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Muzaffarnagar News: ड्रग घोटाले के आरोपी की अग्रिम जमानत पर बहस, फैसला सुरक्षित
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-कोर्ट ने बचाव पक्ष की ओर से दिये गए तर्क सुनकर अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। सरकारी दवा घोटाले के आरोपी गुल सनव्वर की अग्रिम जमानत को लेकर अदालत में बहस हुई। बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि सेवानिवृत्त और चार्ज लेने वाले चीफ फार्मासिस्ट ने स्टाक सही दर्शाया। इसके बावजूद एक बाहरी व्यक्ति को आरोपी बनाया गया। बिना इंडेंट सरकारी ड्रग वेयर हाउस से दवा की डिलीवरी की कोई व्यवस्था नहीं है। कोर्ट ने बचाव पक्ष की ओर से दिये गए तर्क सुनकर अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया।
पांच जनवरी को जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट हरीश उनियाल ने शहर कोतवाली में पूर्व प्रशिक्षु फार्मासिस्ट के विरुद्ध अपराधिक विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी गुलसनव्वर निवासी मदीना काॅलोनी ड्रग वेयर हाउस से सरकारी अस्पताल की दवाइयां लाने का काम करता था। आरोप था कि उसने ड्रग वेयर हाउस से दवाइयां प्राप्त कर उनकी आपूर्ति जिला अस्पताल में नहीं की। इस मामले मेंं बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में आरोपी को अग्रिम जमानत प्रदान करने की याचना की थी।
-क्राइम ब्रांच चार दिन तक कर चुकी है पूछताछ
आरोपी बनाए जाने के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में 23 जनवरी को अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया गा था, जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से कहा गया कि आरोपी फरार है, उसकी अग्रिम जमानत की अर्जी अस्वीकार होनी चाहिए। इस पर बचाव पक्ष ने कोर्ट में तर्क दिया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज होने से पहले ही क्राइम ब्रांच आरोपी से चार दिन पूछताछ कर चुकी है। सवाल उठाया कि सरकारी अस्पताल की फार्मेसी से इंडेंट जारी किये बिना ड्रग वेयर हाउस से दवा कैसे दी जा सकती है। आरोप लगाया गया है कि 27 फरवरी और 12 अप्रैल 2024 को ड्रग वेयर हाउस से दवा लेकर जमा नहीं कराई गई। 31 मई 2024 को सेवानिवृत्त चीफ फार्मासिस्ट की ओर से चार्ज छोड़ते हुए स्टाक पूर्ण दर्शाया गया है।
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-औषधि निरीक्षक से मांगी बरामद दवा की सूची
ड्रग वेयर हाउस से ली गई दवाइयों का घोटाला सामने आने पर सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने एसीएमओ डॉ. शैलेष जैन की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया था। उनकी अध्यक्षता में टीम जांच कर रही है। जांच कमेटी के अध्यक्ष एसीएमओ ने बताया कि उनकी ओर से औषधि निरीक्षक को पत्र लिखकर 21 दिसंबर को बरामद दवाइयों की सूची मांगी गई है। बताया कि मामले के आरोपी गुल सनव्वर को भी एक मौका और देते हुए नौ फरवरी को बयान के लिए तलब किया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। सरकारी दवा घोटाले के आरोपी गुल सनव्वर की अग्रिम जमानत को लेकर अदालत में बहस हुई। बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि सेवानिवृत्त और चार्ज लेने वाले चीफ फार्मासिस्ट ने स्टाक सही दर्शाया। इसके बावजूद एक बाहरी व्यक्ति को आरोपी बनाया गया। बिना इंडेंट सरकारी ड्रग वेयर हाउस से दवा की डिलीवरी की कोई व्यवस्था नहीं है। कोर्ट ने बचाव पक्ष की ओर से दिये गए तर्क सुनकर अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया।
पांच जनवरी को जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट हरीश उनियाल ने शहर कोतवाली में पूर्व प्रशिक्षु फार्मासिस्ट के विरुद्ध अपराधिक विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी गुलसनव्वर निवासी मदीना काॅलोनी ड्रग वेयर हाउस से सरकारी अस्पताल की दवाइयां लाने का काम करता था। आरोप था कि उसने ड्रग वेयर हाउस से दवाइयां प्राप्त कर उनकी आपूर्ति जिला अस्पताल में नहीं की। इस मामले मेंं बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में आरोपी को अग्रिम जमानत प्रदान करने की याचना की थी।
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-क्राइम ब्रांच चार दिन तक कर चुकी है पूछताछ
आरोपी बनाए जाने के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में 23 जनवरी को अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया गा था, जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से कहा गया कि आरोपी फरार है, उसकी अग्रिम जमानत की अर्जी अस्वीकार होनी चाहिए। इस पर बचाव पक्ष ने कोर्ट में तर्क दिया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज होने से पहले ही क्राइम ब्रांच आरोपी से चार दिन पूछताछ कर चुकी है। सवाल उठाया कि सरकारी अस्पताल की फार्मेसी से इंडेंट जारी किये बिना ड्रग वेयर हाउस से दवा कैसे दी जा सकती है। आरोप लगाया गया है कि 27 फरवरी और 12 अप्रैल 2024 को ड्रग वेयर हाउस से दवा लेकर जमा नहीं कराई गई। 31 मई 2024 को सेवानिवृत्त चीफ फार्मासिस्ट की ओर से चार्ज छोड़ते हुए स्टाक पूर्ण दर्शाया गया है।
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-औषधि निरीक्षक से मांगी बरामद दवा की सूची
ड्रग वेयर हाउस से ली गई दवाइयों का घोटाला सामने आने पर सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने एसीएमओ डॉ. शैलेष जैन की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया था। उनकी अध्यक्षता में टीम जांच कर रही है। जांच कमेटी के अध्यक्ष एसीएमओ ने बताया कि उनकी ओर से औषधि निरीक्षक को पत्र लिखकर 21 दिसंबर को बरामद दवाइयों की सूची मांगी गई है। बताया कि मामले के आरोपी गुल सनव्वर को भी एक मौका और देते हुए नौ फरवरी को बयान के लिए तलब किया गया है।