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मुजफ्फरनगर में सात हत्यारों को फांसी की सजा

Wed, 21 Nov 2018 12:31 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Updated Wed, 21 Nov 2018 12:31 AM IST
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Seven killers hanging in Muzaffarnagar
फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद हत्यारों को जेल लेकर जाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
नौ वर्ष पुराने हरसौली गांव के नसीम हत्याकांड में मंगलवार को सात अभियुक्तों को एडीजे-11 राजेश भारद्वाज की कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। सभी अभियुक्त वारदात के बाद से ही जेल में बंद हैं। वहीं, इसी मामले के क्रास केस में इसी कोर्ट ने नसीम पक्ष के तीन लोगों को सोमवार को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता कमलकांत के मुताबिक घटना 25 फरवरी 2010 की है। शाहपुर थानांतर्गत हरसौली गांव में वॉलीबाल खेलते हुए नसीम, उसके भाई खलील का कुछ युवकों से झगड़ा हुआ था। दूसरे पक्ष के सादिक, शाहिद पुत्रगण इकबाल, अरशद पुत्र फरजुला, राशिद पुत्र इशलाक, सरफराज पुत्र शौकत अली, फारूख पुत्र इस्लामू और मुमताज पुत्र इस्माइल इनके घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
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गोली लगने से नसीम, खलील के अलावा रैयान और शाकिर भी घायल हुए। घायल नसीम की अस्पताल में मौत हो गई थी और खलील को भर्ती कर लिया गया था। शाकिर और रैयान को उपचार देकर घर भेज दिया गया था। नसीम की हत्या और खलील के घायल होने पर इनके भाई इरफान ने सभी सात के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था। मामला अपर सत्र न्यायाधीश-11 राजेश भारद्वाज की कोर्ट में प्रस्तुत हुआ। एडीजीसी कमलकांत ने नसीम की हत्या के मामले में अभियुक्तों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए घटना में घायल हुए खलील, शाकिर और रैयान समेत कुल नौ गवाह पेश किए। कोर्ट ने सभी सात अभियुक्तों सरफराज, शाहिद, अरशद, सादिक़, राशिद, फारूख और मुमताज निवासीगण हरसौली को नसीम की हत्या और अन्य धाराओं में दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद सभी को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया। इन सभी अभियुक्तों को बीते पौने नौ साल में जमानत नहीं मिली पाई थी।
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