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मासूम बालक के कुकर्मी को उम्रकैद, 20 हजार का जुर्माना भी लगाया 

Fri, 06 Jul 2018 12:31 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Fri, 06 Jul 2018 12:31 AM IST
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Life imprisonment for innocent child
court
पॉक्सो अदालत ने छह साल के मासूम बालक के कुकर्म करने वाले को सश्रम आजीवन कारावास के साथ 20 हजार के जुर्माना की सजा सुनाई है। पुरकाजी थाने पर कसबा निवासी पीड़िता पिता ने 28 जुलाई 2016 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका छह वर्षीय पुत्र उसके घर के सामने खेल रहा था ।
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उसी समय पड़ोसी मोहल्ला निवासी भूरा पुत्र इरशाद आया और उसके पुत्र को टॉफी दिलाने के बहाने घर के पीछे ईख के खेत में ले गया और उसके साथ कुकर्म किया। बच्चे के रोने की आवाज सुन कर वह और उसकी उसकी पत्नि जब खेत में पहुंचे तो बच्चा रो रहा था। उन दोनो को देख कर आरोपी भूरा उनको जान से मारने की धमकी देता हुआ भाग गया। 
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इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार पांडेय की पॅाक्सो अदालत में हुई। विशेष शासकीय अधिवक्ता पॉक्सो पुष्पेंद्र मलिक ने कोर्ट में तीन गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनो पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त भूरा को कुकर्म करने का दोषी करार देते हुए धारा 377 के तहत सश्रम आजीवन कारावास और दस हजार रुपया का जुर्माना तथा धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत सश्रम आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपया का जुर्माना की सजा सुनाई है। दोनो सजाएं साथ-साथ चलेंगी। भूरा दो साल से जेल में ही बंद है।
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तस्कर को जेल में बिताई अवधि और दस हजार का जुर्माना की सजा
मुजफ्फरनगर। अदालत ने नशीले पदार्थ के कारोबारी को अपराध कबूल कर माफी मांगते हुए रहम की अपील पर जेल में बिताई अवधि और दस हजार रुपया का जुर्माना की सजा सुनाई है। शहर कोतवाली पर उप निरीक्षक मुनेंद्र पाल सिंह ने 13 अप्रैल 2009 को मुकदमा दर्ज कराया था।


बताया था कि चेकिंग के दौरान सम्राट पुत्र मनोज निवासी प्रेमपुरी के कब्जे से 300 ग्राम चरस बरामद हुई। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंबर रावत की अदालत संख्या-16 में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विजय पाल सिंह ने सबूत का गवाह पेश किया तो अभियुक्त सम्राट ने अदालत के सामने अपना जुर्म कबूल किया और पहला अपराध बताकर माफी मांगते रहम की अपील की। जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए जेल में बिताई गई अवधि और 10 हजार रुपया का जुर्माना की सजा सुनाई है।  
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