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ऑनर किलिंग का शिकार हुआ लापता मनोज
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 21 Sep 2018 12:52 AM IST
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पोस्टमार्टम हाउस पर गमजदा मनोज के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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गांव कुटबा में पत्नी से मिलने आया रक्षा मंत्रालय में तैनात युवक मनोज शर्मा ऑनर किलिंग की भेंट चढ़ गया। उसकी लाश कुटबा से काकड़ा मार्ग स्थित एक खेत से पांच फीट गहरे गड्ढे से बरामद कर ली गई है। लाश पर किसी तरह के निशान न होने से उसकी गला घोंटकर हत्या करने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक मनोज की पत्नी द्वारा नामजद कराए गए उसके दो सगे व दो रिश्तेदार भाइयों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस के मुताबिक सोनिया व मनोज शर्मा के प्रेम विवाह को हत्या की वजह माना जा रहा है।
नई दिल्ली के रक्षा मंत्रालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र के गांव मौजिजाबाद नंगला निवासी मनोज शर्मा ने करीब तीन साल पूर्व शाहपुर क्षेत्र के गांव कुटबा निवासी सोनिया पुत्री देवेंद्र से प्रेम विवाह किया था। दंपति के एक डेढ़ साल का बेटा भी है। मंगलवार की शाम मनोज पत्नी व बेटे से मिलने के लिए उसके घर गांव कुटबा में आया था, जहां से वह संदिग्ध हालात में लापता हो गया था।
तलाश के बावजूद सुराग नहीं लगने पर पत्नी सोनिया ने थाने में तहरीर देकर अपने सगे भाइयों सन्नी उर्फ हेमू, आदेश उर्फ शिवम के साथ ही ममेरे भाई बागपत के गांव जौहड़ी निवासी विशाल उर्फ विशू व फुफेरे भाई बागपत के ही गांव गांगड़ौली निवासी गुड्डू पर पति का अपहरण कर हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। पुलिस ने उक्त आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने मनोज की तलाश में लगातार कांबिंग अभियान चलाया, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
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थानाप्रभारी इंस्पेक्टर केपी सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह मनोज को आरोपियों द्वारा कुटबा से काकड़ा मार्ग पर ले जाए जाने की सूचना मिली, जिसके बाद नए सिरे से काकड़ा मार्ग पर ग्रामीणों को साथ लेकर कांबिंग शुरू की गई। इसी दौरान गांव कुटबा के किसान किरणपाल के खेत में ताजी मिट्टी उखड़ी मिली तो शक के आधार पर पुलिस ने वहां खुदाई शुरू करा दी। करीब पांच फीट गहराई में पहुंचने पर पुलिस ने उक्त गड्ढे में से लापता मनोज शर्मा की लाश बरामद कर ली।
लाश के शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं थे, जबकि गले पर कुछ निशान बने हुए थे। इससे आशंका जताई गई कि गला घोंटकर उसकी हत्या की गई है। सूचना पर सोनिया भी मौके पर आ गई, जिसने लाश की शिनाख्त लापता पति मनोज शर्मा के रूप में की। इसके बाद लाश को कब्जे में लेकर मोर्चरी भिजवा दिया गया।
सभी हत्यारोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में ताबड़तोड़ दबिशें दी जा रहीं हैं। सोनिया व मनोज शर्मा के प्रेम विवाह को हत्या की वजह माना जा रहा है। एसपी देहात आलोक शर्मा व सीओ बुढ़ाना हरिराम यादव ने बताया कि सोनिया के साथ ही मनोज शर्मा के पिता जगपाल शर्मा ने भी तहरीर दी थी, जिसमें आरोपी सोनिया के भाइयों को ही बनाया गया है। इनमें से सोनिया की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर जगपाल शर्मा की तहरीर को विवेचना में शामिल कर लिया गया है।
पोस्टमार्टम के बाद पैतृक गांव ले जाया गया शव
शाहपुर (मुजफ्फरनगर। पत्नी के परिजनों की झूठी आन की खातिर जान गंवाने वाले मनोज शर्मा की लाश काकड़ा मार्ग स्थित खेत में मिलने के बाद शहर से सटे गांव जट मुझेड़ा स्थित मोर्चरी पर उसका पोस्टमार्टम किया गया। शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव को मनोज के पिता जगपाल शर्मा की सुपुर्दगी में दे दिया गया, जहां से रोते-बिलखते परिजन शव को पैतृक गांव बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र के गांव नंगला मोजिजाबाद ले गए।
उधर, मनोज शर्मा की पत्नी सोनिया ने भी पति की लाश मिलने के तुरंत बाद मायका छोड़ दिया और डेढ़ साल के बेटे को साथ लेकर अपनी ससुराल चली गई, जहां वह पति के अंतिम संस्कार में शामिल हुई। मनोज के पैतृक गांव नंगला मोजिजाबाद में ही गमगीन माहौल में सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। ऑनर किलिंग की इस वारदात से जहां गांव कुटबा व आसपास क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं मनोज के गांव के लोगों में घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है।
दो दिन से थाने में ही कैंप किए हुए थे अफसर
शाहपुर। गांव कुटबा से संदिग्ध हालात में लापता हुआ मनोज शर्मा रक्षा मंत्रालय से जुड़ा होने को लेकर पुलिस-प्रशासन काफी दबाव में था। तीन दिन पूर्व सोनिया बालियान की तरफ से पति की गुमशुदगी दर्ज कराए जाने के बाद एसपी देहात आलोक शर्मा व सीओ बुढ़ाना हरीराम यादव ने दो दिन से थाने पर ही डेरा डाला हुआ था। इसी का नतीजा रहा कि त्वरित कार्रवाई करते हुए लापता मनोज शर्मा की लाश को पांच फीट गहरे गड्ढे से बरामद किया जा सका।
तीन साल पूर्व कर ली थी शादी
शाहपुर। गांव कुटबा निवासी सोनिया बागपत जिले के कसबा दोघट निवासी अपने मामा के यहां रहकर वहीं के एक कॉलेज में पढ़ती थी। इसी कॉलेज में दोघट के गांव नंगला मोजिजाबाद निवासी मनोज शर्मा पुत्र जगपाल शर्मा भी सोनिया की ही क्लास में पढ़ता था। साथ-साथ पढ़ने के दौरान ही सोनिया व मनोज के बीच प्रेम प्रसंग हुआ, जिसके बाद दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं। पांच जनवरी 2016 को लव मैरिज कर ली। मनोज शर्मा के परिजनों ने जहां सोनिया को बहू के रूप में स्वीकार कर लिया, वहीं सोनिया के परिजन इस शादी से खुश नहीं थे।
उधर, शादी के करीब डेढ़ साल बाद दंपति के आंगन में एक बेटे कबीर का जन्म हुआ, जिससे संभलने के बाद मनोज ने पत्नी सोनिया को भी प्रोत्साहित करते हुए उससे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं दिलाईं, जिसके चलते सोनिया का भी चयन वर्ष 2017 में लेखपाल के पद पर हो गया। सोनिया को पहली पोस्टिंग अमरोहा में मिली, जहां से उसे अप्रैल 2018 में शामली जनपद से संबद्ध कर दिया गया। बेटा छोटा होने और शामली गांव कुटबा से काफी नजदीक होने के कारण सोनिया पति मनोज की सहमति से मायके में ही आकर रहने लगी थी, जहां से वह रोजाना शामली के लिए आती-जाती रही।
वहीं, चर्चा है कि ससुराल पक्ष से करीबी बढ़ाने और उनका विश्वास जीतने के लिए मनोज शर्मा ने सोनिया के एक भाई विक्की की भी नौकरी रेलवे में लगवा दी थी, लेकिन इसके बावजूद सोनिया के परिजन मनोज को स्वीकार नहीं कर पाए। यही नहीं, शामली से संबद्ध होने के बाद करीब छह माह से बेटे के साथ मायके में रहने के बावजूद सोनिया भी पति मनोज शर्मा के प्रति अपने परिजनों की खुन्नस को नहीं भांप पाई, जिसका खामियाजा उसे सुहाग खोकर भुगतना पड़ा।
सरप्राइज देने पहली बार कुटबा आया था मनोज
शाहपुर। अप्रैल 2018 में पत्नी सोनिया के शामली से संबद्ध होने के बाद से मनोज शर्मा पत्नी व बेटे से नहीं मिला था। सोनिया के अनुसार मंगलवार को ही मनोज की उससे मोबाइल पर बात हुई थी, जिसमें उसने पत्नी को सरप्राइज देने की बात कही थी। हालांकि सरप्राइज क्या था, इसके संबंध में मनोज ने सोनिया को कुछ नहीं बताया था। इसके कुछ देर बाद ही वह गांव कुटबा में पहुंच गया था। मनोज ने मकान के बाहर खडे़ होकर सोनिया को फिर फोन मिलाया और कहा कि सरप्राइज है, दरवाजा खोला।
सोनिया ने दरवाजा खोला तो मनोज सामने खड़ा था। पहली बार ससुराल आया मनोज फल, मिठाई आदि लेकर आया था। सोनिया उसे देख कर भौचक्क रह गई। कहा कि यहां क्यों आए हो, परिवार वाले अभी भी नाराज हैं। मनोज ने कहा कि वह बात करेगा। मकान में आने के बाद वह ससुराल वालों से मिला, तो सोनिया के भाइयों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। भाइयों ने सोनिया से कहा कि इसे (मनोज को) यहां नहीं आना चाहिए था। वे उसे वापस छोड़ कर आ रहे हैं। आरोप है कि सोनिया के भाई उसे अपने साथ काकड़ा मार्ग पर ले गए, जहां उसकी हत्या कर लाश पांच फीट गहरे गड्ढे में दफन कर दी गई।
मुजफ्फरनगर। चार भाई बहनों में मनोज सबसे छोटा था। बड़ेे भाई नितिन और सचिन और बहन रीना की भी शादी हो चुकी थी। घर में सबसे छोटा होने के कारण पिता जगपाल शर्मा और मां सरिता समेत परिवार को वह लाडला था। मनोज ने नौकरी लगने पर पिता को डीसीएम दिलवाई। इतना ही नहीं भाइयो को भी ट्रैक्टर खरीदवाया। पिता डीसीएम चलाता है तथा दोनों बड़े भाई गांव में ही ट्रैक्टर से जुताई का काम करते हैं। मनोज की हत्या से परिजनों में कोहराम मचा है।
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नई दिल्ली के रक्षा मंत्रालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र के गांव मौजिजाबाद नंगला निवासी मनोज शर्मा ने करीब तीन साल पूर्व शाहपुर क्षेत्र के गांव कुटबा निवासी सोनिया पुत्री देवेंद्र से प्रेम विवाह किया था। दंपति के एक डेढ़ साल का बेटा भी है। मंगलवार की शाम मनोज पत्नी व बेटे से मिलने के लिए उसके घर गांव कुटबा में आया था, जहां से वह संदिग्ध हालात में लापता हो गया था।
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तलाश के बावजूद सुराग नहीं लगने पर पत्नी सोनिया ने थाने में तहरीर देकर अपने सगे भाइयों सन्नी उर्फ हेमू, आदेश उर्फ शिवम के साथ ही ममेरे भाई बागपत के गांव जौहड़ी निवासी विशाल उर्फ विशू व फुफेरे भाई बागपत के ही गांव गांगड़ौली निवासी गुड्डू पर पति का अपहरण कर हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। पुलिस ने उक्त आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने मनोज की तलाश में लगातार कांबिंग अभियान चलाया, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
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थानाप्रभारी इंस्पेक्टर केपी सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह मनोज को आरोपियों द्वारा कुटबा से काकड़ा मार्ग पर ले जाए जाने की सूचना मिली, जिसके बाद नए सिरे से काकड़ा मार्ग पर ग्रामीणों को साथ लेकर कांबिंग शुरू की गई। इसी दौरान गांव कुटबा के किसान किरणपाल के खेत में ताजी मिट्टी उखड़ी मिली तो शक के आधार पर पुलिस ने वहां खुदाई शुरू करा दी। करीब पांच फीट गहराई में पहुंचने पर पुलिस ने उक्त गड्ढे में से लापता मनोज शर्मा की लाश बरामद कर ली।
लाश के शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं थे, जबकि गले पर कुछ निशान बने हुए थे। इससे आशंका जताई गई कि गला घोंटकर उसकी हत्या की गई है। सूचना पर सोनिया भी मौके पर आ गई, जिसने लाश की शिनाख्त लापता पति मनोज शर्मा के रूप में की। इसके बाद लाश को कब्जे में लेकर मोर्चरी भिजवा दिया गया।
सभी हत्यारोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में ताबड़तोड़ दबिशें दी जा रहीं हैं। सोनिया व मनोज शर्मा के प्रेम विवाह को हत्या की वजह माना जा रहा है। एसपी देहात आलोक शर्मा व सीओ बुढ़ाना हरिराम यादव ने बताया कि सोनिया के साथ ही मनोज शर्मा के पिता जगपाल शर्मा ने भी तहरीर दी थी, जिसमें आरोपी सोनिया के भाइयों को ही बनाया गया है। इनमें से सोनिया की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर जगपाल शर्मा की तहरीर को विवेचना में शामिल कर लिया गया है।
पोस्टमार्टम के बाद पैतृक गांव ले जाया गया शव
शाहपुर (मुजफ्फरनगर। पत्नी के परिजनों की झूठी आन की खातिर जान गंवाने वाले मनोज शर्मा की लाश काकड़ा मार्ग स्थित खेत में मिलने के बाद शहर से सटे गांव जट मुझेड़ा स्थित मोर्चरी पर उसका पोस्टमार्टम किया गया। शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव को मनोज के पिता जगपाल शर्मा की सुपुर्दगी में दे दिया गया, जहां से रोते-बिलखते परिजन शव को पैतृक गांव बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र के गांव नंगला मोजिजाबाद ले गए।
उधर, मनोज शर्मा की पत्नी सोनिया ने भी पति की लाश मिलने के तुरंत बाद मायका छोड़ दिया और डेढ़ साल के बेटे को साथ लेकर अपनी ससुराल चली गई, जहां वह पति के अंतिम संस्कार में शामिल हुई। मनोज के पैतृक गांव नंगला मोजिजाबाद में ही गमगीन माहौल में सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। ऑनर किलिंग की इस वारदात से जहां गांव कुटबा व आसपास क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं मनोज के गांव के लोगों में घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है।
दो दिन से थाने में ही कैंप किए हुए थे अफसर
शाहपुर। गांव कुटबा से संदिग्ध हालात में लापता हुआ मनोज शर्मा रक्षा मंत्रालय से जुड़ा होने को लेकर पुलिस-प्रशासन काफी दबाव में था। तीन दिन पूर्व सोनिया बालियान की तरफ से पति की गुमशुदगी दर्ज कराए जाने के बाद एसपी देहात आलोक शर्मा व सीओ बुढ़ाना हरीराम यादव ने दो दिन से थाने पर ही डेरा डाला हुआ था। इसी का नतीजा रहा कि त्वरित कार्रवाई करते हुए लापता मनोज शर्मा की लाश को पांच फीट गहरे गड्ढे से बरामद किया जा सका।
तीन साल पूर्व कर ली थी शादी
शाहपुर। गांव कुटबा निवासी सोनिया बागपत जिले के कसबा दोघट निवासी अपने मामा के यहां रहकर वहीं के एक कॉलेज में पढ़ती थी। इसी कॉलेज में दोघट के गांव नंगला मोजिजाबाद निवासी मनोज शर्मा पुत्र जगपाल शर्मा भी सोनिया की ही क्लास में पढ़ता था। साथ-साथ पढ़ने के दौरान ही सोनिया व मनोज के बीच प्रेम प्रसंग हुआ, जिसके बाद दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं। पांच जनवरी 2016 को लव मैरिज कर ली। मनोज शर्मा के परिजनों ने जहां सोनिया को बहू के रूप में स्वीकार कर लिया, वहीं सोनिया के परिजन इस शादी से खुश नहीं थे।
उधर, शादी के करीब डेढ़ साल बाद दंपति के आंगन में एक बेटे कबीर का जन्म हुआ, जिससे संभलने के बाद मनोज ने पत्नी सोनिया को भी प्रोत्साहित करते हुए उससे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं दिलाईं, जिसके चलते सोनिया का भी चयन वर्ष 2017 में लेखपाल के पद पर हो गया। सोनिया को पहली पोस्टिंग अमरोहा में मिली, जहां से उसे अप्रैल 2018 में शामली जनपद से संबद्ध कर दिया गया। बेटा छोटा होने और शामली गांव कुटबा से काफी नजदीक होने के कारण सोनिया पति मनोज की सहमति से मायके में ही आकर रहने लगी थी, जहां से वह रोजाना शामली के लिए आती-जाती रही।
वहीं, चर्चा है कि ससुराल पक्ष से करीबी बढ़ाने और उनका विश्वास जीतने के लिए मनोज शर्मा ने सोनिया के एक भाई विक्की की भी नौकरी रेलवे में लगवा दी थी, लेकिन इसके बावजूद सोनिया के परिजन मनोज को स्वीकार नहीं कर पाए। यही नहीं, शामली से संबद्ध होने के बाद करीब छह माह से बेटे के साथ मायके में रहने के बावजूद सोनिया भी पति मनोज शर्मा के प्रति अपने परिजनों की खुन्नस को नहीं भांप पाई, जिसका खामियाजा उसे सुहाग खोकर भुगतना पड़ा।
सरप्राइज देने पहली बार कुटबा आया था मनोज
शाहपुर। अप्रैल 2018 में पत्नी सोनिया के शामली से संबद्ध होने के बाद से मनोज शर्मा पत्नी व बेटे से नहीं मिला था। सोनिया के अनुसार मंगलवार को ही मनोज की उससे मोबाइल पर बात हुई थी, जिसमें उसने पत्नी को सरप्राइज देने की बात कही थी। हालांकि सरप्राइज क्या था, इसके संबंध में मनोज ने सोनिया को कुछ नहीं बताया था। इसके कुछ देर बाद ही वह गांव कुटबा में पहुंच गया था। मनोज ने मकान के बाहर खडे़ होकर सोनिया को फिर फोन मिलाया और कहा कि सरप्राइज है, दरवाजा खोला।
सोनिया ने दरवाजा खोला तो मनोज सामने खड़ा था। पहली बार ससुराल आया मनोज फल, मिठाई आदि लेकर आया था। सोनिया उसे देख कर भौचक्क रह गई। कहा कि यहां क्यों आए हो, परिवार वाले अभी भी नाराज हैं। मनोज ने कहा कि वह बात करेगा। मकान में आने के बाद वह ससुराल वालों से मिला, तो सोनिया के भाइयों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। भाइयों ने सोनिया से कहा कि इसे (मनोज को) यहां नहीं आना चाहिए था। वे उसे वापस छोड़ कर आ रहे हैं। आरोप है कि सोनिया के भाई उसे अपने साथ काकड़ा मार्ग पर ले गए, जहां उसकी हत्या कर लाश पांच फीट गहरे गड्ढे में दफन कर दी गई।
मुजफ्फरनगर। चार भाई बहनों में मनोज सबसे छोटा था। बड़ेे भाई नितिन और सचिन और बहन रीना की भी शादी हो चुकी थी। घर में सबसे छोटा होने के कारण पिता जगपाल शर्मा और मां सरिता समेत परिवार को वह लाडला था। मनोज ने नौकरी लगने पर पिता को डीसीएम दिलवाई। इतना ही नहीं भाइयो को भी ट्रैक्टर खरीदवाया। पिता डीसीएम चलाता है तथा दोनों बड़े भाई गांव में ही ट्रैक्टर से जुताई का काम करते हैं। मनोज की हत्या से परिजनों में कोहराम मचा है।