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हत्या में दो मंगलामुखी समेत चार को सजा
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:51 AM IST
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हत्या में दो मंगलामुखी समेत चार को सजा
मुजफ्फरनगर। शादी के नेग में 51 हजार रुपये न देने पर महिला की हत्या करने के मामले में अदालत ने दो मंगलामुखी समेत चार को चार वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
शामली जिले की शहर कोतवाली पर 11 अगस्त 2012 को गांव सिंभालका निवासी सहेंद्रपाल सिंह ने अपनी पत्नी कमला की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसके बेटे सुधीर की शादी हुई थी। घटना के दिन सुबह साढ़े दस बजे उसकी पत्नी कमला घर में अकेली थी। उसी समय मंगलामुखी अंजली उर्फ चांदनी निवासी नयाबांस मुजफ्फरनगर, हिना उर्फ आबाद निवासी लॉक फुगाना ढोलक बजाने वाले अपने दो साथियों यूसुफ पुत्र हनीफ निवासी लुहारी थानाभवन और जौनी पुत्र इस्लाम निवासी मदीना कालोनी मुजफ्फरनगर के साथ घर आए। मंगलामुखी की टोली ने उसकी पत्नी से बेटे की शादी होने पर नेग के रूप में 51 हजार रुपये की डिमांड की। इस पर कमला ने इतना रुपये देने से इंकार किया। कहासुनी होने पर मंगलामुखी ने डंडो से पीट कर उसकी पत्नी कमला की हत्या कर दी। शोरशराबा होने पर पड़ोसियों ने हमलावरों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे रामसुध सिंह की कोर्ट संख्या-8 में हुई। एडीजीसी चौधरी कय्यूम अली ने कोर्ट में पांच गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मंगलामुखी अंजली उर्फ चांदनी, हिना के अलावा यूसुफ और जौली को कमला की हत्या का दोषी करार देते हुए सभी को धारा 304/34 में चारों को चार वर्ष के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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मुजफ्फरनगर। शादी के नेग में 51 हजार रुपये न देने पर महिला की हत्या करने के मामले में अदालत ने दो मंगलामुखी समेत चार को चार वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
शामली जिले की शहर कोतवाली पर 11 अगस्त 2012 को गांव सिंभालका निवासी सहेंद्रपाल सिंह ने अपनी पत्नी कमला की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसके बेटे सुधीर की शादी हुई थी। घटना के दिन सुबह साढ़े दस बजे उसकी पत्नी कमला घर में अकेली थी। उसी समय मंगलामुखी अंजली उर्फ चांदनी निवासी नयाबांस मुजफ्फरनगर, हिना उर्फ आबाद निवासी लॉक फुगाना ढोलक बजाने वाले अपने दो साथियों यूसुफ पुत्र हनीफ निवासी लुहारी थानाभवन और जौनी पुत्र इस्लाम निवासी मदीना कालोनी मुजफ्फरनगर के साथ घर आए। मंगलामुखी की टोली ने उसकी पत्नी से बेटे की शादी होने पर नेग के रूप में 51 हजार रुपये की डिमांड की। इस पर कमला ने इतना रुपये देने से इंकार किया। कहासुनी होने पर मंगलामुखी ने डंडो से पीट कर उसकी पत्नी कमला की हत्या कर दी। शोरशराबा होने पर पड़ोसियों ने हमलावरों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे रामसुध सिंह की कोर्ट संख्या-8 में हुई। एडीजीसी चौधरी कय्यूम अली ने कोर्ट में पांच गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मंगलामुखी अंजली उर्फ चांदनी, हिना के अलावा यूसुफ और जौली को कमला की हत्या का दोषी करार देते हुए सभी को धारा 304/34 में चारों को चार वर्ष के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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