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तेहरे भाई का कत्ल करने वाले को उम्रकैद

Tue, 31 Oct 2017 12:46 AM IST
Updated Tue, 31 Oct 2017 12:46 AM IST
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तेहरे भाई का कत्ल करने वाले को उम्रकैद
हत्यारे को उम्रकैद, मां की आत्मशांति के लिए किया था मर्डर
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मुजफ्फरनगर।
फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या (दो) ने तेहरे भाई का कत्ल करने वाले चचेरे भाई को आजीवन कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा पाने वाला बीते साढ़े चार साल से जेल में बंद है। हाईकोर्ट ने इस मामले में त्वरित निस्तारण के आदेश दिए थे।
खतौली कोतवाली पर दूधली के अमित कुमार ने 26 मई 2013 को यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका साला राजा पुत्र भोपाल निवासी ककरौली उसके पास रहकर खतौली के गोल्डन हार्ट एकेडमी में हाईस्कूल में पढ़ता था। वह 24 मई 2013 को स्कूल की छुट्टी होने के बाद घर से मोबाइल लेकर साइकिल से गया था, मगर वापस नहीं आया। तलाशने के दौरान उसकी साइकिल खतौली के जानसठ बस स्टैंड के पास मिस्त्री के यहां मिली है। मुकदमे के दौरान गवाह ने बताया था कि राजा को ककरौली निवासी उसके कुटुंब के चचेरे भाई राहुल और अंकुश के साथ जाते हुए देखा था। इस मुकदमे में राहुल और अंकुश के साथ जगत कॉलोनी निवासी सुरेंद्र को षड्यंत्र रचने का आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने राहुल और अंकुश की निशानदेही पर राजा की लाश हत्या में प्रयुक्त चाकू समेत ककरौली इंटर कालेेज के परिसर से एक गड्ढ़े से बरामद की थी।
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राहुल को बताया गया था कि उनकी मां पर राजा की मां ने टोटका कराया था। इसी कारण उनकी मां की मौत हुई थी और उनकी मां की आत्मा को शांति राजा को मारने से ही मिलेगी। इस अंधविश्वास में यह हत्या की गई थी। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम राजपूत की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 में हुई। एडीजीसी रीतू चौधरी ने कोर्ट में दस गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील और सबूतों के साथ गवाहों के बयानात पर गौर करते हुए राहुल को हत्या का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 15 हजार का जुर्माना, धारा 363 के तहत पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार का जुर्माना, धारा 201 के तहत दो वर्ष का कारावास और दो हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। सह अभियुक्त अंकुश का मुकदमा किशोर न्यायालय में चल रहा है। षड्यंत्र रचने के आरोपी सुरेंद्र को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
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