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भैसाना और खाईखेड़ी मिल ने नहीं किया भुगतान
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 25 Apr 2017 12:19 AM IST
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चीनी मिल
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मुजफ्फरनगर। जिले की भैसाना और खाईखेड़ी चीनी मिल के लिए योगी सरकार का 23 अप्रैल का अल्टीमेटम कोई मायने नहीं रखता है। भैसाना पर किसानों का इस समय दो अरब 74 करोड़ 68 लाख बकाया है, जबकि खाईखेड़ी चीनी मिल पर 40 करोड़ 22 लाख बकाया है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि प्रत्येक चीनी मिल अब 14 दिन में अपना भुगतान करेगी। जिन चीनी मिलों पर पुराना बकाया है वह 23 अप्रैल तक हर हाल में किसानों को देगी। प्रदेश सरकार का अल्टीमेटम का समय भी समाप्त हो गया है, लेकिन दो चीनी मिलों ने बकाया का भुगतान नहीं किया है। जिले की भैसाना चीनी मिल ऐसी है, जिस पर सबसे ज्यादा बकाया है। इस चीनी मिल में किसानों ने तीन अरब 96 करोड़ का गन्ना डाला है। चीनी मिल पर दो अरब 74 करोड़ 68 लाख बकाया है। जिले की दूसरी ऐसी चीनी मिल खाईखेड़ी है। खाईखेड़ी पर किसानों का 40 करोड़ 22 लाख बकाया है। इनके अलावा तितावी पर केवल चार करोड़ ही 14 दिन से ऊपर का बकाया है।
बाकी सभी चीनी मिल 14 दिन से पहले किसानों का भुगतान कर रही हैं। सहकारी चीनी मिल मोरना का भुगतान भी समय पर हो रहा है। टिकौला, मंसूरपुर, खतौली, रोहाना समय से भुगतान कर रही है। अब किसानों की निगाहें इस बात पर टिकी है कि अल्टीमेटम के बाद भी भुगतान नहीं करने वाली चीनी मिलों पर योगी क्या कार्रवाई करते हैं। डीसीओ ओमप्रकाश यादव का कहना है कि दो ही चीनी मिलें दिक्कत कर रही हैं। विभाग दोनों पर भुगतान के लिए दबाव बना रहा है।
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27 तक बंद हो जाएगी जिले की चीनी मिलें
मुजफ्फरनगर। चीनी मिलों का पेराई सत्र समाप्ति की ओर है। पांच चीनी मिलें पेराई बंद कर चुकी हैं, बाकी तीन चीनी मिलें भी 27 तक पेराई बंद कर देंगी। सबसे देर तक मोरना चीनी मिल के ही चलने की संभावना है। जिले में एक सहकारी चीनी मिल मोरना सहित आठ चीनी मिले हैं। मिलों का पेराई सत्र समाप्ति की ओर है। अधिकतम किसान अपना गन्ना मिलों को डाल चुके हैं। गन्ने की आपूर्ति नहीं होने पर रोहाना, तितावी, टिकौला, भैसाना, खाईखेड़ी ने पेराई बंद कर दी है। अब जिले में केवल तीन चीनी मिलों में ही पेराई हो पा रही है। इनमें सहकारी चीनी मिल मोरना, खतौली और मंसूरपुर शामिल हैं।
उधर, जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि खतौली चीनी मिल 25 अप्रैल तक पेराई करेगी। मंसूरपुर 26 और मोरना 27 अप्रैल तक पेराई करेगी। डीसीओ ने बताया कि यदि किसानों के पास गन्ना बचता है, तो सहकारी चीनी मिल मोरना का समय बढ़ाया जा सकता है।
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मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि प्रत्येक चीनी मिल अब 14 दिन में अपना भुगतान करेगी। जिन चीनी मिलों पर पुराना बकाया है वह 23 अप्रैल तक हर हाल में किसानों को देगी। प्रदेश सरकार का अल्टीमेटम का समय भी समाप्त हो गया है, लेकिन दो चीनी मिलों ने बकाया का भुगतान नहीं किया है। जिले की भैसाना चीनी मिल ऐसी है, जिस पर सबसे ज्यादा बकाया है। इस चीनी मिल में किसानों ने तीन अरब 96 करोड़ का गन्ना डाला है। चीनी मिल पर दो अरब 74 करोड़ 68 लाख बकाया है। जिले की दूसरी ऐसी चीनी मिल खाईखेड़ी है। खाईखेड़ी पर किसानों का 40 करोड़ 22 लाख बकाया है। इनके अलावा तितावी पर केवल चार करोड़ ही 14 दिन से ऊपर का बकाया है।
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बाकी सभी चीनी मिल 14 दिन से पहले किसानों का भुगतान कर रही हैं। सहकारी चीनी मिल मोरना का भुगतान भी समय पर हो रहा है। टिकौला, मंसूरपुर, खतौली, रोहाना समय से भुगतान कर रही है। अब किसानों की निगाहें इस बात पर टिकी है कि अल्टीमेटम के बाद भी भुगतान नहीं करने वाली चीनी मिलों पर योगी क्या कार्रवाई करते हैं। डीसीओ ओमप्रकाश यादव का कहना है कि दो ही चीनी मिलें दिक्कत कर रही हैं। विभाग दोनों पर भुगतान के लिए दबाव बना रहा है।
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27 तक बंद हो जाएगी जिले की चीनी मिलें
मुजफ्फरनगर। चीनी मिलों का पेराई सत्र समाप्ति की ओर है। पांच चीनी मिलें पेराई बंद कर चुकी हैं, बाकी तीन चीनी मिलें भी 27 तक पेराई बंद कर देंगी। सबसे देर तक मोरना चीनी मिल के ही चलने की संभावना है। जिले में एक सहकारी चीनी मिल मोरना सहित आठ चीनी मिले हैं। मिलों का पेराई सत्र समाप्ति की ओर है। अधिकतम किसान अपना गन्ना मिलों को डाल चुके हैं। गन्ने की आपूर्ति नहीं होने पर रोहाना, तितावी, टिकौला, भैसाना, खाईखेड़ी ने पेराई बंद कर दी है। अब जिले में केवल तीन चीनी मिलों में ही पेराई हो पा रही है। इनमें सहकारी चीनी मिल मोरना, खतौली और मंसूरपुर शामिल हैं।
उधर, जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि खतौली चीनी मिल 25 अप्रैल तक पेराई करेगी। मंसूरपुर 26 और मोरना 27 अप्रैल तक पेराई करेगी। डीसीओ ने बताया कि यदि किसानों के पास गन्ना बचता है, तो सहकारी चीनी मिल मोरना का समय बढ़ाया जा सकता है।