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बहू का मुंह नहीं देख सकी सास नाजमा

Sun, 29 Apr 2018 12:01 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर। Updated Sun, 29 Apr 2018 12:01 AM IST
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Mother's mother could not see her mother-in-law
muder - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। मां नाजमा बेटे की बहू का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। तमाम तैयारियां पूरी थी। बेटे मोहम्मद शाहजेब से फोन पर बात हुई, बताया कि मोहद्दीनपुर में दीपक ढाबे पर भोजन कर चल दिए हैं, अब डेढ़ घंटे में पहुंच जाएंगे। यह सुन कर मां प्रफुल्लित हो उठी, मगर नियति को कुछ और ही मंजूर था। आधे घंटे बाद ही बेटे का फोन आया- अम्मी.....बदमाशों ने फरहाना को गोली मार दी..., इतना सुनते ही मां नाजमा गश खाकर गिर पड़ी। परिवार में कोहराम मच गया। बेटे की निकाह की खुशियां मातम में बदल गई। शाहजेब का घर बसने से पहले ही उजड़ चुका था, जिसने भी सुना वह सन्न रह गया।   
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मिमलाना रोड निवासी ट्रक चालक शमशाद उर्फ बाबू के दो बेटे और एक बेटी है। शमशाद और नाजमा ने कई साल पहले अपनी बेटी बुशरा की शादी कर दी थी। अब उनका अरमान था कि वह घर में बहु लाए, जो बेटी की कमी को पूरा कर सके। बड़े अरमानों से महविश परवीन को बहू बनाने का सपना संजोया था। शाहजेब भी ड्राइवर है। सात माह पहले उनका रिश्ता तय कर दिया था। महविश परवीन के पिता फरमान की तबियत खराब होने के कारण उन्होंने सामूहिक विवाह के दौरान ही महविश परवीन से निकाह करना तय किया था। घर में शादी की पूरी तैयारियां थी।
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पूरे घर और गली को रंगीन रोशनी से सजाया था। दूल्हे बने शाहजेब की कार से भी एलईडी से सजाया गया था। शुक्रवार को बेटे की बरात गई। बहनोई सलमान ने करीब दो लाख के हार का सेहरा शाहजेब को बांधा था। मां नाजमा बहू के आगमन को लेकर तैयारियों में जुटी थी। मगर वह बहू का मुंह नहीं देख सकी। रास्ते में ही बदमाशों ने बहू की गोली मार कर हत्या कर दी।  
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दुल्हन के बजाए घर में उसकी मौत की खबर पहुंची, तो घर में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद ससुराल वालों ने मायके वालों से कई बार आग्रह किया कि महविश परवीन का शव कुछ देर के लिए ससुराल लेकर चले, ताकि शाहजेब की मां उसे देख सके, मगर परिजनों ने इंकार कर दिया। वहीं, मुजफ्फरनगर में शाहजेब के दोस्त सुऐब ने बताया कि वापसी में गंग नहर की पटरी से आने का प्रोग्राम था। मसूरी से सभी गंग नहर की पटरी से आ रहे थे, मगर मुरादनगर से शाहजेब ने अपनी कार हाइवे पर मोड़ दी। काश वह गंग नहर की पटरी से होकर आता तो यह घटना न होती।
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