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‘हेलो! कानूनगो आ रहा है...टपका दो’

Fri, 06 Nov 2015 12:53 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Fri, 06 Nov 2015 12:53 AM IST
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'Hello! Coming Kanoongo ... seepage two '
मुजफ्फरनगर। कानूनगो प्रमोद शर्मा की हत्या के राज से पर्दा उठ गया है। फोन पर कानूनगो की मुखबिरी करने वाले एक अपराधी के गिरेबान तक पुलिस के हाथ पहुंच चुके हैं। यह संभव हुआ है इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से। युवक से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने सारी कहानी उगल दी। हत्या मंसूरपुर क्षेत्र के दो बदमाशों ने की है। दोनों ही कातिल वारदात के बाद से ही फरार हैं। पुलिस की एक टीम उनकी तलाश में दिल्ली भेजी गई है।
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तीन नवंबर की शाम सिखेड़ा इलाके में कानूनगो प्रमोद शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात उस समय अंजाम दी गई, जब वह भटौड़ा गांव से खेत की पैमाइश कर लौट रहा था। कानूनगो का लाइसेंसी पिस्टल भी लूट लिया गया। प्रमोद का परिवार मीरापुर में रह रहा था और फिलहाल उसकी तैनाती खतौली तहसील में थी। पुलिस ने केस की तह में जाने के लिए कई पहलुओं की पड़ताल की।
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इसी बीच लेखपाल संघ के दबाव के चलते भटौड़ा गांव के आठ किसानों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर दिया गया। तीन लोगों को उठाकर पूछताछ की गई, लेकिन वह इस बारे में कोई जानकारी होने से इंकार करते रहे। परिवार के लोगों ने भी किसी तरह की रंजिश से इंकार किया। कानूनगो कुंवरपाल के जिस खेत पर पहुंचा था, वहां से चलने के तीन-चार मिनट बाद ही गोली चलने की आवाज आई। उस समय तक चकरोड के विवाद से संबंधित दोनों ही पक्षों के किसान खेत पर मौजूद थे।
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अहम सवाल यही था कि हत्यारों को कानूनगो के पैमाइश के लिए आने और वहां से चलने की सटीक जानकारी थी। माना गया कि हत्या के पीछे कोई ऐसा शख्स है, जिसने कानूनगो की मुखबिरी की। पुलिस ने सर्विलांस की मदद ली और वारदात के वक्त मोबाइल कंपनी के टावर की रेंज में आने वाले नंबरों को खंगाला। पुलिस का तीर सही निशाने पर लगा। वारदात से ऐन वक्त पहले गांव के मोहित के मोबाइल से कॉल की गई। कॉल रिसीव करने वाले मोबाइल नंबर की जांच-पड़ताल की गई तो बंद मिला।


पुलिस ने बिना कोई देरी किए मोहित को उठा लिया। थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सारी कहानी उगल दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक वारदात को मंसूरपुर के जोहरा गांव के युवक ने साथी के साथ अंजाम दिया। बकौल पुलिस, मोहित ने स्वीकार किया कि वह वारदात में शामिल नहीं था, उसने सिर्फ कानूनगो की मुखबिरी की। मोहित ने यह भी बताया कि उसे गांव में चर्चा में पता चल गया कि कानूनगो कुंवरपाल के खेत की पैमाइश करने आने वाला है। कानूनगो के खेत पर पहुंचते ही उसने फोन पर बदमाशों को इत्तला कर दी। बदमाश कानूनगो के आने के इंतजार में ईख के खेत में छिप गए और उसके आते ही गोली मार दी।

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