मुजफ्फरनगर: मासूम परी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, खौफनाक तरीके से किया था बच्ची का मर्डर
- राजमिस्त्री ने की थी मासूम परी की हत्या
- दुष्कर्म का प्रयास करते वक्त दबा दिया था बच्ची का मुंह
- मकान मालिक ने टैंक में शव फेंकने में साथ दिया
- पुलिस ने आरोपी राजमिस्त्री व मकान मालिक को जेल भेजा
विस्तार
मुजफ्फरनगर के जानसठ में चार वर्षीय परी का हत्यारा मोहल्ले में ही मकान का निर्माण करने वाला राजमिस्त्री निकला। आरोपी ने दुष्कर्म करने के इरादे से बच्ची का मुंह दबाया। दम घुटने से बच्ची की मौत हो गई। राजमिस्त्री को बचाने के लिए मकान मालिक ने भी साथ दिया। बच्ची के शव को पानी के टैंक में फेंकने के लिए मकान मालिक ने साथ दिया था। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए राजमिस्त्री व मकान मालिक को जेल भेज दिया है।
शुक्रवार को कोतवाली जानसठ में सीओ भोपा सोमेंद्र कुमार नेगी ने बताया कि कस्बे के मोहल्ला जन्नताबाद निवासी मोहसिन फरीदी की चार वर्षीय पुत्री अलीजा उर्फ परी पांच मार्च को गली में खेल रही थी। मोहसिन फरीदी के मकान के पास ही कैलावड़ा निवासी व हाल निवासी मोहल्ला जुमा निवासी दिलशाद पुत्र फैय्याज के मकान का निर्माण चल रहा है। निर्माण मोहल्ला जुमा निवासी राजमिस्त्री अफजल पुत्र अकबर कर रहा था।
सीओ ने बताया कि राजमिस्त्री अफजल ही बदनीयती से खेलते हुए बच्ची परी को टॉफी देकर निर्माणाधीन मकान के अंदर ले गया। अफजल बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने लगा। बच्ची रोने लगी तो अफजल ने उसका मुंह दबा दिया। दम घुटने से बच्ची मर गई। इस दौरान मकान मालिक दिलशाद भी मौके पर मौजूद था। राजमिस्त्री और मकान मालिक दोनों आपस में रिश्तेदार भी हैं। मकान मालिक ने राजमिस्त्री का साथ देते हुए बच्ची के शव को अपने मकान में बने शौचालय के टैंक में फेंक दिया था। पुलिस ने छह मार्च को बच्ची के शव को निर्माणाधीन दिलशाद के मकान के अंदर शौचालय के टैंक से बरामद किया था।
सीओ ने बताया कि दोनों आरोपियों राजमिस्त्री अफजल व मकान मालिक दिलशाद को पकड़ लिया, आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
टैंक से शव निकालने का मौका नहीं मिला
इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने बताया कि आरोपियों को शौचालय के टैंक से रात्रि के समय बच्ची का शव निकालने का मौका नहीं मिला। राजमिस्त्री अफजल और मकान मालिक दिलशाद का मकसद था कि रात्रि में टैंक से शव निकालकर कहीं और ठिकाने लगा देंगे, लेकिन पुलिस बल का मोहल्ले में तैनाती होना और बच्ची के परिजनों के घर मिलने वाले लोगों का तांता लगने की वजह से आरोपियों का टैंक से शव निकालने का मौका नहीं मिला।
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दो मजदूरों और मनोरोगी को छोड़ा
परी हत्याकांड में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने राजमिस्त्री, मकान मालिक और दो मजदूरों को पांच मार्च को हिरासत में ले लिया था। गुरुवार को पुलिस ने एक मनोरोगी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, जिसे लेकर लोगों ने हंगामा किया था। गुरुवार की रात्रि में ही मनोरोगी युवक को छोड़ दिया गया था। इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने बताया कि हत्याकांड में जांच पड़ताल करने पर पता चला कि राजमिस्त्री और मकान मालिक ही आरोपी हैं, इसलिए बाकी सभी को छोड़ दिया गया है।
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