फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Meet militant Abdullah

कुटेसरा के लोगों की एक बरात के दौरान हुई थी अब्दुल्ला से मुलाकात          

Tue, 08 Aug 2017 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Tue, 08 Aug 2017 12:28 AM IST
विज्ञापन
Meet militant Abdullah
इसी स्थान से गिरफ्तार किया अब्दुल्ला। - फोटो : अमर उजाला
चरथावल धार्मिक स्थल में इमामत के नाम पर पनाह लेने वाले आतंकी की गिरफ्तारी के बाद दूसरे दिन भी ग्रामीणों में चर्चा छिड़ी रही। एटीएस की गिरफ्तारी के बाद इमाम की करतूत सामने आने के बाद ग्रामीण खफा हैं। यह बात भी खुलकर सामने आई कि कुछ माह पहले गांव की बरात के दौरान अंबेहटा में अब्दुल्ला ने जुमे की नमाज पढ़वाई थी। उसका तरीका गांव वालों को भा गया, तभी गांव के लोग उसे कुटेसरा आने का न्योता दे आए थे।              
विज्ञापन


एटीएस टीम कुटेसरा से पकड़े गए बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला को लखनऊ लेकर चली गई। गांव में चौपालों पर यहीं चर्चा छिड़ी रही कि आखिर वह किसके लिए काम कर रहा था। उसका मकसद यहां पनाह लेना था या फिर उसका टारगेट कुछ और था। गांव के शमशाद त्यागी कहते हैं कि 28 दिन वह गांव में रुका। सुबह फजर की नमाज के बाद गांव से निकल जाना और अपराह्न जौहर की नमाज के वक्त मस्जिद आना उसकी दिनचर्या थी।
विज्ञापन


उसके बाद नमाज कराने के बाद खामोशी से अपने कमरे में चला जाता था। इसके अलावा वह किसी से कोई बात नहीं करता था। ग्रामीणों के घरों से उसके लिए खाना आता था। उसने बंद कमरे में ही रहकर अपनी तमाम गतिविधियों को केंद्रित रखा। मस्जिद के आसपास रहने वाले अधिकांश लोग खेतीबाड़ी से जुड़े हैं, उन्हें नमाज के अलावा इमाम से बात करने की फुर्सत नहीं थी। चर्चाओं के दौरान यह बात भी सामने आई कि कुछ माह पहले गांव की एक बरात अंबेहटा शेख में गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहां इसी इमाम ने निकाह के बाद जुमे की नमाज पढ़ाई तो लोगों को उसका तरीका भा गया। हालांकि वहां से कुटेसरा कौन लेकर आया। इस पर कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। पूर्व प्रधान याकूब अली की चौपाल पर लोगों में यहीं जिज्ञासा थी कि पकड़े गए आतंकी ने अपना नेटवर्क कहां-कहां तक फैला रखा है। देवबंद रहने वाले फरार आतंकी फैजान से उसके तार कैसे जुड़े और उनका इरादा यहां सिर्फ पनाह लेना था या दहशत फैलाने की भी कोई योजना थी।              

अंबेहटा शेख गांव है पांच किलोमीटर             
चरथावल। आतंकी ने अंबेहटा शेख गांव की जिस मस्जिद में रहकर फर्जी पासपोर्ट बनवाया था, उस गांव की दूरी कुटेसरा से सिर्फ पांच किलोमीटर है। माना जा रहा है कि उसका यहां आना-जाना पहने से रहा होगा। एक व्यक्ति का नाम अंबेहटा शेख से यहां की मस्जिद में लाने की बात सामने आ रही है, लेकिन पुलिस इस मामले में चुप्पी साधे है। मुजफ्फरनगर और सहारनपुर की सीमा से सटे गांव में रहकर आतंकी अपना नेटवर्क मजबूत करने में जुटा था।


उसे आभास हो गया था कि अब उसका अंबेहटा में रहना सेफ नहीं है। इसी वजह उसने तटवर्ती गांव कुटेसरा को चुना, ताकि जिला बदल जाए और अपनी गतिविधियां भी बरकरार रहे। नमाज के बाद उसके  रोजाना देवबंद जाने की बात भी ग्रामीणों को अब समझ आ रही है। लोग मानने लगे कि देवबंद पासपोर्ट के सिलसिले में जाने की बात कहकर जाने वाला युवक अब्दुल्ला अपने साथी फैजान के साथ मिलकर आतंकी गतिविधियों को बढ़ा रहा था।              
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed