फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Kawal changed in the camp

गड़बड़ न हो, रात में ही कवाल को छावनी में बदल दिया 

Fri, 22 Jul 2016 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Fri, 22 Jul 2016 01:22 AM IST
विज्ञापन
Kawal changed in the camp
कवाल गांव में किशोर की हत्या के बाद तैनात पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
तीन दिन से लापता इरशाद की हत्या से पूरा कवाल दहशत में है। तीन साल पहले कवाल से ही शुरू हुए दंगे का दर्द अभी भी लोगों के जेहन में ताजा है। इसीलिए पुलिस, प्रशासन भी इस मामले में बहुत फूंक -फूंककर कदम उठा रहा है। इसीलिए इरशाद के मामले की एसएसपी ने खुद कमान संभाली। रात में पूरे कवाल को छावनी में बदल दिया गया। एसएसपी ने पहले आरोपियों को दबोचा और बाद में मृतक पक्ष को विश्वास में लेकर शव को सुपुर्दे खाक कराया। 
विज्ञापन


वर्ष 2013  में इसी तरह की एक घटना में मलिकपुरा निवासी दो ममेरे भाइयों सचिन और गौरव और कवाल निवासी शाहनवाज की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद दंगा हुआ था। इरशाद की हत्या का सच सामने आते ही एसएसपी दीपक कुमार ने कोई गड़बड़ न होने पाए इसलिए रात में ही जानसठ, मीरापुर, भोपा, ककरौली, रामराज, सिखेड़ा, खतौली, नई मंडी, शहर कोतवाली की पुलिस फोर्स के अलावा भारी मात्रा में पीएसी बल तैनात कर दिया।
विज्ञापन


रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद किसी को कुछ नहीं बताया गया। सुबह मृतक के परिजनों को पूरी घटना से अवगत कराते हुए पकड़े गए दो आरोपियों के बारे में बताया और भारी पुलिस बल के साथ शव को सुपुर्दे खाक कराया। इस सारे मामले के बीच कवाल को पूरी तरह से छावनी बना दिया गया था। शायद ही ऐसी कोई गली हो जहां फोर्स न तैनात रही हो। मृतक के चाचा मुस्तकीम ने बताया कि पुलिस ने शव को निकालने, पीएम कराने आदि के बारे में रात में किसी को कोई जानकारी नहीं दी।  
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीण पुलिस फोर्स व पीएसी बल देख दंग रह गए
कवाल के ग्रामीण जैसे ही बृहस्पतिवार सुबह सोकर उठे तो गांव में भारी फोर्स की तैनाती देखकर दंग रह गए। गांव में जितने मुंह उतनी बातें और उतने ही सवाल।  इरशाद की हत्या का पता चलने पर ग्रामीण एक बार को तो सहम ही गए और गांव में एक तरह से दहशत व्याप्त हो गई। कोई बात न हो जाए इस डर से अधिकतर ग्रामीण अपने घरों में ही दुबक गए। पूरे दिन पुलिस गांव में इधर से उधर दौड़ती रही। 


ग्रामीणों के सहयोग को सराहा
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि कवाल के लोगों ने ऐसे हालात में बड़ा ही संयम बरता। ग्रामीणों की तारीफ कर कप्तान ने कहा कि पुलिस ने पांच घंटे के भीतर वारदात को खोल दिया, लेकिन दोनों ओर के लोगों ने मामले को लेकर जो संयम बरता है उसके लिए ग्रामीणों को धन्यवाद करना जरूरी हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed