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कब्र से शव निकलवाया
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 04 Sep 2016 12:20 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
मोरना। प्रेम प्रसंग में हत्या करने की आशंका पर पुलिस ने साढे चार माह बाद कार्रवाई करते हुए शव को कब्र से निकलवाया। चिकित्सकों ने विसरा लेकर जांच के लिए भेज दिया है।
थाना ककरौली क्षेत्र के गांव तेवड़ा निवासी जावेद पुत्र शहीद ने उच्चाधिकारियों को तहरीर देकर बताया कि उसके चाचा शरीफ पुत्र भूरा का अशरफ पुत्र भूरा व गुलफाम, इरफान, अहसान पुत्रगण अशरफ से जमीन का विवाद चल रहा था। 29 सितंबर 2015 को भाई व भतीजों द्वारा शरीफ हत्या की आशंका को लेकर थाना ककरौली में तहरीर दी गयी थी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने धारा 156(3) के तहत मामला दर्ज किया था।
जावेद का आरोप था कि मृतक चाचा शरीफ की पत्नी के संबंध गुलफाम से हो गये थे तथा इन सभी ने योजनाबद्ध तरीके से 23 अप्रैल 2016 को गला घोंटकर चाचा शरीफ की हत्या कर दी थी। हत्या करते हुए गांव के ही दो व्यक्तियों ने देख लिया तथा शोर मचा दिया था। जावेद सहित परिवार के अन्य लोगों ने अशरफ के गले पर रस्सी के निशानों को स्पष्ट देखा तथा ककरौली पुलिस को घटना की सूचना दी थी लेकिन उस वक्त पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी।
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पुलिस की लापरवाही के चलते शव को आनन-फानन में दफना दिया गया था। भतीजे जावेद ने हत्या की आशंका को लेकर एसएसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
एसएसपी की कार्रवाई पर डीएम के आदेश पर पुलिस ने शनिवार को कब्र खुदवाकर शव को बाहर निकलवाया। चिकित्सकों की टीम ने हत्या की पुष्टि के लिए विसरा जांच के लिए भेज दिया है।
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थाना ककरौली क्षेत्र के गांव तेवड़ा निवासी जावेद पुत्र शहीद ने उच्चाधिकारियों को तहरीर देकर बताया कि उसके चाचा शरीफ पुत्र भूरा का अशरफ पुत्र भूरा व गुलफाम, इरफान, अहसान पुत्रगण अशरफ से जमीन का विवाद चल रहा था। 29 सितंबर 2015 को भाई व भतीजों द्वारा शरीफ हत्या की आशंका को लेकर थाना ककरौली में तहरीर दी गयी थी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने धारा 156(3) के तहत मामला दर्ज किया था।
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जावेद का आरोप था कि मृतक चाचा शरीफ की पत्नी के संबंध गुलफाम से हो गये थे तथा इन सभी ने योजनाबद्ध तरीके से 23 अप्रैल 2016 को गला घोंटकर चाचा शरीफ की हत्या कर दी थी। हत्या करते हुए गांव के ही दो व्यक्तियों ने देख लिया तथा शोर मचा दिया था। जावेद सहित परिवार के अन्य लोगों ने अशरफ के गले पर रस्सी के निशानों को स्पष्ट देखा तथा ककरौली पुलिस को घटना की सूचना दी थी लेकिन उस वक्त पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी।
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पुलिस की लापरवाही के चलते शव को आनन-फानन में दफना दिया गया था। भतीजे जावेद ने हत्या की आशंका को लेकर एसएसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
एसएसपी की कार्रवाई पर डीएम के आदेश पर पुलिस ने शनिवार को कब्र खुदवाकर शव को बाहर निकलवाया। चिकित्सकों की टीम ने हत्या की पुष्टि के लिए विसरा जांच के लिए भेज दिया है।