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Chhattisgarh: बहू पर फावड़े से जानलेवा हमला, ससुर को 10 साल की सजा; अदालत ने मुआवजे की भी अनुशंसा की
Sat, 22 Aug 2026 06:22 PM IST
अंबिकापुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
Published by: अंबिकापुर ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2026 06:22 PM IST
सार
लुण्ड्रा थाना क्षेत्र के गेरसा महुआपारा गांव में बहू पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी ससुर को अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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आरोपी ससुर को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सरगुजा जिले के लुण्ड्रा थाना क्षेत्र के गेरसा महुआपारा गांव में बहू पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी ससुर को अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर ने आरोपी पेरवा राम उर्फ प्रेमा राम (60) को भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) के तहत दोषी ठहराते हुए एक हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
मामला 14 जुलाई 2025 का है। पुलिस के अनुसार खेती-बाड़ी को लेकर परिवार में विवाद हुआ था। इसी दौरान आरोपी ने अपनी बहू अनिता कुजूर पर फावड़े से हमला कर दिया। सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगने के बाद अनिता मौके पर ही बेहोश होकर गिर गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल फावड़ा बरामद किया। घटनास्थल से खून लगी मिट्टी और सामान्य मिट्टी के नमूने भी लिए गए, जिन्हें एफएसएल जांच के लिए भेजा गया। हथियार का क्यूरी परीक्षण भी कराया गया।
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मामले की जांच तत्कालीन एएसआई एसआर साहू ने की थी। पुलिस ने 7 अक्टूबर 2025 को अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों के बयान और 35 भौतिक साक्ष्य अदालत के सामने रखे। परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
अदालत ने पीड़िता को लगी गंभीर चोट और उसके दीर्घकालीन प्रभाव को देखते हुए उचित प्रतिकर उपलब्ध कराने की अनुशंसा की है। न्यायालय ने बीएनएसएस की धारा 395 और 396 के प्रावधानों के तहत पीड़िता को मुआवजा दिलाने की सिफारिश की।
आईजी सरगुजा रेंज दीपक झा ने मामले की विवेचना करने वाले एएसआई एसआर साहू और लुण्ड्रा पुलिस टीम को प्रोत्साहित करने के लिए पारितोषिक देने की घोषणा की है। एसएसपी राजेश अग्रवाल ने भी पुलिस टीम की विवेचना की सराहना की।
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मामला 14 जुलाई 2025 का है। पुलिस के अनुसार खेती-बाड़ी को लेकर परिवार में विवाद हुआ था। इसी दौरान आरोपी ने अपनी बहू अनिता कुजूर पर फावड़े से हमला कर दिया। सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगने के बाद अनिता मौके पर ही बेहोश होकर गिर गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल फावड़ा बरामद किया। घटनास्थल से खून लगी मिट्टी और सामान्य मिट्टी के नमूने भी लिए गए, जिन्हें एफएसएल जांच के लिए भेजा गया। हथियार का क्यूरी परीक्षण भी कराया गया।
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मामले की जांच तत्कालीन एएसआई एसआर साहू ने की थी। पुलिस ने 7 अक्टूबर 2025 को अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों के बयान और 35 भौतिक साक्ष्य अदालत के सामने रखे। परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
अदालत ने पीड़िता को लगी गंभीर चोट और उसके दीर्घकालीन प्रभाव को देखते हुए उचित प्रतिकर उपलब्ध कराने की अनुशंसा की है। न्यायालय ने बीएनएसएस की धारा 395 और 396 के प्रावधानों के तहत पीड़िता को मुआवजा दिलाने की सिफारिश की।
आईजी सरगुजा रेंज दीपक झा ने मामले की विवेचना करने वाले एएसआई एसआर साहू और लुण्ड्रा पुलिस टीम को प्रोत्साहित करने के लिए पारितोषिक देने की घोषणा की है। एसएसपी राजेश अग्रवाल ने भी पुलिस टीम की विवेचना की सराहना की।