फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Death of father, including two sons in Muzaffarnagar

मुजफ्फरनगर में दो बेटों सहित पिता की मौत, मचा कोहराम 

Sun, 18 Jun 2017 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Sun, 18 Jun 2017 12:37 AM IST
विज्ञापन
Death of father, including two sons in Muzaffarnagar
मातम करतीं युवक की विधवा और अन्य महिलाएं। - फोटो : amar ujala
 मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर के गांव दूधाहेड़ी में शुक्रवार रात जन्मदिन पार्टी में की जा रही हर्ष फायरिंग में गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर पोस्टमार्टम हाउस पर जा रहे युवक के बड़े भाई और पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई। एक ही रात परिवार के तीन सदस्यों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। हर्ष फायरिंग में मरे युवक की मौत के बाद उसके ससुराल वालों ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए मंसूरपुर थाने पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने हर्ष फायरिंग के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 
विज्ञापन


मरने वाले प्रिंस उर्फ गुड्डू (22), उसका भाई डाक्टर प्रवीण (26) और पिता सुखवीर (55) मूलरूप से गांव लुहारी खुर्द थाना चरथावल के रहने वाले थे। दलित परिवार के प्रिंस की शादी डेढ़ वर्ष पूर्व गांव जौहरा निवासी राजकुमार की पुत्री सुषमा से हुई थी। करीब छह महीने से प्रिंस अपनी ससुराल में ही रह रहा था और यहां लुहारी खुर्द निवासी संजय सैनी की इलेक्ट्रिक की दुकान पर काम करता था। उसका बड़ा भाई प्रवीण (26) पत्नी, बच्चों और पिता सुखबीर (55) के साथ मुजफ्फरनगर में जानसठ रोड पर अपने किसी रिश्तेदार के मकान में रहता था। शुक्रवार रात प्रिंस गांव लुहारी खुर्द निवासी मैजिक चालक सुनील कश्यप के साथ डीजे लेकर थाना मंसूरपुर के गांव दूधाहेड़ी निवासी उदयवीर के पौत्र के जन्मदिन पार्टी में गया था।

विज्ञापन

 

 

रात करीब दस बजे डीजे पर नाचते हुए वक्त की जा रही हर्ष फायरिंग में एक गोली प्रिंस की गर्दन में जा लगी। ग्रामीण और चालक उसे लेकर जिला अस्पताल जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। देर रात प्रिंस का बड़ा भाई डॉ प्रवीण पिता को लेकर बाइक से पोस्टमार्टम हाउस जाने के लिए निकला था। कोतवाली क्षेत्र में शिवचौक पर इनकी बाइक एक डीसीएम की चपेट में आ गई। प्रवीण ने मौके पर ही, पिता सुखबीर ने मेरठ में उपचार के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने प्रिंस के साले सोनू की तहरीर पर हर्ष फायरिंग के आरोपी गोला और दीपक के विरुद्ध हत्या और एससी-एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

दोनों भाइयों की एक साथ जली चिताएं  
चरथावल। हर्ष फायरिंग में मारे गए छोटे भाई प्रिंस को देखने जा रहे बड़े भाई प्रवीण और पिता सुखबीर  की सड़क दुर्घटना में मौत से लुहारी खुर्द में मातम पसर गया। हादसे में पिता-पुत्रों की मौत से गांव में हर कोई स्तब्ध है।  शाम को घर के आंगन से दो भाइयों की एकसाथ अर्थी उठी तो हर किसी का आंखें नम हो गईं। दोनों भाइयों की पत्नियों का रो-रोकर बुरा हाल है। मेरठ से पिता का शव आने का ग्रामीणों को इंतजार है। घर के कमाने वाले तीनों शख्स की मौत से घर के बच्चों की परवरिश की चिंता हर किसी को सता रही है।        

         
लुहारी खुर्द गांव में बाहरी छोर पर रिक्शा चलाने वाले सुक्खा उर्फ सुखबीर का परिवार रहता है। उसके दो बेटे प्रवीण और प्रिंस उर्फ गुड्डू थे। प्रवीण की शादी करीब आठ साल पूर्व नईमंडी थाना क्षेत्र के गांव बिहारी में रॉकी के साथ हुई थी। यश और गोल्डी बेटा-बेटी हैं, जबकि प्रिंस की शादी जोहरा गांव में सुषमा से करीब डेढ़ साल पूर्व हुई थी। उसकी पत्नी के एक मासूम बेटा है। प्रवीण एक महीने से पिता के साथ मुजफ्फरनगर में रह रहा था। वह बिरालसी गांव में डॉक्टरी करता था। दरअसल, उस पर बिहारी गांव में ससुराल की देखभाल का भी जिम्मा था। पिता सुक्खा अरसे से मुजफ्फरनगर शहर में रिक्शा चलाकर परिवार की देखरेख में हाथ बंटाता था, जबकि उसकी पत्नी की पहले ही मृत्यु हो गई थी।
 

 

शनिवार दोपहर से ही तीनों की  मौत की खबर से मृतकों के घर पर परिचितों और रिश्तेदारों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। घर पर महिलाओं के एक दूसरे से लिपटकर चीख सन्नाटे को चीर रही थी। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार  शाम दोनों  भाइयों के शव पहुंचे। दोनों भाइयों की चिताएं जली तो हर किसी की ऑखें नम हो गईं। पिता की मेरठ में उपचार के दौरान मौत के बाद पोस्टमार्टम देर से होने के कारण देर शाम तक उसका शव गांव नहीं पहुंच पाया। इस कारण ग्रामीण उसके शव के इंतजार में बैठे थे।  पीड़ित परिवार के घर पर  प्रधान के पति तमरेज एडवोकेट, जिला पंचायत सदस्य अजित सिंह, संजय सैनी और आशीष सैनी समेत दर्जनों लोग दिनभर पीड़ित परिवार के घर पर बैठे रहे।             



काश हेलमेट होता    तो बच जाती जान            
मुजफ्फरनगर। भाई की मौत की खबर से परेशान बड़े भाई ने जल्दबाजी में हेलमेट भी नहीं पहना था। प्रवीण अगर हेलमेट पहने होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। पुलिस को घटनास्थल से हेलमेट नहीं मिला, जिसके चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि मृतक ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था।             

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed