{"_id":"59e25e0a4f1c1bd8538b75de","slug":"ethnic-tension-with-the-attack-on-dalit-schoolgirl","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉलेज में दलित छात्रा पर हमले से जातीय तनाव ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कॉलेज में दलित छात्रा पर हमले से जातीय तनाव
ब्यूरो, अमर उजाला/ मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 15 Oct 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
जनता इंटर कॉलेज पचेंडा के गेट पर हंगामा कर प्रधानाचार्य का घेराव करते पीड़ित परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर के जनता इंटर कॉलेज मुस्तफाबाद पचेंडा कलां में छात्राओं के बीच टशन के मामले ने गांव में जातीय तनाव के हालात पैदा कर दिए। जाट बिरादरी से ताल्लुक रखने वाली कुछ छात्राओं ने एक दलित छात्रा पर हमला कर दिया। छात्राओं के बीच हुई मारपीट को लेकर दोनों समाज के बड़े लोग भी भिड़ गए। घायल छात्रा के परिजनों के साथ सैकड़ों दलितों ने शनिवार सुबह कॉलेज गेट पर धरना देकर हंगामा कर कॉलेज बंद करा दिया, जिससे टकराव की स्थिति बन गई। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। साथ ही नईमंडी कोतवाली का घेराव किया। मामला बढ़ने पर पुलिस ने घायल छात्रा के पिता की ओर से चार छात्राओं के खिलाफ हमला करने और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले को लेकर गांव में दोनों समाज के ग्रामीणों में जबरदस्त तनाव बना है।
विज्ञापन
नईमंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव पचेंडा कलां निवासी दलित अजय की बेटी प्रगति पर यह हमला हुआ। प्रगति गांव में ही जनता इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की छात्रा है। आरोप है कि जाट बिरादरी की कुछ छात्राएं उससे रोजाना जातिसूचक शब्दों से अपमानित करती हैं, जिस कारण परेशान होकर उसने कई दिनों से कॉलेज जाना छोड़ रखा था। आरोप है कि इस संबंध में उसने प्रधानाचार्य और अपनी शिक्षिका से शिकायत की, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को वह कॉलेज आई थी। आरोप है कि छुट्टी के बाद जब वह कॉलेज गेट पर पहुंची तो कुछ छात्राओं ने उसके साथ मारपीट की और सिर में डंडा मारकर उसका सिर फोड़ दिया। छात्राओं के बीच हुई मारपीट से वहां अफरातफरी मच गई। जानकारी मिलने पर छात्राओं के परिजन भी आ गए और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। पुलिस को घटना की सूचना दी गई, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
हंगामा कर कॉलेज बंद कराया
छात्रा पर हमले और बाद में परिजनों से मारपीट को लेकर पीड़ित परिजनों के साथ उनके समाज के सैकड़ों लोगों और महिलाओं ने शनिवार सुबह सात बजे कॉलेज में जाकर हंगामा कर कॉलेज बंद करा दिया। ये सभी कॉलेज गेट पर धरना देकर बैठ गए। इस दौरान महिलाओं की प्रधानाचार्य से भी जमकर नोकझोंक हुई। मामले की जानकारी मिलने पर कॉलेज प्रबंधन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। आरोपी पक्ष का कहना था कि छात्रा ही अपने भाइयों को लेकर कॉलेज आई थी और गेट पर आरोपी छात्रा से मारपीट की। बात बिगड़ती देख पुलिस को खबर दी गई, तब नईमंडी कोतवाली पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति को बिगड़ने से संभाला। 11 बजे तक घरना दिया गया।
विज्ञापन
हाईवे पर रोकने का प्रयास
कॉलेज गेट से धरना समाप्त कर पीड़ित पक्ष के लोग और महिलाएं दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर जिला मुख्यालय के लिए चल दिए। जिस पर दूसरे समाज के लोगों ने उन्हें पचेंडा बाईपास हाईवे पर रोकने का प्रयास किया। मगर वे नहीं रुके। हालांकि गांव के जिम्मेदार लोगों ने समझौता कराने का भी प्रयास किया, मगर सफलता नहीं मिली।
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन,
मंडी कोतवाली घेरी
गांव से आकर पीड़ित पक्ष ने कलक्ट्रेट में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। मौके पर आए एडीएम प्रशासन हरीशचंद्र को अपनी शिकायत बताई, जिस पर एडीएम ने नईमंडी पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नईमंडी कोतवाली का घेराव कर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान आजाद सिंह, विद्यानंद, धर्मदास, अजय कुमार, नरेश भारती, कलीराम, अमर सिंह, आत्माराम, ब्रहम सिंह, भूषण, विजयपाल, सुखबीर, मदन, दलवीर समेत काफी संख्या में महिलाएं शामिल रही।
आरोपी चार छात्राओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
हंगामे और प्रदर्शन के बाद नईमंडी पुलिस ने घायल छात्रा प्रगति के पिता अजय की ओर से चार आरोपी छात्राओं प्राची, प्रियांशी, हिमानी और स्वाति के खिलाफ हमले और एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया। उधर, इस मामले को लेकर गांव में जातीय तनाव की स्थिति बन गई है। पुलिस प्रशासन और गांव के जिम्मेदार लोग मामला सुलझाने के लिए प्रयासरत हैं। एडीएम के निर्देश पर सीओ नईमंडी और इंस्पेक्टर ने शाम गांव जाकर दोनों समाज के लोगों की बैठक ली है। गांव में जातीय तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन