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उद्योगों के सामने खड़ा हो रहा संकट: आईआईए
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मुजफ्फरनगर में बैठक करते आईआईए के पदाधिकारी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक में औद्योगिक इकाइयों के संचालन में आ रही विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई।
आईआईए के चेयरमैन विपुल भटनागर ने आय-व्यय का ब्यौरा व आगामी वर्ष का प्रस्तावित बजट सभी कार्यकारिणी सदस्यों के समक्ष रखा, जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया। उद्यमियों के सामने आ रही समस्याओं पर चर्चा हुई। जिसमें प्रमुख रुप से उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों के मद्देनजर केंद्रीय कार्यालय के निर्देशानुसार उद्योगों से संबंधित अपनी दस सूत्रीय मांगों का एक मांग पत्र सभी राजनीतिक दलों के मुखिया व जनप्रतिनिधियों को सौंपा जाएगा। उद्यमियों ने कहा कि प्रदूषण विभाग के सख्त नियमों के कारण एनसीआर के उद्योगों को संचालित करना बहुत मुश्किल हो रहा है। पीएनजी की उपलब्धता ना होना एक बहुत बड़ी समस्या है।
नीरज केडिया ने कहा कि उद्योग से निकलने वाला प्रदूषण कुल प्रदूषण के सापेक्ष बहुत कम है, परंतु उद्योग सबसे आसान टारगेट होने की वजह से सिर्फ उस पर ही पाबंदियां लगाई जाती है। पवन गोयल ने कहा कि नगरपालिका से व वाहनों के द्वारा जितना प्रदूषण किया जा रहा है, वह उद्योग के मुकाबले बहुत अधिक है। इस संबंध में एक पत्र संबंधित मंत्रालय को लिखने का निर्णय लिया गया। बैठक में अनुज स्वरूप बंसल, मनोज अरोरा, मनीष, जगमोहन, पंकज मोहन गर्ग, सुधीर, राज शाह, दीपक, नईम चांद आदि उद्यमी उपस्थित रहे।
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आईआईए के चेयरमैन विपुल भटनागर ने आय-व्यय का ब्यौरा व आगामी वर्ष का प्रस्तावित बजट सभी कार्यकारिणी सदस्यों के समक्ष रखा, जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया। उद्यमियों के सामने आ रही समस्याओं पर चर्चा हुई। जिसमें प्रमुख रुप से उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों के मद्देनजर केंद्रीय कार्यालय के निर्देशानुसार उद्योगों से संबंधित अपनी दस सूत्रीय मांगों का एक मांग पत्र सभी राजनीतिक दलों के मुखिया व जनप्रतिनिधियों को सौंपा जाएगा। उद्यमियों ने कहा कि प्रदूषण विभाग के सख्त नियमों के कारण एनसीआर के उद्योगों को संचालित करना बहुत मुश्किल हो रहा है। पीएनजी की उपलब्धता ना होना एक बहुत बड़ी समस्या है।
नीरज केडिया ने कहा कि उद्योग से निकलने वाला प्रदूषण कुल प्रदूषण के सापेक्ष बहुत कम है, परंतु उद्योग सबसे आसान टारगेट होने की वजह से सिर्फ उस पर ही पाबंदियां लगाई जाती है। पवन गोयल ने कहा कि नगरपालिका से व वाहनों के द्वारा जितना प्रदूषण किया जा रहा है, वह उद्योग के मुकाबले बहुत अधिक है। इस संबंध में एक पत्र संबंधित मंत्रालय को लिखने का निर्णय लिया गया। बैठक में अनुज स्वरूप बंसल, मनोज अरोरा, मनीष, जगमोहन, पंकज मोहन गर्ग, सुधीर, राज शाह, दीपक, नईम चांद आदि उद्यमी उपस्थित रहे।
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