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खुद को गोली क्यों मारते अपराधी?  

Fri, 23 Sep 2016 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Fri, 23 Sep 2016 01:20 AM IST
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Why kill the offender shot himself?
मकान के बाहर तैनात पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
कड़कड़ाती बिजली के साथ बरसता पानी, गोलियों की तड़तड़ाहट और तीन युवक ढेर। बुधवार रात डेढ़ से तीन बजे के बीच घासीपुरा गांव में बस्ती से दूर ऐसा ही वाकया हुआ। घटनास्थल के इर्द-गिर्द भारी पुलिस फोर्स और अफसर मुस्तैद दिखे। पुलिस मुठभेड़ से इंकार कर रही  है। यानि बदमाश आपस में ही एक दूसरे के निशाने पर आ गए। घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी भी नहीं है। 
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घासीपुरा में देवी मां के मंदिर के पीछे बस्ती के जंगल से जुड़े किनारे पर वह मकान है, जिसकी छत पर गोलियों से छलनी तीन युवकों की लाशें पड़ी थीं। रात डेढ़ बजे का वक्त था। बारिश हो रही थी। अचानक फायरिंग से पूरी बस्ती थर्रा गई। कोई घर से बाहर झांकने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। करीब दो बजे कई थानों के पुलिस फोर्स ने मकान को घेर लिया। भय और आशंका में पुलिस भी आगे बढ़ने का साहस नहीं जुटा पा रही थी। मकान का लोहे का मेनगेट भी नहीं खुला।
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फायरिंग के काफी देर बाद पुलिस सीढ़ी के सहारे छत पर चढ़ी। एसपी क्राइम प्रदीप गुप्ता और खतौली कोतवाल पंकज त्यागी की मोर्चेबंदी में पुलिस ने देखा तो छत पर बारिश में भीगती तीन युवकों की लाशें नजर आईं। घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। तमाम आला अफसर मुठभेड़ से इंकार कर रहे हैं। आमने-सामने की फायरिंग के भी निशान नहीं मिले हैं। पुलिस के मुताबिक उक्त मकान पर संदिग्ध युवकों के ठहरने की सूचना मुखबिर से मिली थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो इलाके की बत्ती भी गुल थी। मोबाइल का नेटवर्क भी गायब था। घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी भी नहीं मिला।
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पुलिस ने लाशों को छत से उतारकर पंचनामे की तैयारी शुरू की, तब तक दिन निकल चुका था। मेरठ रेंज के आईजी अजय आनंद और सहारनपुर मंडल के डीआईजी जेके शाही ने मौके का निरीक्षण किया। आईजी ने पुलिस की पीठ भी थपथपाई। घटना का सच क्या है, इसको लेकर इलाके में अलग-अलग कयास हैं। अफसरों से सवाल किया गया तो वह मुखबिर का नाम बताने से कतराते रहे।


जांच का बिंदु यह है कि यदि पुलिस की कोई मुठभेड़ नहीं हुई है तो तीनों संदिग्ध युवकों ने आखिर क्यों एक दूसरे को निशाना बना लिया, या कातिल कोई और है। हालांकि अभी तक की तफ्तीश में यह सामने आया है कि मारे गए तीन युवकों में शामली के गांव मालेंडी निवासी गौरव श्योरान पुत्र त्रिलोक और बागपत के बदरखा गांव का सचिन पुत्र ओमकार की क्राइम हिस्ट्री मिली है, जबकि तीसरे दीपक राठी की अभी तक पहचान तस्दीक नहीं हो पाई है।
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