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मेरठ निवासी मोनू की हत्या का खुलासा
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:25 AM IST
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मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। रामराज पुलिस ने गंगनहर पटरी पर कार में मिले मेरठ परतापुर के मोनू की हत्या का खुलासा करते हुए एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हत्याकांड शामिल तीन आरोपी फरार हैं। युवक की हत्या अवैध संबंधों के चलते की गई थी।
थाना रामराज इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने बताया कि 18 जून को देवल के पास गंगनहर की पटरी पर खड़ी एक कार में युवक का शव मिला था। 19 जून को मृतक की पहचान हो गई थी। मृतक मोनू उर्फ राधेश्याम पुत्र भगवत सिंह निवासी मोहल्ला पट्टी, थाना परतापुर, मेरठ का रहने वाला था। इंस्पेक्टर के अनुसार मेरठ क्षेत्र अब्दुल्लापुर निवासी संजय पुत्र बाबूराम, मोनू की बहन को लेकर दो साल पहले फरार हो गया था। इसी कारण मोनू ने संजय को जान से मारने की धमकी दी थी। अपनी जान बचाने के लिए संजय ने मोनू की हत्या की योजना बना ली। योजना के अनुसार संजय ने अपनी भाभी की छोटी बहन गीता उर्फ गुड़िया पुत्री हरिप्रकाश निवासी दीनदयालपुर रेलवे रोड, मेरठ को बहका फुसलाकर मोनू से उसके संबंध करा दिए। इनके चलते मोनू को 18 जून की सुबह मेरठ बुलाया गया। गीता की सूचना पर मोनू अपनी कार लेकर पहुंच गया। मोनू, गीता और तीन अन्य युवकों को लेकर कार से मीरापुर के गांव गढ़ी रसूलपुर आ गया।
उधर, अब्दुल्लापुर निवासी संजय की गांव अल्लूवाला थाना रामराज में रिश्तेदारी थी। संजय ने गढ़ी रसूलपुर निवासी गौरव पुत्र मनोहर से साजिश कर मोनू को कब्जे में ले लिया और तीन अन्य युवकों के साथ मिलकर पहले उसकी पिटाई की और बाद में हत्या कर शव को आलू की बोरी में भरकर उसी की कार से नहर में फेंकने के लिए निकल गए। नहर की पटरी पर कार खराब हो गई तो हत्यारे शव को कार में छोड़कर भाग गए। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद गीता और गौरव को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार है। इंस्पेक्टर ने बताया कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी है।
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थाना रामराज इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने बताया कि 18 जून को देवल के पास गंगनहर की पटरी पर खड़ी एक कार में युवक का शव मिला था। 19 जून को मृतक की पहचान हो गई थी। मृतक मोनू उर्फ राधेश्याम पुत्र भगवत सिंह निवासी मोहल्ला पट्टी, थाना परतापुर, मेरठ का रहने वाला था। इंस्पेक्टर के अनुसार मेरठ क्षेत्र अब्दुल्लापुर निवासी संजय पुत्र बाबूराम, मोनू की बहन को लेकर दो साल पहले फरार हो गया था। इसी कारण मोनू ने संजय को जान से मारने की धमकी दी थी। अपनी जान बचाने के लिए संजय ने मोनू की हत्या की योजना बना ली। योजना के अनुसार संजय ने अपनी भाभी की छोटी बहन गीता उर्फ गुड़िया पुत्री हरिप्रकाश निवासी दीनदयालपुर रेलवे रोड, मेरठ को बहका फुसलाकर मोनू से उसके संबंध करा दिए। इनके चलते मोनू को 18 जून की सुबह मेरठ बुलाया गया। गीता की सूचना पर मोनू अपनी कार लेकर पहुंच गया। मोनू, गीता और तीन अन्य युवकों को लेकर कार से मीरापुर के गांव गढ़ी रसूलपुर आ गया।
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उधर, अब्दुल्लापुर निवासी संजय की गांव अल्लूवाला थाना रामराज में रिश्तेदारी थी। संजय ने गढ़ी रसूलपुर निवासी गौरव पुत्र मनोहर से साजिश कर मोनू को कब्जे में ले लिया और तीन अन्य युवकों के साथ मिलकर पहले उसकी पिटाई की और बाद में हत्या कर शव को आलू की बोरी में भरकर उसी की कार से नहर में फेंकने के लिए निकल गए। नहर की पटरी पर कार खराब हो गई तो हत्यारे शव को कार में छोड़कर भाग गए। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद गीता और गौरव को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार है। इंस्पेक्टर ने बताया कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी है।
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