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बसपा जिलाध्यक्ष कमल गौतम की जमानत अर्जी खारिज
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:53 AM IST
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बसपा जिलाध्यक्ष कमल गौतम की जमानत अर्जी खारिज
मुजफ्फरनगर। दलितों के आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव और हिंसा के मामले में जेल भेजे गए बसपा जिलाध्यक्ष कमल गौतम की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। उधर, दो अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी अदालत ने रद्द की है।
दो अप्रैल को शहर में दलितों के आंदोलन के दौरान जमकर उपद्रव होने के बाद हिंसा हुई थी, जिसमें उपद्रवियों ने तोड़फोड़, आगजनी की थी। कई वाहनों में आग लगाई थी। नई मंडी कोतवाली पर पथराव कर कोतवाली परिसर और बाहर खडे़ डेढ़ दर्जन वाहनों को फूंक दिया था। इस संबंध में नई मंडी कोतवाली के अलावा सिविल लाइन और सिटी कोतवाली में अब तक 42 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। जीआरपी और आरपीएफ में भी मामले दर्ज हैं, जिनमें 91 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने उपद्रव और हिंसा के मामले में बसपा जिलाध्यक्ष कमल गौतम को 6 अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बसपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ शहर के तीनों थानों की पुलिस ने कार्रवाई की है। गत सप्ताह सिविल लाइन थाने में दर्ज उपद्रव के मामले में कोर्ट ने बसपा जिलाध्यक्ष की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। सोमवार को एसीजेएम प्रथम कोर्ट में नई मंडी कोतवाली में दर्ज हिंसा, उपद्रव के मामले में उनके अधिवक्ता की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। उधर, उपद्रव के मामले में जेल गए नवीन और दिलशाद की भी जमानत अर्जी एसीजेएम कोर्ट संख्या एक से रद्द हो गई है।
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मुजफ्फरनगर। दलितों के आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव और हिंसा के मामले में जेल भेजे गए बसपा जिलाध्यक्ष कमल गौतम की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। उधर, दो अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी अदालत ने रद्द की है।
दो अप्रैल को शहर में दलितों के आंदोलन के दौरान जमकर उपद्रव होने के बाद हिंसा हुई थी, जिसमें उपद्रवियों ने तोड़फोड़, आगजनी की थी। कई वाहनों में आग लगाई थी। नई मंडी कोतवाली पर पथराव कर कोतवाली परिसर और बाहर खडे़ डेढ़ दर्जन वाहनों को फूंक दिया था। इस संबंध में नई मंडी कोतवाली के अलावा सिविल लाइन और सिटी कोतवाली में अब तक 42 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। जीआरपी और आरपीएफ में भी मामले दर्ज हैं, जिनमें 91 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने उपद्रव और हिंसा के मामले में बसपा जिलाध्यक्ष कमल गौतम को 6 अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बसपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ शहर के तीनों थानों की पुलिस ने कार्रवाई की है। गत सप्ताह सिविल लाइन थाने में दर्ज उपद्रव के मामले में कोर्ट ने बसपा जिलाध्यक्ष की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। सोमवार को एसीजेएम प्रथम कोर्ट में नई मंडी कोतवाली में दर्ज हिंसा, उपद्रव के मामले में उनके अधिवक्ता की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। उधर, उपद्रव के मामले में जेल गए नवीन और दिलशाद की भी जमानत अर्जी एसीजेएम कोर्ट संख्या एक से रद्द हो गई है।
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