फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Lee lives in exchange for slapping

थप्पड़ मारने के बदले में ली जान

Tue, 02 Feb 2016 11:26 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Tue, 02 Feb 2016 11:26 PM IST
विज्ञापन
Lee lives in exchange for slapping
मुजफ्फरनगर। स्टेपिंग स्टोन स्कूल के स्टूडेंट अक्षय की हत्या का तीन दिन बाद मंगलवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। मर्डर में दो साथियों को गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन


पुलिस के मुताबिक पिस्टल खरीदने के विवाद में अक्षय ने आरोपी साथी को थप्पड़ जड़ दिया था। इसी खुन्नस में उसकी हत्या कर दी गई। बाइक और पिस्टल बरामद कर आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया।
विज्ञापन


आर्य समाज रोज पर 30 जनवरी की रात दक्षिण सिविल लाइन निवासी अक्षय को गोली मार दी गई थी। जिसकी नोएडा में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुरमाफी (शामली) के मूल निवासी अक्षय के पिता सतीश ने सिविल लाइन थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


तीन दिन बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस लाइन में एसपी सिटी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि अक्षय का मोबाइल फोन घटनास्थल पर मिला था। सर्विलांस के जरिए घटना के समय उसकी कॉल डिटेल की जांच-पड़ताल की गई।

पुलिस ने उसके दो साथियों शोएब पुत्र नईम निवासी अंबा विहार और कंबलवाली गली लद्दावाला निवासी दानियाल पुत्र अब्बास को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के हवाले से बताया कि अक्षय पिस्टल रखने का शौकीन था। शोएब ने एक पिस्टल खरीदने के लिए उसे कुछ रकम दे रखी थी।

वारदात के दिन शोएब ने उससे पिस्टल देने के लिए कहा तो अक्षय ने जवाब दिया कि पहले पूरा पेमेंट देना होगा। इसी बात पर कहासुनी हो गई। गुस्से में अक्षय ने शोएब को थप्पड़ जड़ दिया। दूसरे साथी दानियाल ने बीच-बचाव कराकर मामला शांत कराया।

मगर थप्पड़ मारने को लेकर शोएब का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने खतरनाक योजना बना ली। उसी रात नॉवल्टी टॉकिज के पास शोएब और दानियाल मिले। अक्षय को घर छोड़ने की बात कहकर बाइक पर बैठा लिया।

आर्य समाज रोड पर उस समय अंधेरा था। रात के करीब साढ़े नौ बजे थे। बहाने से बाइक रोकी गई। योजना के मुताबिक शोएब ने कहा कि अक्षय थप्पड़ तो मार लिया, अब पिस्टल से एक फायर तो करा कर दिखा दे। अक्षय ने पिस्टल शोएब को थमा दी। तभी शोएब ने तीन गोलियां अक्षय के माथे को निशाना बनाकर चला दी।

अक्षय के हाथ और सिर में दो गोलियां मिली हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद शोएब, दानियल मौके से पिस्टल समेत बाइक लेकर फरार हो गए।

एसपी सिटी के अनुसार पुलिस ने आरोपियों से एक पिस्टल .32 बोर, दो कारतूस और बाइक  बरामद कर ली है। मामले में एक और आरोपी नासिर से पूछताछ चल रही है। बताते चलें कि स्टाइलिश लाइफ का शौकीन दानियाल समाजसेवी रानी अब्बास का बेटा है। पुलिस की जांच के दौरान अक्षय के मोबाइल से दानियाल का फोटो पिस्टल के साथ बरामद हुआ है।

पुलिस की भाषा पर आपत्ति
मुजफ्फरनगर। पुलिस ने अक्षय मर्डर का खुलासा करते हुए जो प्रेस नोट जारी किया है उसमें इस्तेमाल की गई भाषा पर मृतक के परिजनों ने आपत्ति जताई है।

पुलिस के मुताबिक अक्षय का मन पढ़ाई में कम लगता था। दोस्तीबाज अक्षय के दोस्तों की फेहरिस्त लंबी थी। लंबे समय से वह स्कूल से गायब था। सड़कों पर बाइक से स्टंट करना और पिस्टल रखने का शौकीन था। अलग-अलग तरीके से पिस्टल के साथ फोटो खींचना उसे अच्छा लगता था।

गले नहीं उतर रही कहानी
मुजफ्फरनगर। घर के इकलौते चिराग अक्षय (18) के मर्डर में पुलिस की कहानी लोगों के गले नहीं उतर रही है। मसलन, पिस्टल के विवाद में हत्या हुई।

क्या महज पिस्टल के लिए अक्षय का कत्ल किया गया? हत्या ही मकसद था तो शहर का व्यस्त चौराहा क्यों चुना गया? पकड़े गए तीसरे आरोपी को पुलिस ने जेल जाने से क्यों रोक लिया। अक्षय हत्याकांड में पुलिस के खुलासे पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अक्षय के शहर स्थित घर पर ताला लगा है। परिवार के लोग अपने मूल गांव शामली के पुरमाफी में गए हुए हैं।

मृतक का अंतिम संस्कार गांव में ही किया गया था। मोबाइल के जरिए पकड़ में आए आरोपियों के हवाले से पुलिस ने जो कहानी बताई है, उस पर उठ रहे सवाल उलझे हुए हैं। पिस्टल खरीदने के मामले में दोस्तों ने ही अक्षय का मर्डर किया।

क्या सिर्फ पिस्टल के लिए यह सनसनीखेज मर्डर किया गया। बरामद पिस्टल किसकी है और अक्षय के पास कहां से आई? इसका पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है। अक्षय ही यह जानता था कि पिस्टल किसकी है।

नावल्टी चौक पर थप्पड़ लगने के बाद शोएब ने अक्षय को मारने का इरादा कर लिया था तो वह शहर के अतिव्यस्त चौराहे मीनाक्षी चौक को ही वारदात के लिए क्यों चुना?


इस चौक पर रात के दो बजे तक चाय-ढाबे खुले रहते हैं। दिल्ली से दून जाने वाली बसें यहीं से गुजरती हैं। दूसरा आरोपी दानियाल ने शोएब और अक्षय के बीच मारपीट में सुलह कराई थी। क्या उसे भी शोएब के इरादे का नहीं पता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed