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Muzaffarnagar News: हिंडन के पानी से बर्बाद हो गई फसलें, बुढ़ाना में छह परिवारों को दिया आश्रय
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हिंडन नदी के पानी के तेज बहाव के कारण टूटा कुटबा सिसौली मार्ग ।
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। हिंडन नदी का पानी कम नहीं हो रहा है। किसान खेतों पर चौपट फसलों को देखकर चिंतित हैं। पानी ज्यादा होने के कारण राजस्व विभाग की टीम का सर्वे नहीं हो पा रहा है। सोमवार को जिपंस के पति एवं भाकियू के युवा मंडल अध्यक्ष ने किसानों के बीच जाकर पीड़ित किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग की।
कसौली गांव के प्रधान नंद कुमार कश्यप ने बताया नदी किनारे खेतों में आजीविका चलाने के लिए कश्यप समाज के लोग सब्जी उत्पादन करते हैं। उनके पास मामूली जमीन है। लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण सब्जी पूरी तरह नष्ट हो गई। मोनू, दिनेश, कृष्ण पाल आदि कहते हैं, इस बार उन्हें भारी नुकसान है। हिंडन का पानी सड़कों पर तेजी से चल रहा है। किसान खेत पर जा नहीं पा रहे हैं।
मतलूब राइन, आसिफ आदि कहते है हजारों बीघा भूमि पर खेती की जाती है। भाकियू नेता विकास शर्मा ने नगलां राई के जंगलों में पीड़ित किसानों के साथ जाकर मुआयना किया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गांव में निष्पक्ष सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कुल्हेड़ी और पीपलशाह में भी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। लेकिन राजस्व विभाग की टीम ने कोई दौरा नहीं किया। ब्लॉक अध्यक्ष कुलदीप त्यागी, अंकित कुमार, मनोज कुमार, ब्रजपाल राण, मुकेश राणा, विक्रांत आदि मौजूद रहे।
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- किसानों की पूरे साल नहीं उभर पाएगी आर्थिक स्थिति
कई दशक बाद हिंडन में उफान ने किसानों को अरमानों पर पानी फेर दिया। छिमाऊ के सतीश कुमार, सुरेंद्र कश्यप, मुकेश प्रधान, न्यामू में राजपाल त्यागी, कुलदीप, कुल्हेड़ी के इकबाल, दूधली के रविंद्र पुंडीर, रामभूल सिंह पुंडीर कहते है हिंडन में बाढ़ की तरह पानी आने से गन्ने का सीजन चौपट कर दिया। पशुओं के लिए चारा भी नहीं बचा। पीड़ित किसान पूरे साल प्रकृति की मार के चलते नहीं उभर पाएंगे।
- एडीएम ने किया प्रभावित क्षेत्र का दौरा, छह परिवारों को दिया आश्रय
बुढ़ाना। अपर जिलाधिकारी वित्त ने तहसीलदार के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने गांव की गलियों में पानी में घुसकर माइक द्वारा घोषणा करते हुए पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का आह्वान किया।
अपर जिलाधिकारी वित्त गजेंद्र कुमार सोमवार को तहसील क्षेत्र के अंतर्गत हिंडन नदी से प्रभावित कस्बा बुढ़ाना व आसपास के गांवों में पहुंचे तथा स्थलीय निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि कस्बे के प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन को बाढ़ आश्रय स्थल बनाया गया है। जहां पर छह परिवार आश्रय लिए हुए हैं। सभी परिवारों को नाश्ता तथा खाने की सुविधा दी गई है। बाढ़ आश्रय स्थल के निरीक्षण के दौरान उन्होने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों, चिकित्सकों की टीम व तहसीलदार को सतीश चंद्र बघेल को विशेष निर्देश दिए।
एडीएम ने कस्बा बुढ़ाना की बाढ़ प्रभावित बस्तियों तथा गांव कुतुबपुर और अटाली में जाकर पानी का जायजा लिया। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान अथवा बाढ़ आश्रय स्थल में जाने की अपील की। एडीएम वित्त ने तहसीलदार सतीश चन्द बघेल व चेयरपर्सन पति सुबोध त्यागी के साथ कस्बे के बाढ़ प्रभावित मोहल्लों का निरीक्षण किया। धोबियों वाली गली में पानी अधिक भरने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों व चेयरपर्सन पति ने पीड़ितों को सुरक्षित स्थान अथवा बाढ़ आश्रय स्थल पर जाने का आह्वान किया।
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कसौली गांव के प्रधान नंद कुमार कश्यप ने बताया नदी किनारे खेतों में आजीविका चलाने के लिए कश्यप समाज के लोग सब्जी उत्पादन करते हैं। उनके पास मामूली जमीन है। लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण सब्जी पूरी तरह नष्ट हो गई। मोनू, दिनेश, कृष्ण पाल आदि कहते हैं, इस बार उन्हें भारी नुकसान है। हिंडन का पानी सड़कों पर तेजी से चल रहा है। किसान खेत पर जा नहीं पा रहे हैं।
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मतलूब राइन, आसिफ आदि कहते है हजारों बीघा भूमि पर खेती की जाती है। भाकियू नेता विकास शर्मा ने नगलां राई के जंगलों में पीड़ित किसानों के साथ जाकर मुआयना किया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गांव में निष्पक्ष सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कुल्हेड़ी और पीपलशाह में भी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। लेकिन राजस्व विभाग की टीम ने कोई दौरा नहीं किया। ब्लॉक अध्यक्ष कुलदीप त्यागी, अंकित कुमार, मनोज कुमार, ब्रजपाल राण, मुकेश राणा, विक्रांत आदि मौजूद रहे।
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- किसानों की पूरे साल नहीं उभर पाएगी आर्थिक स्थिति
कई दशक बाद हिंडन में उफान ने किसानों को अरमानों पर पानी फेर दिया। छिमाऊ के सतीश कुमार, सुरेंद्र कश्यप, मुकेश प्रधान, न्यामू में राजपाल त्यागी, कुलदीप, कुल्हेड़ी के इकबाल, दूधली के रविंद्र पुंडीर, रामभूल सिंह पुंडीर कहते है हिंडन में बाढ़ की तरह पानी आने से गन्ने का सीजन चौपट कर दिया। पशुओं के लिए चारा भी नहीं बचा। पीड़ित किसान पूरे साल प्रकृति की मार के चलते नहीं उभर पाएंगे।
- एडीएम ने किया प्रभावित क्षेत्र का दौरा, छह परिवारों को दिया आश्रय
बुढ़ाना। अपर जिलाधिकारी वित्त ने तहसीलदार के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने गांव की गलियों में पानी में घुसकर माइक द्वारा घोषणा करते हुए पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का आह्वान किया।
अपर जिलाधिकारी वित्त गजेंद्र कुमार सोमवार को तहसील क्षेत्र के अंतर्गत हिंडन नदी से प्रभावित कस्बा बुढ़ाना व आसपास के गांवों में पहुंचे तथा स्थलीय निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि कस्बे के प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन को बाढ़ आश्रय स्थल बनाया गया है। जहां पर छह परिवार आश्रय लिए हुए हैं। सभी परिवारों को नाश्ता तथा खाने की सुविधा दी गई है। बाढ़ आश्रय स्थल के निरीक्षण के दौरान उन्होने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों, चिकित्सकों की टीम व तहसीलदार को सतीश चंद्र बघेल को विशेष निर्देश दिए।
एडीएम ने कस्बा बुढ़ाना की बाढ़ प्रभावित बस्तियों तथा गांव कुतुबपुर और अटाली में जाकर पानी का जायजा लिया। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान अथवा बाढ़ आश्रय स्थल में जाने की अपील की। एडीएम वित्त ने तहसीलदार सतीश चन्द बघेल व चेयरपर्सन पति सुबोध त्यागी के साथ कस्बे के बाढ़ प्रभावित मोहल्लों का निरीक्षण किया। धोबियों वाली गली में पानी अधिक भरने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों व चेयरपर्सन पति ने पीड़ितों को सुरक्षित स्थान अथवा बाढ़ आश्रय स्थल पर जाने का आह्वान किया।

हिंडन नदी के पानी के तेज बहाव के कारण टूटा कुटबा सिसौली मार्ग ।