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ग्रामीण की हत्या में तीन को उम्रकैद
Sat, 27 Apr 2019 12:34 AM IST
Deepak Sharma
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Sat, 27 Apr 2019 12:34 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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मुजफ्फरनगर। जिला जज कोर्ट ने सिकंदरपुर के अमरपाल हत्याकांड में तीन हत्यारोपियों को आजीवन कारावास और 4.20 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दो दिन पहले तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। शुक्रवार को सजा पर सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष के अनुसार भोपा थाने पर गांव सिकंदरपुर निवासी ओमपाल पुत्र सुखबीर ने 11 मई 2016 को अपने भाई अमरपाल की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
गांव के ही सुनील उर्फ पप्पू पुत्र मथन सिंह, सुंदर पुत्र सुक्का और तसलीम पुत्र मुन्ना को नामजद किया था। बताया था कि उक्त आरोपी उसके भाई अमरपाल को घर से बुला कर ले गए और उसकी गला दबा कर हत्या कर लाश गांव के ही राजेंद्र के खेत में फेंक दी। हत्या पुरानी रंजिश में की गई थी। ओमपाल के पिता सुखबीर की थी कुछ साल पहले हत्या कर दी गई थी, जिसमें सुनील उर्फ पप्पू के पिता मथन सिंह आदि को सजा हुई थी।
इसी रंजिश में अमरपाल की भी हत्या कर दी गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मुकदमे की सुनवाई जिला न्यायाधीश संजय कुमार पचौरी की अदालत में हुई। डीजीसी दुष्यंत त्यागी और एडीजीसी योगेश कुमार शर्मा के अलावा वादी के अधिवक्ताओं यशपाल सिंह व फिरोज अली ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए बुधवार को अमरपाल की हत्या में उक्त तीनों सुनील उर्फ पप्पू, सुंदर और तसलीम को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया था। शुक्रवार को सजा पर सुनवाई हुई। अदालत ने तीनों को हत्या की धारा 302 में आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया।
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जुर्माने के चार लाख रुपये परिजनों को देने के आदेश
जिला जज ने तीनों को उम कैद की सजा सुनाने के साथ जुर्माना भी किया है। सुनील उर्फ पप्पू पर दो-दो लाख और तसलीम पर 20 हजार जुर्माना किया है। कुल अर्थदंड 4.20 लाख में से 95 प्रतिशत धनराशि 3.99 लाख मृतक की मां प्रकाशी, भाई ओमपाल और भाभी परीक्षा को बराबर-बराबर देने के आदेश दिए हैं।
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गांव के ही सुनील उर्फ पप्पू पुत्र मथन सिंह, सुंदर पुत्र सुक्का और तसलीम पुत्र मुन्ना को नामजद किया था। बताया था कि उक्त आरोपी उसके भाई अमरपाल को घर से बुला कर ले गए और उसकी गला दबा कर हत्या कर लाश गांव के ही राजेंद्र के खेत में फेंक दी। हत्या पुरानी रंजिश में की गई थी। ओमपाल के पिता सुखबीर की थी कुछ साल पहले हत्या कर दी गई थी, जिसमें सुनील उर्फ पप्पू के पिता मथन सिंह आदि को सजा हुई थी।
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इसी रंजिश में अमरपाल की भी हत्या कर दी गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मुकदमे की सुनवाई जिला न्यायाधीश संजय कुमार पचौरी की अदालत में हुई। डीजीसी दुष्यंत त्यागी और एडीजीसी योगेश कुमार शर्मा के अलावा वादी के अधिवक्ताओं यशपाल सिंह व फिरोज अली ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए बुधवार को अमरपाल की हत्या में उक्त तीनों सुनील उर्फ पप्पू, सुंदर और तसलीम को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया था। शुक्रवार को सजा पर सुनवाई हुई। अदालत ने तीनों को हत्या की धारा 302 में आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया।
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जुर्माने के चार लाख रुपये परिजनों को देने के आदेश
जिला जज ने तीनों को उम कैद की सजा सुनाने के साथ जुर्माना भी किया है। सुनील उर्फ पप्पू पर दो-दो लाख और तसलीम पर 20 हजार जुर्माना किया है। कुल अर्थदंड 4.20 लाख में से 95 प्रतिशत धनराशि 3.99 लाख मृतक की मां प्रकाशी, भाई ओमपाल और भाभी परीक्षा को बराबर-बराबर देने के आदेश दिए हैं।