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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Truth of video found not found

सामने नहीं आ पाया वीडियो का सच

Sun, 16 Apr 2017 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Sun, 16 Apr 2017 12:40 AM IST
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Truth of video found not found
जांच - फोटो : demopic
मुजफ्फरनगर। चर्चित कवाल कांड को लेकर वायरल हुई कथित वीडियो क्लिप का सच साढ़े तीन साल बाद भी सामने नहीं आ सका। वीडियो कहां से अपलोड हुई, किसने की और कहां की यह वीडियो थी, जिसे देखने के बाद लोगों की भावनाएं भड़की। तमाम सवालों का जवाब न पुलिस के पास है और न ही एसआईटी के पास। फेसबुक मुख्यालय से कोई मदद नहीं मिलने पर विधायक के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिल पाया। नामजद किए गए शिवम को भी पुलिस तलाश नहीं पाई हैं।      
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जनपद में जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को कवाल कांड हुआ था। झगड़े में शाहनवाज की मौत के बाद भीड़ ने मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की बेरहमी से हत्या कर दी थी। कवाल कांड के अगले ही दिन फेसबुक पर एक कथित वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दो युवकों की भीड़ द्वारा बर्बरतापूर्वक हत्या करते हुए दिखाया गया था, तब यह प्रचारित किया गया था कि यह कवाल कांड की वीडियो है। कवाल कांड के बाद ही जिले में दंगा भड़का था। वीडियो वायरल करने का आरोप भाजपा विधायक संगीत सोम पर लगाया गया था। अधिकारियों के आदेश पर 29 अगस्त 2013 को शहर कोतवाली पर पुलिस की ओर से इस संबंध में शिवम नामक युवक के साथ ही भाजपा विधायक संगीत सोम के खिलाफ धारा 153 ए, 420, 120बी और 66 आईटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप लगाया था कि शिवम नामक युवक के अकाउंट से ही विधायक ने यह वीडियो शेयर की है। 26 जून 2015 को इस केस की जांच एसआईटी को सौंप दी गई। साढ़े तीन साल में पुलिस और एसआईटी न तो वीडियो का सच सामने ला पाई और न ही शिवम तलाश सकी। 
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वीडियो के मेन अकाउंट के बारे में एसआईटी ने सीबीआई से भी मदद ली। सीबीआई ने इंटरपोल की मदद से अमेरिका स्थित फेसबुक मुख्यालय से इस संबंध में मेन अकाउंट की जानकारी मांगी, मगर एक साल से ज्यादा का डाटा होने से इंकार कर दिया। विधायक संगीत सोम के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं जुटा सकी, जिस कारण उन्हें क्लीनचिट मिलनी तय है।        
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