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नजाकत हत्याकांड में तीन को उम्रकैद
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:16 AM IST
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नजाकत हत्याकांड में तीन को उम्रकैद
मुजफ्फरनगर। अदालत ने किदवईनगर के नजाकत उर्फ छोटा हत्याकांड में तीन भाइयों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शहर कोतवाली पर किदवईनगर निवासी शमशाद पुत्र शफी ने 13 जनवरी 2014 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह अपने मकान के पास गली में अपनी कार खड़ी करता था, जिसका पड़ोसी विरोध करते थे। घटना के रोज रात करीब साढ़े आठ बजे उसने अपने चचेरे भाई नजाकत उर्फ छोटा पुत्र इनाम इलाही को फोन करके बुलाया, ताकि वह कार को यहां से अपने घर रहमतनगर ले जाए। नजाकत जब उसके यहां आ रहा था, तभी पड़ोसी मुजम्मिल, अनीस, नौशाद, पप्पू, अरशद पुत्रगण मीरहसन ने उसे घेर लिया और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश रामसुध सिंह की कोर्ट संख्या- 4 में सुना गया। एडीजीसी यशपाल सिंह ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मुजम्मिल, अनीस और पप्पू को नजाकत की हत्या का दोषी करार देते हुए तीनों को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने पर तीनों को जेल भेज दिया गया, बाकी दो अभियुक्त नौशाद और अरशद फरार चल रहे हैं।
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मुजफ्फरनगर। अदालत ने किदवईनगर के नजाकत उर्फ छोटा हत्याकांड में तीन भाइयों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शहर कोतवाली पर किदवईनगर निवासी शमशाद पुत्र शफी ने 13 जनवरी 2014 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह अपने मकान के पास गली में अपनी कार खड़ी करता था, जिसका पड़ोसी विरोध करते थे। घटना के रोज रात करीब साढ़े आठ बजे उसने अपने चचेरे भाई नजाकत उर्फ छोटा पुत्र इनाम इलाही को फोन करके बुलाया, ताकि वह कार को यहां से अपने घर रहमतनगर ले जाए। नजाकत जब उसके यहां आ रहा था, तभी पड़ोसी मुजम्मिल, अनीस, नौशाद, पप्पू, अरशद पुत्रगण मीरहसन ने उसे घेर लिया और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश रामसुध सिंह की कोर्ट संख्या- 4 में सुना गया। एडीजीसी यशपाल सिंह ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए मुजम्मिल, अनीस और पप्पू को नजाकत की हत्या का दोषी करार देते हुए तीनों को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने पर तीनों को जेल भेज दिया गया, बाकी दो अभियुक्त नौशाद और अरशद फरार चल रहे हैं।