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बंदी की तलाश में दबिश
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Sun, 16 Sep 2018 12:23 AM IST
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crime
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल से बंदी के भागने से पुलिस महकमे में अफरातफरी का आलम हो गया। शनिवार की शाम तक बंदी की तलाश में जिले की सीमाएं सील कर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस की एक टीम ने बंदी तलाश में तुलसीनगर स्थित उसके आवास पर दबिश दी। इस मामले की जानकारी होने पर एसएसपी सहित पुलिस महकमे के अधिकारियों ने जिला अस्पताल पहुंचकर बंदी के भागने में पूरी जानकारी एकत्र की। एसएसपी ने कहा कि मामले की जांच के बाद काम के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप में कार्रवाई की जाएगी।
जिला अस्पताल से विचाराधीन बंदी के फरार होने के बाद पुलिस महकमा सक्रिय हो गया। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह के आदेश पर जिले की सीमाएं सील कर बंदी की तलाश के लिए वाहनों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन व निजी रूट के वाहन स्टैंड पर भी बंदी की तलाश की गई, लेकिन उसका सुराग नहीं मिल पाया।
जिला चिकित्सालय से विचाराधीन बंदी के भागने के बाद जहां एक ओर जिले की सीमाएं सील कर उसकी तलाश की जा रही थी, वहीं दूसरी ओर एक पुलिस टीम ने तुलसीनगर स्थित उसके घर पर दबिश दी। इस दौरान उसके परिजनों को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपी बंदी को गिरफ्तार करने के लिए दबिशें दी जा रही है। पुलिस ने कहा कि शीघ्र ही बंदी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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बता दें कि नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी ने पांच अगस्त को मोहल्ला तुुलसीनगर निवासी विशाल के खिलाफ नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपहरण करने और दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छह अगस्त को नई मंडी कोतवाली पुलिस ने आरोपी विशाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शनिवार को स्वामी कल्याण देव राजकीय जिला चिकित्सालय से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग गया।
बंदी के भागते ही पुलिसकर्मियों में अफरातफरी मच गई। उन्होंने बंदी का पीछा भी किया, लेकिन वह हाथ नहीं आया। सूचना पाकर सीओ सिटी हरीश भदौरिया और शहर कोतवाल इंस्पेक्टर अनिल कपरवान टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह व एसपी सिटी ओमवीर सिंह भी जिला अस्पताल पहुंचे और बंदी को जेल से लाने वाले दरोगा व सिपाहियों से घटना की जानकारी ली। नई मंडी इंस्पेक्टर हरशरण शर्मा ने बताया कि बंदी की तलाश की जा रही है। एक टीम उसके घर भी भेज दी गई।
फरार बंदी पर दर्ज हुई एफआईआर
मुजफ्फरनगर। जिला चिकित्सालय से फरार हुए बंदी विशाल के खिलाफ उसे डीएनए टेस्ट के लिए लाने वाले नई मंडी थाने के एसआई सुखबीर सिंह ने शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि बंदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पहले भी फरार हो चुके हैं कुख्यात
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल से दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के बंदी के फरार होने से पहले भी जनपद से कुख्यात पुलिस को गच्चा देकर भाग चुके हैं। पिछले तीन वर्षों की ही बात करें तो वर्ष 2015 में 50 हजार का इनामी रहा खालापार का शाहरुख पठान रेलवे रोड स्थित एक होटल से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। आसिफ चिकना के मुख्य हत्यारोपी शाहरुख को पुलिसकर्मी हरदोई से पेशी पर लेकर आए थे।
करीब दो साल लंबी फरारी काटने के बाद शाहरुख को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद अप्रैल 2016 में केरटू गांव के बिट्टू व धर्मेंद्र नामक शातिर फरार हो गए थे,। इसके बाद फरवरी 2017 में 50 हजार का इनामी कुख्यात मुर्तलीब शहर के सुजड़ू चुुंगी स्थित होटल से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था, उसे भी पुलिस पेशी पर लेकर आई थी। बाद में मुर्तलीब को क्राइम ब्रांच ने करीब तीन माह बाद मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था, जिसमें उसके पैर में गोली भी लगी थी। इनके अलावा, करीब डेढ़ माह पूर्व ही जिला अस्पताल से एक अन्य बंदी फरार हो गया था, तत्काल बाद ही उसे घासमंडी से पीछा कर दबोचकर जेल भेज दिया गया था।
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जिला अस्पताल से विचाराधीन बंदी के फरार होने के बाद पुलिस महकमा सक्रिय हो गया। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह के आदेश पर जिले की सीमाएं सील कर बंदी की तलाश के लिए वाहनों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन व निजी रूट के वाहन स्टैंड पर भी बंदी की तलाश की गई, लेकिन उसका सुराग नहीं मिल पाया।
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जिला चिकित्सालय से विचाराधीन बंदी के भागने के बाद जहां एक ओर जिले की सीमाएं सील कर उसकी तलाश की जा रही थी, वहीं दूसरी ओर एक पुलिस टीम ने तुलसीनगर स्थित उसके घर पर दबिश दी। इस दौरान उसके परिजनों को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपी बंदी को गिरफ्तार करने के लिए दबिशें दी जा रही है। पुलिस ने कहा कि शीघ्र ही बंदी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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बता दें कि नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी ने पांच अगस्त को मोहल्ला तुुलसीनगर निवासी विशाल के खिलाफ नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपहरण करने और दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छह अगस्त को नई मंडी कोतवाली पुलिस ने आरोपी विशाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शनिवार को स्वामी कल्याण देव राजकीय जिला चिकित्सालय से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग गया।
बंदी के भागते ही पुलिसकर्मियों में अफरातफरी मच गई। उन्होंने बंदी का पीछा भी किया, लेकिन वह हाथ नहीं आया। सूचना पाकर सीओ सिटी हरीश भदौरिया और शहर कोतवाल इंस्पेक्टर अनिल कपरवान टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह व एसपी सिटी ओमवीर सिंह भी जिला अस्पताल पहुंचे और बंदी को जेल से लाने वाले दरोगा व सिपाहियों से घटना की जानकारी ली। नई मंडी इंस्पेक्टर हरशरण शर्मा ने बताया कि बंदी की तलाश की जा रही है। एक टीम उसके घर भी भेज दी गई।
फरार बंदी पर दर्ज हुई एफआईआर
मुजफ्फरनगर। जिला चिकित्सालय से फरार हुए बंदी विशाल के खिलाफ उसे डीएनए टेस्ट के लिए लाने वाले नई मंडी थाने के एसआई सुखबीर सिंह ने शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि बंदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पहले भी फरार हो चुके हैं कुख्यात
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल से दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के बंदी के फरार होने से पहले भी जनपद से कुख्यात पुलिस को गच्चा देकर भाग चुके हैं। पिछले तीन वर्षों की ही बात करें तो वर्ष 2015 में 50 हजार का इनामी रहा खालापार का शाहरुख पठान रेलवे रोड स्थित एक होटल से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। आसिफ चिकना के मुख्य हत्यारोपी शाहरुख को पुलिसकर्मी हरदोई से पेशी पर लेकर आए थे।
करीब दो साल लंबी फरारी काटने के बाद शाहरुख को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद अप्रैल 2016 में केरटू गांव के बिट्टू व धर्मेंद्र नामक शातिर फरार हो गए थे,। इसके बाद फरवरी 2017 में 50 हजार का इनामी कुख्यात मुर्तलीब शहर के सुजड़ू चुुंगी स्थित होटल से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था, उसे भी पुलिस पेशी पर लेकर आई थी। बाद में मुर्तलीब को क्राइम ब्रांच ने करीब तीन माह बाद मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था, जिसमें उसके पैर में गोली भी लगी थी। इनके अलावा, करीब डेढ़ माह पूर्व ही जिला अस्पताल से एक अन्य बंदी फरार हो गया था, तत्काल बाद ही उसे घासमंडी से पीछा कर दबोचकर जेल भेज दिया गया था।