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लूट के इरादे से हत्या कराने के लिए दोस्तों को किया राजी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:30 AM IST
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पुलिस गिरफ्त में फाइनेंसर का हत्यारोपी।
- फोटो : अमर उजाला
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खतौली में हत्यारोपी परमिंद्र ने फाइनेंसर गौरव नागर को लूटने के इरादे से हत्या कराने के लिए अपने दोनों साथियों को राजी किया था। फाइनेंसर की जेब से पैसे तो नहीं निकले, मगर परमिंद्र अपने मकसद में कामयाब जरुर हुआ है। हत्यारोपी मोहम्मद अब्बास ने फाइनेंसर को गोली मारी थी। पुलिस ने उसकी निशादेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और खोखा बरामद किया है। उधर, गंगनहर में फाइनेंसर का शव अभी तक नहीं मिला है। पीएसी के गोताखोर मोटरबोट लेकर गंगनहर में कांटा डालकर शव को तलाशने में लगे हुए हैं।
इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने पत्रकारों को बताया गांव सराय रसूलपुर निवासी हत्यारोपी परमिंद्र पुत्र नत्थू ने गांव पाल निवासी फाइनेंसर गौरव नागर पुत्र चंद्रपाल से पांच वर्ष पूर्व दो लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। ब्याज बढ़ते बढ़ते कर्ज छह लाख रुपये हो गया था। तीन वर्ष पूर्व फाइनेंसर ने पैसे नहीं लौटाने पर परमिंद्र की तीन बीघा जमीन और मकान की रजिस्ट्री अपनी मां कुसुम और पत्नी मधु के नाम करा दी थी।
फाइनेंसर ने खरीदी गई उस तीन बीघा जमीन को परमिंद्र को ही 12 हजार रुपये प्रतिवर्ष बंटाई पर दी और खरीदा गए उसके मकान को भी प्रतिमाह दो हजार रुपये किराए पर रहने के लिए दे दिया था। इसी दिन से परमिंद्र मन ही मन में फाइनेंसर से रंजिश रखने लगा था।
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जमीन की बंटाई और मकान के किराए के पैसों का बार बार तकादा करने को लेकर परमिंद्र ने फाइनेंसर को ठिकाने लगाने की योजना तैयार की। इसके लिए उसने गांव के ही अपने दो दोस्त मोनू और मोहम्मद अब्बास को साथ लिया। परमिंद्र ने दोनों को इस बात के लिए राजी किया था कि फाइनेंसर के पास हमेशा लाखों रुपया रहता है। हत्या करके उसके पैसे लूट लेना। लूट की रकम को भी दोनों को आपस में बंटवारा कर लेने की बात कही थी।
21 जुलाई को परमिंद्र ने फोन करके पैसे और बुग्गी खरीदवाने के बहाने से गांव बुआड़ा कलां के सामने गंगनहर की दूसरी ओर जंगल में बुलाया था। तीनों ने फाइनेंसर की हत्या उसी खेत में की, जिसे उसने परमिंद्र से खरीदा था। मोहम्मद अब्बास ने फाइनेंसर के गर्दन में गोली मारी थी। फाइनेंसर के मरने पर अब्बास और मोनू ने पैसे लूटने के लिए उसकी जेबों की तलाशी ली। मगर, जेब से पैसे नहीं मिले। लेकिन परमिंद्र अपने मकसद में कामयाब हो गया था। इसके बाद तीनों ने बाइक समेत शव को गंगनहर में फेंक दिया था। कातिलों को पकड़ कर बुधवार को पुलिस ने उनकी निशानदेही पर गंगनहर से बाइक को बरामद किया।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को हत्यारोपी मोहम्मद अब्बास की निशानदेही पर घटनास्थल के पास नत्थो के ईख के खेत से हत्या में प्रयुक्त तमंचा और खोखा बरामद कर उसे जेल भेज दिया। पुलिस हत्यारोपी परमिंद्र और उसके भाई इंद्र से पूछताछ करने में लगी है। फरार हत्यारोपी मोनू अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। गंगनहर में बृहस्पतिवार को भी फाइनेंसर का शव नहीं मिल सका। पीएसी के गोताखोर मोटरबोट लेकर कांटे डालकर गंगनहर में शव को तलाश करने में लगे हुए हैं।
हत्या की योजना चार दिन पूर्व बनाई
इंस्पेक्टर ने बताया कि हत्यारोपी परमिंद्र ने घटना से चार दिन पूर्व ही फाइनेंसर गौरव नागर की हत्या करने की योजना तैयार की थी। परमिंद्र को तीन दिन मोनू और अब्बास को राजी करने में लग गए थे। चौथे दिन परमिंद्र ने हत्या करने के लिए मोनू और अब्बास को राजी कर लिया था। दोनों लूट के पैसों के लालच में तैयार हो गए थे।
एनडीआरएफ टीम लगाने की मांग
मेरठ के सपा नेता अतुल प्रधान बृहस्पतिवार को गांव पाल में पहुंचे। सपा नेता ने फाइनेंसर गौरव नागर के पीड़ित परिवार से मिलकर घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने फाइनेंसर की हत्या पर गहरा दुख प्रकट किया और परिजनों को हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान सपा नेता ने गंगनहर से फाइनेंसर का शव जल्द तलाश कराने के लिए अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर एनडीआरएफ टीम को लगाने की मांग की।
मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
गांव पाल में फाइनेंसर गौरव की हत्या से मां कुसुम और पत्नी मधु का रो-रोकर बुरा हाल है। भाई फौजी विनीत नागर रिश्तेदारों और ग्रामीणों को साथ लेकर गंगनहर पर मृतक भाई के शव को तलाश करने में लगा है। फाइनेंसर की हत्या को लेकर ग्रामीण भी गमगीन हैं। खतौली में हत्यारोपी परमिंद्र ने फाइनेंसर गौरव नागर को लूटने के इरादे से हत्या कराने के लिए अपने दोनों साथियों को राजी किया था। फाइनेंसर की जेब से पैसे तो नहीं निकले, मगर परमिंद्र अपने मकसद में कामयाब जरुर हुआ है।
फाइनेंसर गौरव का शव गंगनहर से बरामद
खतौली। फाइनेंसर गौरव नागर के शव को पीएसी के गोताखारों ने सठेड़ी पुल के पास बरामद कर लिया। शव की पहचान परिजनों ने गौरव के रूप में की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फाइनेंसर का शव तलाश करने के लिए गंगनहर में पीएसी के गोताखोर मोटरबोट से बुधवार से ही लगे हुए थे।
बृहस्पतिवार शाम को गोताखोरों को शव रतनपुरी क्षेत्र के सठेड़ी गंगनहर पुल के पास अटका हुआ मिला। मौके पर पहुंचे परिवार के लोगों ने शव की पहचान गौरव के रूप में की। पुलिस के मुताबिक उसके सिर में गोली का घाव था और दाहिना पैर किसी धारदार हथियार से कटा हुआ था, जो कि सिर्फ खाल से ही जुड़ा हुआ था। शव के मिलने की खबर लगते ही परिवार में कोहराम मच गया।
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इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने पत्रकारों को बताया गांव सराय रसूलपुर निवासी हत्यारोपी परमिंद्र पुत्र नत्थू ने गांव पाल निवासी फाइनेंसर गौरव नागर पुत्र चंद्रपाल से पांच वर्ष पूर्व दो लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। ब्याज बढ़ते बढ़ते कर्ज छह लाख रुपये हो गया था। तीन वर्ष पूर्व फाइनेंसर ने पैसे नहीं लौटाने पर परमिंद्र की तीन बीघा जमीन और मकान की रजिस्ट्री अपनी मां कुसुम और पत्नी मधु के नाम करा दी थी।
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फाइनेंसर ने खरीदी गई उस तीन बीघा जमीन को परमिंद्र को ही 12 हजार रुपये प्रतिवर्ष बंटाई पर दी और खरीदा गए उसके मकान को भी प्रतिमाह दो हजार रुपये किराए पर रहने के लिए दे दिया था। इसी दिन से परमिंद्र मन ही मन में फाइनेंसर से रंजिश रखने लगा था।
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जमीन की बंटाई और मकान के किराए के पैसों का बार बार तकादा करने को लेकर परमिंद्र ने फाइनेंसर को ठिकाने लगाने की योजना तैयार की। इसके लिए उसने गांव के ही अपने दो दोस्त मोनू और मोहम्मद अब्बास को साथ लिया। परमिंद्र ने दोनों को इस बात के लिए राजी किया था कि फाइनेंसर के पास हमेशा लाखों रुपया रहता है। हत्या करके उसके पैसे लूट लेना। लूट की रकम को भी दोनों को आपस में बंटवारा कर लेने की बात कही थी।
21 जुलाई को परमिंद्र ने फोन करके पैसे और बुग्गी खरीदवाने के बहाने से गांव बुआड़ा कलां के सामने गंगनहर की दूसरी ओर जंगल में बुलाया था। तीनों ने फाइनेंसर की हत्या उसी खेत में की, जिसे उसने परमिंद्र से खरीदा था। मोहम्मद अब्बास ने फाइनेंसर के गर्दन में गोली मारी थी। फाइनेंसर के मरने पर अब्बास और मोनू ने पैसे लूटने के लिए उसकी जेबों की तलाशी ली। मगर, जेब से पैसे नहीं मिले। लेकिन परमिंद्र अपने मकसद में कामयाब हो गया था। इसके बाद तीनों ने बाइक समेत शव को गंगनहर में फेंक दिया था। कातिलों को पकड़ कर बुधवार को पुलिस ने उनकी निशानदेही पर गंगनहर से बाइक को बरामद किया।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को हत्यारोपी मोहम्मद अब्बास की निशानदेही पर घटनास्थल के पास नत्थो के ईख के खेत से हत्या में प्रयुक्त तमंचा और खोखा बरामद कर उसे जेल भेज दिया। पुलिस हत्यारोपी परमिंद्र और उसके भाई इंद्र से पूछताछ करने में लगी है। फरार हत्यारोपी मोनू अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। गंगनहर में बृहस्पतिवार को भी फाइनेंसर का शव नहीं मिल सका। पीएसी के गोताखोर मोटरबोट लेकर कांटे डालकर गंगनहर में शव को तलाश करने में लगे हुए हैं।
हत्या की योजना चार दिन पूर्व बनाई
इंस्पेक्टर ने बताया कि हत्यारोपी परमिंद्र ने घटना से चार दिन पूर्व ही फाइनेंसर गौरव नागर की हत्या करने की योजना तैयार की थी। परमिंद्र को तीन दिन मोनू और अब्बास को राजी करने में लग गए थे। चौथे दिन परमिंद्र ने हत्या करने के लिए मोनू और अब्बास को राजी कर लिया था। दोनों लूट के पैसों के लालच में तैयार हो गए थे।
एनडीआरएफ टीम लगाने की मांग
मेरठ के सपा नेता अतुल प्रधान बृहस्पतिवार को गांव पाल में पहुंचे। सपा नेता ने फाइनेंसर गौरव नागर के पीड़ित परिवार से मिलकर घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने फाइनेंसर की हत्या पर गहरा दुख प्रकट किया और परिजनों को हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान सपा नेता ने गंगनहर से फाइनेंसर का शव जल्द तलाश कराने के लिए अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर एनडीआरएफ टीम को लगाने की मांग की।
मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
गांव पाल में फाइनेंसर गौरव की हत्या से मां कुसुम और पत्नी मधु का रो-रोकर बुरा हाल है। भाई फौजी विनीत नागर रिश्तेदारों और ग्रामीणों को साथ लेकर गंगनहर पर मृतक भाई के शव को तलाश करने में लगा है। फाइनेंसर की हत्या को लेकर ग्रामीण भी गमगीन हैं। खतौली में हत्यारोपी परमिंद्र ने फाइनेंसर गौरव नागर को लूटने के इरादे से हत्या कराने के लिए अपने दोनों साथियों को राजी किया था। फाइनेंसर की जेब से पैसे तो नहीं निकले, मगर परमिंद्र अपने मकसद में कामयाब जरुर हुआ है।
फाइनेंसर गौरव का शव गंगनहर से बरामद
खतौली। फाइनेंसर गौरव नागर के शव को पीएसी के गोताखारों ने सठेड़ी पुल के पास बरामद कर लिया। शव की पहचान परिजनों ने गौरव के रूप में की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फाइनेंसर का शव तलाश करने के लिए गंगनहर में पीएसी के गोताखोर मोटरबोट से बुधवार से ही लगे हुए थे।
बृहस्पतिवार शाम को गोताखोरों को शव रतनपुरी क्षेत्र के सठेड़ी गंगनहर पुल के पास अटका हुआ मिला। मौके पर पहुंचे परिवार के लोगों ने शव की पहचान गौरव के रूप में की। पुलिस के मुताबिक उसके सिर में गोली का घाव था और दाहिना पैर किसी धारदार हथियार से कटा हुआ था, जो कि सिर्फ खाल से ही जुड़ा हुआ था। शव के मिलने की खबर लगते ही परिवार में कोहराम मच गया।