामिल की गई थी।
इन गांवों में करीब 1.78 लाख आबादी पालिका क्षेत्र का हिस्सा बनी है। 29 सितम्बर 2022 को प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने इस सीमा विस्तार की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद से आज तक इन गांवों की सम्पत्ति का शजरा, रिकार्ड रजिस्टर, परिवार रजिस्टर या अन्य कोई भी अभिलेख पालिका प्रशासन को तहसील प्रशासन की ओर से उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे पालिका को इन गांवों की सरकारी सम्पत्ति की कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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जबकि इस क्षेत्र में चकरोड, बंजर भूमि पालिका की सम्पत्ति सीमा विस्तार के साथ ही बन चुकी है। रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण इस सम्पत्ति की निगरानी में भी पालिका प्रशासन को मुश्किल पैदा हो रही है। सभासदों ने डीएम से इस मामले में एक कमेटी का गठन करते हुए जांच कराने और सीमा विस्तार में आई क्षेत्र की सरकारी सम्पत्ति का पूरा ब्यौरा तहसील प्रशासन से पालिका को उपलब्ध कराने की मांग की है।
डीएम अरविंद मल्लप्पा ने एसडीएम सदर निकिता शर्मा को इस प्रकरण में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। उन्होंने सभासदों को भी आश्वासन दिया कि वह मामले में कमेटी का गठन करते हुए जांच कराकर सीमा विस्तार वाले क्षेत्र की सरकारी सम्पत्ति का चिह्निकरण कराते हुए पालिका प्रशासन को जल्द हस्तांतरित कराएंगे। इस दौरान सभासद हनी पाल, शौकत अंसारी, प्रशांत गौतम, अन्नु कुरैशी, मौहम्मद खालिद, प्रियांक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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नगरपालिका परिषद के सभासद राजीव शर्मा और मनोज वर्मा के नेतृत्व में पालिका के अन्य सभासदों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में डीएम से मुलाकात की। सभासदों ने कहा कि नगरपालिका परिषद का सीमा विस्तार करते हुए 11 गांवों बीबीपुर, अलमासपुर, शाहबुद्दीनपुर, कूकड़ा, सरवट, सहावली, सूजडू, वहलना, मीरापुर, मंधेड़ा और खानजहांपुर को पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया था। इसके साथ ही बिलासपुर, शेरनगर, मुस्तफाबाद और मुजफ्फरनगर गैर आबाद की कुछ भूमि भी पालिका क्षेत्र में शामिल की गई थी।
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इन गांवों में करीब 1.78 लाख आबादी पालिका क्षेत्र का हिस्सा बनी है। 29 सितम्बर 2022 को प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने इस सीमा विस्तार की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद से आज तक इन गांवों की सम्पत्ति का शजरा, रिकार्ड रजिस्टर, परिवार रजिस्टर या अन्य कोई भी अभिलेख पालिका प्रशासन को तहसील प्रशासन की ओर से उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे पालिका को इन गांवों की सरकारी सम्पत्ति की कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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जबकि इस क्षेत्र में चकरोड, बंजर भूमि पालिका की सम्पत्ति सीमा विस्तार के साथ ही बन चुकी है। रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण इस सम्पत्ति की निगरानी में भी पालिका प्रशासन को मुश्किल पैदा हो रही है। सभासदों ने डीएम से इस मामले में एक कमेटी का गठन करते हुए जांच कराने और सीमा विस्तार में आई क्षेत्र की सरकारी सम्पत्ति का पूरा ब्यौरा तहसील प्रशासन से पालिका को उपलब्ध कराने की मांग की है।
डीएम अरविंद मल्लप्पा ने एसडीएम सदर निकिता शर्मा को इस प्रकरण में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। उन्होंने सभासदों को भी आश्वासन दिया कि वह मामले में कमेटी का गठन करते हुए जांच कराकर सीमा विस्तार वाले क्षेत्र की सरकारी सम्पत्ति का चिह्निकरण कराते हुए पालिका प्रशासन को जल्द हस्तांतरित कराएंगे। इस दौरान सभासद हनी पाल, शौकत अंसारी, प्रशांत गौतम, अन्नु कुरैशी, मौहम्मद खालिद, प्रियांक गुप्ता आदि मौजूद रहे।