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युवती का पता नहीं, अपहरण का आरोपी भेज दिया जेल
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 27 Feb 2017 12:15 AM IST
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युवती की बरामदगी की मांग को लेकर जाम लगाते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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खतौली में दो माह पूर्व अपहरण की गई युवती को बरामद किए बिना ही पुलिस ने नामजद सस्पेंड सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साएं लोगों ने कोतवाली के सामने जाम लगा दिया और महिलाएं सड़क पर धरना देकर बैठ गईं। जाम खुलवाने के दौरान पुलिस और महिलाओं में काफी नोकझोंक हुई। सीओ हरिराम यादव ने युवती बरामद करने के लिए आठ दिन का समय मांगा, तब कहीं जाकर एक घंटे बाद लोगों ने जाम खोला।
मोहल्ला सराफान निवासी व्यक्ति की बेटी को 27 दिसंबर को मोहल्ला बिद्दीवाड़ा निवासी सिपाही मोहम्मद मियां अपहरण कर ले गया था। पिता ने आरोपी सिपाही के विरुद्ध थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। सिपाही की गाजियाबाद में तैनाती है। अपहरण का मुकदमा दर्ज होने पर पुलिस अधिकारियों ने सिपाही को सस्पेंड कर दिया था। आरोपी सिपाही घटना के दिन से ही फरार चल रहा था। पुलिस दो माह तक युवती को बरामद नहीं कर सकी है। जिसको लेकर मोहल्ले के लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
24 फरवरी को मोहल्ला सराफान में सर्वसमाज की एक पंचायत हुई थी। जिसमें पहुंचे सीओ हरिराम यादव ने युवती को शीघ्र बरामद करने का आश्वासन दिया था। रविवार को पुलिस ने सस्पेंड सिपाही मोहम्मद मियां को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पकड़े जाने पर पीड़ित परिवार और मोहल्ले के लोग एकत्र होकर कोतवाली में पहुंचे। सीओ ने आरोपी से पूछताछ की। पुलिस ने युवती को बरामद किए बिना ही आरोपी को जेल भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साएं लोगों ने कोतवाली के सामने जीटी रोड पर जाम लगा दिया और महिलाएं सड़क पर धरना देकर बैठ गई।
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पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ युवती की बरामदगी की मांग पर अडिग रही। इस दौरान जाम खुलवाने को लेकर महिलाओं की पुलिस के साथ भी काफी झड़प हुई। जाम लगाने की सूचना पर सीओ हरिराम यादव मौके पर पहुंचे। सीओ ने युवती को आठ दिन के भीतर सकुशल बरामद करने का आश्वासन दिया। सीओ के आश्वासन पर ही लोगों ने करीब एक घंटे से जारी जाम को खोला। पीड़ित परिवार व मोहल्ले के लोगों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आठ दिन के भीतर युवती बरामद कर उनको नहीं सौंपी गई तो वे कोतवाली सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
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मोहल्ला सराफान निवासी व्यक्ति की बेटी को 27 दिसंबर को मोहल्ला बिद्दीवाड़ा निवासी सिपाही मोहम्मद मियां अपहरण कर ले गया था। पिता ने आरोपी सिपाही के विरुद्ध थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। सिपाही की गाजियाबाद में तैनाती है। अपहरण का मुकदमा दर्ज होने पर पुलिस अधिकारियों ने सिपाही को सस्पेंड कर दिया था। आरोपी सिपाही घटना के दिन से ही फरार चल रहा था। पुलिस दो माह तक युवती को बरामद नहीं कर सकी है। जिसको लेकर मोहल्ले के लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
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24 फरवरी को मोहल्ला सराफान में सर्वसमाज की एक पंचायत हुई थी। जिसमें पहुंचे सीओ हरिराम यादव ने युवती को शीघ्र बरामद करने का आश्वासन दिया था। रविवार को पुलिस ने सस्पेंड सिपाही मोहम्मद मियां को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पकड़े जाने पर पीड़ित परिवार और मोहल्ले के लोग एकत्र होकर कोतवाली में पहुंचे। सीओ ने आरोपी से पूछताछ की। पुलिस ने युवती को बरामद किए बिना ही आरोपी को जेल भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साएं लोगों ने कोतवाली के सामने जीटी रोड पर जाम लगा दिया और महिलाएं सड़क पर धरना देकर बैठ गई।
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पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ युवती की बरामदगी की मांग पर अडिग रही। इस दौरान जाम खुलवाने को लेकर महिलाओं की पुलिस के साथ भी काफी झड़प हुई। जाम लगाने की सूचना पर सीओ हरिराम यादव मौके पर पहुंचे। सीओ ने युवती को आठ दिन के भीतर सकुशल बरामद करने का आश्वासन दिया। सीओ के आश्वासन पर ही लोगों ने करीब एक घंटे से जारी जाम को खोला। पीड़ित परिवार व मोहल्ले के लोगों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आठ दिन के भीतर युवती बरामद कर उनको नहीं सौंपी गई तो वे कोतवाली सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।