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पेट्रोल पंप घटतौली का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 06 May 2017 12:30 AM IST
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पेट्रोल पंपों पर घटतौली की चिप तैयार करने का मास्टरमाइंड और उसके तीन साथी पुलिस के साथ।
- फोटो : amar ujala
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मुजफ्फरनगर। लखनऊ समेत अनेक शहरों में पेट्रोल पंपों पर चिप से घटतौली कराने वाले गैंग का शहर कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। प्रदेश समेत देश के प्रमुख शहरों में पंपों पर घटतौली के लिए पल्सर कार्ड में चिप लगाने वाला मास्टरमाइंड मुजफ्फरनगर के किदवईनगर का रहने वाला निकला। पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन पेट्रोल पंप कंपनियों के मेंटीनेंस इंजीनियर शामिल हैं। इनके कब्जे से 27 अधबने पल्सर कार्ड, एक तैयार कार्ड, आठ रिमोट और करीब दो लाख की नगदी बरामद हुई है।
यह गिरोह ढाई साल से देशभर के पेट्रोल पंपों पर घटतौली करा रहा था। एसएसपी बबलू कुमार ने पुलिस लाइंस में पत्रकारों को पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक सूचना के आधार पर शहर कोतवाली पुलिस ने खालापार के किदवईनगर में छापा मारकर पेट्रोल पंपों पर घटतौली करने वाली चिप तैयार करने और लगाने वाले गिरोह के चार लोगों जौहर अब्बास पुत्र गुलाम अब्बास किदवईनगर, अरुण पुत्र ओमपाल निवासी रायपुर नंगली थाना रतनपुरी, अजय पुत्र रतन सिंह निवासी अगवानपुर मेरठ और गजेंद्र कुमार पुत्र जीत सिंह निवासी आरओ नगर फतेहपुर सीकरी आगरा हाल निवासी सहारनपुर को गिरफ्तार किया।
जौहर अब्बास इस गिरोह का मास्टरमाइंड है, जो चिप लगाकर पल्सर कार्ड तैयार करता है, जबकि अरुण, अजय और गजेंद्र कुमार तीनों पेट्रोप पंप मशीन कंपनी एलएंडटी और जीवीआर कंपनी के मेंटीनेंस इंजीनियर हैं। यही लोग मशीन अपलोड और उन्हें ठीक करते हैं। कंपनी की ओर से अरुण की मेरठ, अजय की हापुड़ और गजेंद्र कुमार की सहारनपुर में तैनाती है। घटतौली करने के लिए चिप जौहर अब्बास बनाता था और ये तीनों मशीनों में पल्सर कार्ड में फिट करते थे।
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देश के अलग-अलग स्थानों पर भेजी गईं 150 चिप
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मेरठ, हापुड़ और सहारनपुर के करीब 15 पेट्रोल पंपों में उन्होंने चिप लगवाई थी। एसएसपी ने बताया कि जौहर अब्बास के लैपटॉप को सर्च करने पर मालूम हुआ कि उत्तर प्रदेश समेत देशभर में करीब 150 चिप पल्सर कार्ड कोरियर द्वारा भेजे गए हैं। पल्सर कार्ड मंगवाने वाले 150 व्यक्तियों के नाम-पते मिल गए हैं, जिनकी जांच के लिए एसटीएफ की मदद ली जाएगी।
30 हजार रुपये है एक चिप का दाम
जौहर अब्बास को एक चिप के बदले 30 हजार रुपये का भुगतान किया जाता था। पेट्रोप पंप कंपनी के इंजीनियर एवं फीटर चिप लगवाने के लिए जौहर अब्बास के पास आते-जाते थे। गत सप्ताह से पेट्रोल पंपों पर लखनऊ में मारे गए छापों के कारण अरुण, अजय और गजेंद्र चिप निकलवाने के लिए ही जौहर अब्बास के घर आए थे। जानकारी मिलने पर सभी को किदवईनगर स्थित जौहर अब्बास के घर से गिरफ्तार किया गया है। जौहर अब्बास के घर छापामारी में 27 पल्सर कार्ड अधबने, एक तैयार पल्सर कार्ड, 8 इलेक्ट्रिक रिमोट, एक लाख 83 हजार 500 रुपये नगद और पल्सर कार्ड को अपलोड करने में प्रयोग होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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यह गिरोह ढाई साल से देशभर के पेट्रोल पंपों पर घटतौली करा रहा था। एसएसपी बबलू कुमार ने पुलिस लाइंस में पत्रकारों को पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक सूचना के आधार पर शहर कोतवाली पुलिस ने खालापार के किदवईनगर में छापा मारकर पेट्रोल पंपों पर घटतौली करने वाली चिप तैयार करने और लगाने वाले गिरोह के चार लोगों जौहर अब्बास पुत्र गुलाम अब्बास किदवईनगर, अरुण पुत्र ओमपाल निवासी रायपुर नंगली थाना रतनपुरी, अजय पुत्र रतन सिंह निवासी अगवानपुर मेरठ और गजेंद्र कुमार पुत्र जीत सिंह निवासी आरओ नगर फतेहपुर सीकरी आगरा हाल निवासी सहारनपुर को गिरफ्तार किया।
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जौहर अब्बास इस गिरोह का मास्टरमाइंड है, जो चिप लगाकर पल्सर कार्ड तैयार करता है, जबकि अरुण, अजय और गजेंद्र कुमार तीनों पेट्रोप पंप मशीन कंपनी एलएंडटी और जीवीआर कंपनी के मेंटीनेंस इंजीनियर हैं। यही लोग मशीन अपलोड और उन्हें ठीक करते हैं। कंपनी की ओर से अरुण की मेरठ, अजय की हापुड़ और गजेंद्र कुमार की सहारनपुर में तैनाती है। घटतौली करने के लिए चिप जौहर अब्बास बनाता था और ये तीनों मशीनों में पल्सर कार्ड में फिट करते थे।
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देश के अलग-अलग स्थानों पर भेजी गईं 150 चिप
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मेरठ, हापुड़ और सहारनपुर के करीब 15 पेट्रोल पंपों में उन्होंने चिप लगवाई थी। एसएसपी ने बताया कि जौहर अब्बास के लैपटॉप को सर्च करने पर मालूम हुआ कि उत्तर प्रदेश समेत देशभर में करीब 150 चिप पल्सर कार्ड कोरियर द्वारा भेजे गए हैं। पल्सर कार्ड मंगवाने वाले 150 व्यक्तियों के नाम-पते मिल गए हैं, जिनकी जांच के लिए एसटीएफ की मदद ली जाएगी।
30 हजार रुपये है एक चिप का दाम
जौहर अब्बास को एक चिप के बदले 30 हजार रुपये का भुगतान किया जाता था। पेट्रोप पंप कंपनी के इंजीनियर एवं फीटर चिप लगवाने के लिए जौहर अब्बास के पास आते-जाते थे। गत सप्ताह से पेट्रोल पंपों पर लखनऊ में मारे गए छापों के कारण अरुण, अजय और गजेंद्र चिप निकलवाने के लिए ही जौहर अब्बास के घर आए थे। जानकारी मिलने पर सभी को किदवईनगर स्थित जौहर अब्बास के घर से गिरफ्तार किया गया है। जौहर अब्बास के घर छापामारी में 27 पल्सर कार्ड अधबने, एक तैयार पल्सर कार्ड, 8 इलेक्ट्रिक रिमोट, एक लाख 83 हजार 500 रुपये नगद और पल्सर कार्ड को अपलोड करने में प्रयोग होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।