{"_id":"59418b294f1c1bfb038b4605","slug":"51497467689-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"झूठा निकला गैंगरेप, तहरीर वापस ले ली","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
झूठा निकला गैंगरेप, तहरीर वापस ले ली
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस ने दुराचार के मामले को झूठा करार दिया
भोपा। दो पक्षों में चले आ रहे दुराचार के आरोप-प्रत्यारोप को लेकर गांव में हुई पंचायत में पंचों ने दोनों पक्षों को समझौता करने का फरमान सुनाया। दोनों ओर से सभी कार्रवाई बंद करने के साथ ही एक माह से जेल में बंद दुष्कर्म के आरोपी को छुड़ाने पर सहमति बनी। उधर, पुलिस ने पंचायत की जानकारी होने से इंकार किया। रेप के मामले को पुलिस ने झूठा करार दिया है।
भोपा क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने चार लोगों पर गैंगरेप करने का आरोप लगाते हुए थाने पर तहरीर दी थी। एक आरोपी को पुलिस को भी सौंप दिया था। थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि महिला जिस व्यक्ति पर दुराचार का आरोप लगा रही है, उस व्यक्ति की बेटी के साथ बलात्कार करने के आरोप में महिला का बेटा पहले से ही जेल में बंद है। उधर, इस मामले को लेकर बुधवार को दोनों पक्षों के लोगों की एक पंचायत हुई, जिसमें एक दूसरे पर लग रहे बलात्कार के आरोप-प्रत्यारोप के सिलसिले को खत्म करने पर सहमति बनी। पंचों ने दोनों पक्षों को गांव की इज्जत खराब न करने की भी हिदायत दी, जिस पर महिला ने भी बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराने से मना करते हुए अपनी तहरीर भी वापस ले ली है। इस पर दूसरा पक्ष भी एक माह पूर्व दर्ज कराए बलात्कार के मुकदमे में शपथ पत्र लगाने को राजी हो गया। इसके बाद मंगलवार को पुलिस को सौंपे गए व्यक्ति को भी छुड़वाया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि पंचायत की कोई जानकारी तो नहीं, लेकिन महिला द्वारा लगाया गया गैंगरेप का आरोप जांच में निराधार पाया गया है। महिला ने किसी भी कार्रवाई से इंकार किया है।
विज्ञापन
भोपा। दो पक्षों में चले आ रहे दुराचार के आरोप-प्रत्यारोप को लेकर गांव में हुई पंचायत में पंचों ने दोनों पक्षों को समझौता करने का फरमान सुनाया। दोनों ओर से सभी कार्रवाई बंद करने के साथ ही एक माह से जेल में बंद दुष्कर्म के आरोपी को छुड़ाने पर सहमति बनी। उधर, पुलिस ने पंचायत की जानकारी होने से इंकार किया। रेप के मामले को पुलिस ने झूठा करार दिया है।
भोपा क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने चार लोगों पर गैंगरेप करने का आरोप लगाते हुए थाने पर तहरीर दी थी। एक आरोपी को पुलिस को भी सौंप दिया था। थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि महिला जिस व्यक्ति पर दुराचार का आरोप लगा रही है, उस व्यक्ति की बेटी के साथ बलात्कार करने के आरोप में महिला का बेटा पहले से ही जेल में बंद है। उधर, इस मामले को लेकर बुधवार को दोनों पक्षों के लोगों की एक पंचायत हुई, जिसमें एक दूसरे पर लग रहे बलात्कार के आरोप-प्रत्यारोप के सिलसिले को खत्म करने पर सहमति बनी। पंचों ने दोनों पक्षों को गांव की इज्जत खराब न करने की भी हिदायत दी, जिस पर महिला ने भी बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराने से मना करते हुए अपनी तहरीर भी वापस ले ली है। इस पर दूसरा पक्ष भी एक माह पूर्व दर्ज कराए बलात्कार के मुकदमे में शपथ पत्र लगाने को राजी हो गया। इसके बाद मंगलवार को पुलिस को सौंपे गए व्यक्ति को भी छुड़वाया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि पंचायत की कोई जानकारी तो नहीं, लेकिन महिला द्वारा लगाया गया गैंगरेप का आरोप जांच में निराधार पाया गया है। महिला ने किसी भी कार्रवाई से इंकार किया है।
विज्ञापन