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काटका में दो संप्रदायों में खूनी जंग, 11 घायल
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 03 Dec 2015 12:19 AM IST
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जानसठ। धन के लेनदेन के मामले को लेकर काटका गांव में सांप्रदायिक बवाल हो गया। दो समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव किया। बीच में पहुंची पुलिस भागने पर मजबूर हुई। बाद में भारी पुलिस बल ने किसी तरह हालात संभाले और अफसरों ने फोर्स के साथ फ्लैग मार्च किया। पथराव में लहूलुहान 11 लोगों को सीएचसी भेजा गया। घरों से चुन-चुनकर आरोपी हिरासत में लिए गए। इस दौरान गांव में सन्नाटा पसर गया। तनाव के चलते गांव में फोर्स तैनात कर दिया गया है।
जानसठ थाना क्षेत्र के काटका गांव निवासी दलित समुदाय का संजय पुत्र बेगराज ईंट भट्ठा मालिकों को लेबर मुहैया कराने की ठेकेदारी करता है। संजय का भट्ठे की 22 हजार पेशगी को लेकर कवाल निवासी अरुण से विवाद चल रहा था। कुछ समय से अरुण रफी के पास मजदूरी कर रहा था। बुधवार को संजय रफी के घर मौजूद अरुण से पैसों का तकादा करने गया, तो उसने धन वापस देने से असमर्थता जताई। वह अरुण को जबरन ले जाने लगा, तो रफी ने विरोध किया। इस पर रफी और संजय में गाली-गलौज हुई। मामला इतना बढ़ा कि रफी और उसके बेटों ने संजय को घर में बंधक बनाकर जमकर पिटाई की।
सूचना पर संजय के परिवार के काफी लोग पहुंच गए और दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ। सांप्रदायिक बवाल की खबर पर पहुंची पुलिस पर एक समुदाय के लोगों ने पथराव कर भागने पर मजबूर कर दिया। काफी देर तक पथराव के बाद कई थानों की फोर्स पहुंची, तो बवाली घरों में जाकर दुबक गए।
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मौके पर लहूलुहान हालत में मिले सागर, चरणा, समुंद्रसेन, महकार, महेंद्र, निखिल, संजय, अरुण, अर्जुन, सत्यवती, रुकमणी को सीएचसी ले जाया गया। साथ ही एसपी क्राइम राकेश कुमार जौली, सीओ जानसठ कुंवर अनुपम सिंह, सीओ भोपा सूक्ष्म प्रकाश, एसडीएम जानसठ उमेश कुमार मिश्रा ने पीएसी के साथ गांव में फ्लैग मार्च कराया। आरोपियों को पीएसी ने घरों में घुसकर हिरासत में लिए।
इस दौरान पकड़े गए 14 लोगों को थाने भिजवाया गया। पुलिस ने आरोपी सरफराज, शाहिद, जावेद, जिल्ले, नजर मोहम्मद, सिफेदार, महकार, संजय, निखिल, जोगेंद्र, अरविंद्र, अरुण और अर्जुन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया। उधर, घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया।
अफसरों ने ऐहतियातन पुलिस और पीएसी तैनात की है। एसपी क्राइम राकेश कुमार जौली ने बताया कि दो पक्षों में झगड़े के बाद स्थिति काबू में कर ली गई है। आरोपियों पर कार्रवाई की गई है।
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जानसठ थाना क्षेत्र के काटका गांव निवासी दलित समुदाय का संजय पुत्र बेगराज ईंट भट्ठा मालिकों को लेबर मुहैया कराने की ठेकेदारी करता है। संजय का भट्ठे की 22 हजार पेशगी को लेकर कवाल निवासी अरुण से विवाद चल रहा था। कुछ समय से अरुण रफी के पास मजदूरी कर रहा था। बुधवार को संजय रफी के घर मौजूद अरुण से पैसों का तकादा करने गया, तो उसने धन वापस देने से असमर्थता जताई। वह अरुण को जबरन ले जाने लगा, तो रफी ने विरोध किया। इस पर रफी और संजय में गाली-गलौज हुई। मामला इतना बढ़ा कि रफी और उसके बेटों ने संजय को घर में बंधक बनाकर जमकर पिटाई की।
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सूचना पर संजय के परिवार के काफी लोग पहुंच गए और दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ। सांप्रदायिक बवाल की खबर पर पहुंची पुलिस पर एक समुदाय के लोगों ने पथराव कर भागने पर मजबूर कर दिया। काफी देर तक पथराव के बाद कई थानों की फोर्स पहुंची, तो बवाली घरों में जाकर दुबक गए।
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मौके पर लहूलुहान हालत में मिले सागर, चरणा, समुंद्रसेन, महकार, महेंद्र, निखिल, संजय, अरुण, अर्जुन, सत्यवती, रुकमणी को सीएचसी ले जाया गया। साथ ही एसपी क्राइम राकेश कुमार जौली, सीओ जानसठ कुंवर अनुपम सिंह, सीओ भोपा सूक्ष्म प्रकाश, एसडीएम जानसठ उमेश कुमार मिश्रा ने पीएसी के साथ गांव में फ्लैग मार्च कराया। आरोपियों को पीएसी ने घरों में घुसकर हिरासत में लिए।
इस दौरान पकड़े गए 14 लोगों को थाने भिजवाया गया। पुलिस ने आरोपी सरफराज, शाहिद, जावेद, जिल्ले, नजर मोहम्मद, सिफेदार, महकार, संजय, निखिल, जोगेंद्र, अरविंद्र, अरुण और अर्जुन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया। उधर, घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया।
अफसरों ने ऐहतियातन पुलिस और पीएसी तैनात की है। एसपी क्राइम राकेश कुमार जौली ने बताया कि दो पक्षों में झगड़े के बाद स्थिति काबू में कर ली गई है। आरोपियों पर कार्रवाई की गई है।