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आसाराम के गुर्गे ने खोले कत्ल के राज  

Sat, 13 Aug 2016 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Sat, 13 Aug 2016 12:48 AM IST
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Murder rule
पुलिस गिरफ्त में अखिल का हत्यारोपी नीरज। - फोटो : अमर उजाला
रिमांड पर लिए संत आसाराम के एक गुर्गे ने डेढ़ साल बाद रसोइए अखिल गुप्ता की हत्या के एक-एक कर सारे राज खोल दिए। कातिल पुलिस को शहर के उस मकान तक भी ले गया, जहां एक माह रहकर उन्होंने रेकी की थी। वारदात का पूरा खाका आसाराम के अहमदाबाद आश्रम के वकील ने तैयार किया था। कत्ल करने के बाद शातिर भागे नहीं, बल्कि कमरे पर आकर सो गए। अगले दिन अखबारों में खबर पढ़कर तसल्ली होने के बाद ही गए। 
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 आसाराम के रसोइए एवं अखिल गुप्ता की 11 जनवरी 2015 को जानसठ रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद में वारदात का मुख्य शूटर कार्तिक हलदार भी पकड़ा गया और वह अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है। पुलिस से पूछताछ में उसने नीरज नाम के एक और व्यक्ति का नाम लिया। पुलिस नीरज की तलाश में जुटी थी। इसी बीच नीरज देवबंद के मिरगपुर गांव से गाय चोरी के मामले में पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान उसने अखिल गुप्ता की हत्या भी स्वीकार की। इस पर नईमंडी पुलिस ने नीरज को रिमांड पर लिया। सुबह देवबंद जेल से पुलिस 12 घंटे के रिमांड पर नीरज को यहां लेकर पहुंची।
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थाना प्रभारी रोजंत त्यागी और सीओ शिवराज सिंह ने उससे पूछताछ की। नीरज ने सिलसिलेवार पुलिस को वारदात की पूरी कहानी बताई। बकौल पुलिस, नीरज ने बताया कि वह आसाराम का भक्त है और गाजियाबाद के नंदग्राम आश्रम में धार्मिक किताबों की दुकान संभालता था। संत आसाराम के जेल जाने के बाद उनके तमाम अनुयायी परेशान थे। अहमदाबाद के आश्रम में अनुयायियों की बैठक हुई, जिसमें वकील प्रवीण ने बताया कि गवाहों को रास्ते से हटाने पर ही बापू बाहर आ सकते हैं।
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कत्ल का जिम्मा कार्तिक हलदर को सौंपा गया। कार्तिक ने उससे संपर्क किया और कहा कि वह अखिल की पहचान कराए। नीरज अखिल और उसकी पत्नी वर्षा को पहचानता था। उसकी जान-पहचान आश्रम के कार्यक्रमों में हुई थी। वारदात से एक माह पहले उन्होंने शहर के बारादरी मोहल्ले में विधवा रामोदेवी के मकान में कमरा लिया। 500 रुपये एडवांस देकर बाकि रकम महीना पूरा होने पर देने की बात तय हुई। एक महीने तक वह अखिल की रेकी करते रहे।

10 जनवरी को पश्चिम बंगाल निवासी कार्तिक हलदार, नीरज के अलावा छत्तीसगढ़ के रायपुर का तमराज, यूपी के सीतापुर का रहने वाला राहुल उर्फ अंकित और मध्यप्रदेश का बलवीर कमरे पर पहुंच गए। 11 जनवरी को शाम सात बजे के आसपास अखिल अपने घर के लिए निकला, तो बाइक से पीछे लग गए। जानसठ बस स्टैंड से आगे पहुंचने पर बलवीर, राहुल और नीरज ने इशारे से बताया और कार्तिक ने तमंचे से अखिल को गोली मार दी।


बाइक तमराज चला रहा था और कार्तिक पीछे बैठा हुआ था। वारदात को अंजाम देकर बाइक उन्होंने नाले के पास छोड़ दी और वापस कमरे पर पहुंच गए। अगले दिन अखबारों में खबर पढ़ी और तसल्ली होने के बाद आराम से बस में बैठकर गाजियाबाद चले गए। महिला ने नीरज की पहचान कर शिनाख्त की। नीरज ने एक खंभे के नीचे से तमंचा और कारतूस बरामद कराया है। 
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