फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Healthcare involved in the operation of Aryan Hospital

आर्यन हॉस्पिटल के संचालन में लिप्त रहा स्वास्थ्य महकमा

Fri, 28 Jul 2017 12:27 AM IST
ब्यूराो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूराो, अमर उजाला/ शामली Updated Fri, 28 Jul 2017 12:27 AM IST
विज्ञापन
शामली। अवैध रूप से ब्लड चढ़ाने की शिकायत पर सील किए गए आर्यन हॉस्पिटल के संचालन में स्वास्थ्य विभाग भी कम जिम्मेदार नहीं है। एक माह पूर्व रजिस्ट्रेशन के आवेदन की जांच में अस्पताल मानकों पर खरा नहीं उतरा था, जिसमें इसके रजिस्ट्रेशन पर आपत्ति लगा दी गई थी। पूरा मामला पूर्व सीएमओ से लेकर एसीएमओ तक के संज्ञान में था, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
विज्ञापन
दरअसल, आर्यन हॉस्पिटल और ट्रामा सेंटर के रजिस्ट्रेशन के लिए करीब एक माह पूर्व आवेदन किया गया था। इसमें अस्पताल के संचालक के रूप में नरदेव सिंह को दिखाया गया है, जबकि अस्पताल में डाक्टरों के रूप में डा. शमशाद अनवर डीए, डा. सना अली गाइक्नोलॉजिस्ट, डा. एके सिंह एमएस तथा डा. तुषार बीडीएस को दिखाया गया। इनके रेफरेंस का बोर्ड भी आर्यन हॉस्पिटल में लगा दिया गया। जुलाई के प्रथम सप्ताह में पूर्व सीएमओ के आदेश पर आर्यन हॉस्पिटल की जांच कराई गई थी। सूत्रों की माने तो जांच में अस्पताल के मानक पूरे नहीं पाए गए थे और न ही जांच के दौरान वहां पर कोई डाक्टर मिला था, जबकि अस्पताल में कई मरीज भर्ती मिले थे। इसकी रिपोर्ट झोलाछाप की जांच के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी ने जुुलाई के प्रथम सप्ताह में ही पूर्व सीएमओ डा. विनीता अग्निहोत्री को सौंप दी गई थी। जिसमें साफ लिखा गया था कि मानक पर खरे नहीं उतरने के लिए अस्पताल का पंजीकरण की संस्तुति नहीं की जा सकती। इसके बाद से आज तक फाइल दबी हुई थी। इससे साफ साबित है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पहले से ही पता था कि अस्पताल अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में स्वास्थ्य महकमा भी कम दोषी नहीं है।
विज्ञापन
तीन दिन बीते, रिपोर्ट दर्ज कराने से कतरा रहा विभाग शामली। एसडीएम, सीओ और डीआई के छापे के दौरान अस्पताल में छह महिलाएं ऐसी मिली थी, जिनकी डिलीवरी और सीजर अस्पताल में ही किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं है। जाहिर है कि अवैध रूप से अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। महकमे द्वारा जिलाधिकारी के आदेश पर अस्पताल को सील भी करा दिया गया। पूरे मामले को तीन दिन बीत गए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से आज तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन
आखिर किसने कराई डिलीवरी और किसने किया सीजर शामली। बिना स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के अवैध रूप से संचालित किये जा रहे आर्यन हॉस्पिटल पर अधिकारियों ने छापा मारा उस समय वहां पर करीब छह महिलाएं खुशनसीब निवासी हसनपुर, जेबा निवासी थानाभवन, रेशमा निवासी कैल, सायमा निवासी झिंझाना और रोहिनी निवासी एरटी भर्ती थी। इनमें ज्यादातर को डिलीवरी हुई थी और तीन महिलाओं के सीजर किया गया था। ऐसे में साफ है कि डिलीवरी और सीजर कोई ऐसे नहीं कर सकता, इनमें स्टाफ नर्स, डाक्टर और सर्जन की जरूरत पड़ी होगी। ऐसे में कार्रवाई की जद में स्टाफ भी आ सकता है।
लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। आर्यन हॉस्पिटल को सील करा दिया गया है और अवैध अस्पतालों को भी चिह्नित कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। अवैध अस्पतालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। - इंद्र विक्रम सिंह, डीएम शामली। आर्यन हॉस्पिटल संचालक को नोटिस दिया गया है, जल्द ही इसमें एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी। -डा. सफल कुमार, सीएमओ शामली।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed