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दो दोस्तों की मौत: डंपर के पलटते ही मच गई चीख-पुकार, लोग चिल्लाए- दबे हुए लोगों को निकालो, नहीं तो मर जाएंगे
Tue, 24 Jun 2025 11:22 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 24 Jun 2025 11:22 PM IST
सार
Muzaffarnagar Accident: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर बिलासपुर कट पर डंपर और पिकअप टक्कर लगने के बाद पलट गए। चपेट में आने से बाइक सवार बेहड़ा अस्सा निवासी सचिन (25) और अभिनव (24) की मौत हो गई।
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सचिन और अभिनव की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के बिलासपुर कट पर डंपर पलटते ही चीख-पुकार मच गई। घायलों की चींख दूर तक सुनी गई। आसपास के सैकड़ों लोग मौके पर एकत्र हो गए। चपेट में आए सात लोगों को बचा लिया गया, लेकिन डंपर के नीचे दब जाने से तीन युवकों को बाहर नहीं निकाला जा सका। बाद में हाइड्रा और जेसीबी की मदद से बचाया गया। घायलों को उपचार के लिए भेजा गया। वहीं वाहनों को वनवे कर निकाला गया। करीब दो घंटे राहत कार्य चलता रहा।
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बिलासपुर कट पर काफी पेड़ खड़े हैं। गर्मी में यहां मार्ग से गुजरने वाले दूरदराज के लोग वहां रुक जाते हैं। पान का खोखा, जूस बेचने वाला ठेला भी खड़ा रहता है। मंगलवार सुबह बिलासपुर निवासी राहुल ठेले पर जूस बेच रहा था। बेहड़ा अस्सा निवासी सचिन, अभिनव उर्फ छोटू और मोंटी घर से मुजफ्फरनगर जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान वह बाइक रोककर जूस पीने लगे। शामली के चौसाना क्षेत्र के गांव खेड़की निवासी बाइक सवार दोस्त वंश व हिमांशु, ककैरौली के गांव खरपोड़ निवासी शुभलेष व उसका बेटा विकास भी बाइक लेकर वहां रुक गए थे।
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मुजफ्फरनगर की एकता विहार निवासी बाइक सवार राजवीर भंडूर से लौटते समय बाइक लेकर सड़क पार करने के लिए खड़ा हो गया। मखियाली निवासी मजदूर बाबूराम शर्मा भी बैठे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज गति से आए डंपर को चालक ने अचानक बिलासपुर की ओर मोड़ दिया। अनियंत्रित डंपर पलटते ही घायलों की चीख दूर तक सुनाई दी।
हादसे में राहुल का जूस का ठेला क्षतिग्रस्त हो गया। चार बाइक डंपर के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। इन सभी को तीन हाइड्रा व एक जेसीबी की मद्द से बाहर निकाला गया। सभी वाहनों को एक पिकअप में ले जाया गया। डंपर को छोड़कर चालक फरार हो गया। आसपास के सैकड़ों लोग मदद के लिए जुट गए।
प्रधान कय्यूम, राजेंद्र और गोपी ने बताया कि बिलासपुर कट पर लगातार हादसे हो रहे हैं। यहां पुल बनवाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन किसी अधिकारी या जन प्रतिनिधि ने कोई सुनवाई नहीं की।
हादसे में राहुल का जूस का ठेला क्षतिग्रस्त हो गया। चार बाइक डंपर के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। इन सभी को तीन हाइड्रा व एक जेसीबी की मद्द से बाहर निकाला गया। सभी वाहनों को एक पिकअप में ले जाया गया। डंपर को छोड़कर चालक फरार हो गया। आसपास के सैकड़ों लोग मदद के लिए जुट गए।
प्रधान कय्यूम, राजेंद्र और गोपी ने बताया कि बिलासपुर कट पर लगातार हादसे हो रहे हैं। यहां पुल बनवाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन किसी अधिकारी या जन प्रतिनिधि ने कोई सुनवाई नहीं की।
सहारनपुर के दंपती की चली गई थी जान
बिलासपुर कट पर एक साल पहले सहानपुर निवासी सिपाही व उसकी पत्नी की हादसे में मौत हुई थी। वह दोनों भी इसी स्थान पर बाइक पर खड़े थे और एक ट्रक ने उन्हें कुचल दिया था। ट्रक में आग लग गई थी। दंपती की ट्रक के नीचे दबने व आग में जलकर मौत हो गई थी। यह दंपती मुरादाबाद जिले में पुलिस में तैनात था।
बिलासपुर कट पर एक साल पहले सहानपुर निवासी सिपाही व उसकी पत्नी की हादसे में मौत हुई थी। वह दोनों भी इसी स्थान पर बाइक पर खड़े थे और एक ट्रक ने उन्हें कुचल दिया था। ट्रक में आग लग गई थी। दंपती की ट्रक के नीचे दबने व आग में जलकर मौत हो गई थी। यह दंपती मुरादाबाद जिले में पुलिस में तैनात था।
आज बंद था पान का खोखा
बिलासपुर के प्रधान कयूम ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां कोने पर पान बेचने का खोखा है, जो रोजाना खोला जाता है। वहां आठ-दस लोग हमेशा मौजूद रहते हैं। यदि वह भी खुला होता तो और भी बड़ा हादसा हो जाता।
बिलासपुर के प्रधान कयूम ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां कोने पर पान बेचने का खोखा है, जो रोजाना खोला जाता है। वहां आठ-दस लोग हमेशा मौजूद रहते हैं। यदि वह भी खुला होता तो और भी बड़ा हादसा हो जाता।
मुजफ्फरनगर न्यायालय में जाने के लिए घर से निकले थे दोनों दोस्त
सिखेड़ा/जानसठ। गांव बेहड़ा अस्सा निवासी दोस्त सचिन, अभिनव उर्फ छोटू व मोंटी बाइक पर ही मुजफ्फरनगर न्यायालय में जाने के लिए घर से निकले थे। सचिन को अपने दोस्त अभिनव उर्फ छोटू की जमानत लेनी थी, जबकि मोंटी की जमानत गांव के अमित कुमार को कुछ देर बाद अकेले कोर्ट में जाना था। हादसे की जानकारी मिलते ही अमित गांव में ही रह गया। गांव में गम का माहौल है।
सिखेड़ा/जानसठ। गांव बेहड़ा अस्सा निवासी दोस्त सचिन, अभिनव उर्फ छोटू व मोंटी बाइक पर ही मुजफ्फरनगर न्यायालय में जाने के लिए घर से निकले थे। सचिन को अपने दोस्त अभिनव उर्फ छोटू की जमानत लेनी थी, जबकि मोंटी की जमानत गांव के अमित कुमार को कुछ देर बाद अकेले कोर्ट में जाना था। हादसे की जानकारी मिलते ही अमित गांव में ही रह गया। गांव में गम का माहौल है।
पिछले साल माह नवंबर में अभिनव उर्फ छोटू (28) और मोंटी (26) का गांव के रहने वाले युवकों के साथ झगड़ा हो गया था। दोनों का शांतिभंग में चालान कर दिया था। दोनों की एसडीएम जानसठ कोर्ट से जमानत हुई थी। इसके बाद दूसरे पक्ष ने न्यायालय में भी झगड़े का वाद दायर किया था, जिसमें कोर्ट ने अभिनव व मोंटी के एनबीडब्ल्यू वारंट जारी किए थे। मंगलवार को न्यायालय से दोनों दोस्तों की जमानत होनी थी। दोस्त सचिन, अभिनव व मोंटी एक ही बाइक पर मुजफ्फरनगर न्यायालय में जाने के लिए घर से निकले थे।
पांच बहनों का अकेला भाई था सचिन
मृतक सचिन अपनी पांच बहनों का इकलौता भाई था। पांचों बहनों की शादी हो चुकी है। सचिन विवाहित था, उसके दो साल की बेटी है। मृतक खेतीबाड़ी करता था। हादसे में सचिन की मौत होने से परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल है।
मृतक अभिनव उर्फ छोटू परिवार में सबसे बड़ा था, उसकी अभी तक शादी नहीं हुई थी। वह भी खेतीबाड़ी करता था। छोटा भाई मोनू है। अभिनव की मौत होने से परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल है। उधर, घायल दोस्त मोंटी भी परिवार में इकलौता पुत्र है।
मृतक सचिन अपनी पांच बहनों का इकलौता भाई था। पांचों बहनों की शादी हो चुकी है। सचिन विवाहित था, उसके दो साल की बेटी है। मृतक खेतीबाड़ी करता था। हादसे में सचिन की मौत होने से परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल है।
मृतक अभिनव उर्फ छोटू परिवार में सबसे बड़ा था, उसकी अभी तक शादी नहीं हुई थी। वह भी खेतीबाड़ी करता था। छोटा भाई मोनू है। अभिनव की मौत होने से परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल है। उधर, घायल दोस्त मोंटी भी परिवार में इकलौता पुत्र है।