{"_id":"5a78ad1e4f1c1b8e268b86ff","slug":"41517858078-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनआईए के रडार पर सराफा बाजार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एनआईए के रडार पर सराफा बाजार
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनआईए के रडार पर सराफा बाजार
मुजफ्फरनगर।
शहर के दो सराफा कारोबारियों द्वारा हवाला के जरिये आतंकियों को रुपये ट्रांसफर करने के मामले का खुलासा होने पर अब मुजफ्फरनगर का सराफा बाजार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के रडार पर है। जांच-पड़ताल में अभी कुछ और लोगों के संलिप्त होने की आशंका जताई जा रही है। वैसे भी मुजफ्फरनगर का सराफा बाजार आजमगढ़ और शेरकोट के बाद हवाला का बड़ा केंद्र माना जा रहा है। एनआईए की छापेमारी के बाद यहां के सराफा बाजार के कारोबारियों में अफरातफरी है।
दो दिन पहले एनआईए के छापे की कार्रवाई से खुलासा हो चुका है कि शहर के दोनों सर्राफ हवाला कारोबार से जुड़े हैं। दोनों के यहां नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीम द्वारा चलाए गए सर्च अभियान में बड़ी संख्या में देशी व विदेशी करेंसी, पिस्टल, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य सामान बरामद हुआ था। टीम को शक है कि दोनों सर्राफ हवाला के जरिये आतंकियों को धन उपलब्ध कराते हैं। एनआईए ने शनिवार को एटीएस के साथ शहर के सराफ आदिश जैन और अंकित गर्ग के यहां छापेमारी की थी। टीम ने अभियान के दौरान अंकित के घर से 15 लाख रुपये भारतीय मुद्रा, दो नोट गिनने की मशीन, एक इंडियन मेड पिस्टल मय कारतूस, एक लैपटॉप, चार मोबाइल और दस्तावेज बरामद किए। अरिहंत ज्वैलर्स के मालिक आदिश जैन के यहां से टीम ने दुकान व मकान से 32.84 लाख भारतीय मुद्रा, एक चाईना मेड पिस्टल मय कारतूस, कुछ मोबाइल नंबर, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, यूएसए, जापान, थाईलैंड, ओमान की करेंसी, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दो लैपटॉप और तीन मोबाइल बरामद किए थे।
मामला यह था कि एनआईए की टीम ने लश्कर ए तैय्यबा के आतंकी गोपालगंज बिहार निवासी महफूज आलम को गिरफ्तार कर दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया था। इस गिरफ्तारी से लश्कर-ए-तैय्यबा के लिए पैसा जुटाने के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। पता चला कि यूपी के हवाला कारोबारी भी आतंकियों के लिए फंड जुटा रहे थे। इसी क्रम में मुजफ्फरनगर के दोनों हवाला कारोबारियों के घर एनआईए ने छापेमारी की, जहां से उक्त सामान बरामद हुआ। वैसे भी मुजफ्फरनगर का सराफा बाजार हवाला का बड़ा केंद्र बन रहा है। यूपी में आजमगढ़ और शेरकोट के बाद हवाला के जरिये विदेशी मुद्रा का ट्रांजेक्शन होता है। जिले के बागोवाली, दधेडू, बझेड़ी, रथेड़ी, सरवट, खोजा नंगला आदि गांव के खाड़ी देशों में रहने वाले लोग मुजफ्फरनगर सराफा बाजार के कारोबारियों से विदेशी मुद्रा का एक्सचेंज कर लेते हैं। विदेशों से तस्करी कर लाए गए सोने की खपत भी यहां आराम से हो जाती है। एक दशक पहले थाईलैंड की महिला यहां सोना बेचते हुए पकड़ी गई थी। एनआईए की इस कार्रवाई से मुजफ्फरनगर का सराफा बाजार उनके रडार पर है। माना जा रहा है कि अब अन्य सराफा कारोबारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर।
शहर के दो सराफा कारोबारियों द्वारा हवाला के जरिये आतंकियों को रुपये ट्रांसफर करने के मामले का खुलासा होने पर अब मुजफ्फरनगर का सराफा बाजार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के रडार पर है। जांच-पड़ताल में अभी कुछ और लोगों के संलिप्त होने की आशंका जताई जा रही है। वैसे भी मुजफ्फरनगर का सराफा बाजार आजमगढ़ और शेरकोट के बाद हवाला का बड़ा केंद्र माना जा रहा है। एनआईए की छापेमारी के बाद यहां के सराफा बाजार के कारोबारियों में अफरातफरी है।
दो दिन पहले एनआईए के छापे की कार्रवाई से खुलासा हो चुका है कि शहर के दोनों सर्राफ हवाला कारोबार से जुड़े हैं। दोनों के यहां नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीम द्वारा चलाए गए सर्च अभियान में बड़ी संख्या में देशी व विदेशी करेंसी, पिस्टल, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य सामान बरामद हुआ था। टीम को शक है कि दोनों सर्राफ हवाला के जरिये आतंकियों को धन उपलब्ध कराते हैं। एनआईए ने शनिवार को एटीएस के साथ शहर के सराफ आदिश जैन और अंकित गर्ग के यहां छापेमारी की थी। टीम ने अभियान के दौरान अंकित के घर से 15 लाख रुपये भारतीय मुद्रा, दो नोट गिनने की मशीन, एक इंडियन मेड पिस्टल मय कारतूस, एक लैपटॉप, चार मोबाइल और दस्तावेज बरामद किए। अरिहंत ज्वैलर्स के मालिक आदिश जैन के यहां से टीम ने दुकान व मकान से 32.84 लाख भारतीय मुद्रा, एक चाईना मेड पिस्टल मय कारतूस, कुछ मोबाइल नंबर, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, यूएसए, जापान, थाईलैंड, ओमान की करेंसी, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दो लैपटॉप और तीन मोबाइल बरामद किए थे।
विज्ञापन
मामला यह था कि एनआईए की टीम ने लश्कर ए तैय्यबा के आतंकी गोपालगंज बिहार निवासी महफूज आलम को गिरफ्तार कर दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया था। इस गिरफ्तारी से लश्कर-ए-तैय्यबा के लिए पैसा जुटाने के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। पता चला कि यूपी के हवाला कारोबारी भी आतंकियों के लिए फंड जुटा रहे थे। इसी क्रम में मुजफ्फरनगर के दोनों हवाला कारोबारियों के घर एनआईए ने छापेमारी की, जहां से उक्त सामान बरामद हुआ। वैसे भी मुजफ्फरनगर का सराफा बाजार हवाला का बड़ा केंद्र बन रहा है। यूपी में आजमगढ़ और शेरकोट के बाद हवाला के जरिये विदेशी मुद्रा का ट्रांजेक्शन होता है। जिले के बागोवाली, दधेडू, बझेड़ी, रथेड़ी, सरवट, खोजा नंगला आदि गांव के खाड़ी देशों में रहने वाले लोग मुजफ्फरनगर सराफा बाजार के कारोबारियों से विदेशी मुद्रा का एक्सचेंज कर लेते हैं। विदेशों से तस्करी कर लाए गए सोने की खपत भी यहां आराम से हो जाती है। एक दशक पहले थाईलैंड की महिला यहां सोना बेचते हुए पकड़ी गई थी। एनआईए की इस कार्रवाई से मुजफ्फरनगर का सराफा बाजार उनके रडार पर है। माना जा रहा है कि अब अन्य सराफा कारोबारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन