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दौड़ती ट्रेन से लाखों के ड्राइफ्रूट गायब
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:41 AM IST
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मुजफ्फरनगर। पटरी पर दौड़ती ऋषिकेश पैसेंजर से खतौली से मंसूरपुर के बीच शहर के व्यापारियों के लाखों कीमत के ड्राइफ्रूट्स के दस नग गायब हो गए। गुस्साए व्यापारियों ने आरपीएफ के कुछ कर्मियों पर माल चोरी करने वाले गिरोह को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए आरपीएफ थाने पर हंगामा किया। व्यापारियों ने छह माह पूर्व भी ट्रेन से करीब छह लाख रुपये की सिगरेट चोरी होने का भी आरोप लगाया।
शहर क्षेत्र के व्यापारी मनीष सिंघल ने शुक्रवार शाम साथी व्यापारियों के साथ रेलवे स्टेशन स्थित आरपीएफ थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके द्वारा बृहस्पतिवार को पुरानी दिल्ली से लाखों कीमत के ड्राइफ्रूट्स से भरे 60 नग ऋषिकेश पैसेंजर ट्रेन में लोड कराए गए थे, जिनकी नियमानुसार बिल्टी भी कटवाई गई थी। आरोप है कि खतौली तक सभी नग ट्रेन में सुरक्षित रखे हुए थे, लेकिन ट्रेन के मुजफ्फरनगर आने तक इनमें से दस नग चोरी कर लिए गए। यहां ट्रेन से उतारते हुए कुल 50 नग व्यापारियों को मिले, जिस पर तत्काल आरपीएफ थाने को सूचना दी गई थी। शुक्रवार को गुस्साए व्यापारियों ने आरपीएफ थाने पहुंचकर घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया।
आरोप लगाया कि करीब छह माह पूर्व भी ट्रेन के डिब्बे से करीब छह लाख की सिगरेट चोरी कर ली गई थी, लेकिन आरपीएफ ने कोई कार्रवाई नहीं की। व्यापारियों का कहना है कि मंसूरपुर क्षेत्र में चोरों का कोई गिरोह सक्रिय है, जिसकी आरपीएफ के कुछ कर्मियों से भी मिलीभगत हो सकती है। कुछ समय पूर्व आरपीएफ ने मंसूरपुर स्टेशन से ही एक संदिग्ध को हिरासत में भी लिया था, जिसे बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया गया। मामले में आरपीएफ इंस्पेक्टर डीके सिंह का कहना है कि दिल्ली से माल लोड होने के बाद ट्रेन के डिब्बे पर सील लगा दी जाती है, जो ट्रेन के मुजफ्फरनगर आने पर व्यापारियों के सामने ही खोली जाती है। इसके बाद डिब्बे में मौजूद माल बिल्टी के आधार पर व्यापारियों के सुपुर्द कर दिया जाता है। ऐसे में सीलबंद डिब्बे से माल चोरी होने की आशंका प्रथम दृष्टया नजर नहीं आती। फिर भी व्यापारियों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।
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शहर क्षेत्र के व्यापारी मनीष सिंघल ने शुक्रवार शाम साथी व्यापारियों के साथ रेलवे स्टेशन स्थित आरपीएफ थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके द्वारा बृहस्पतिवार को पुरानी दिल्ली से लाखों कीमत के ड्राइफ्रूट्स से भरे 60 नग ऋषिकेश पैसेंजर ट्रेन में लोड कराए गए थे, जिनकी नियमानुसार बिल्टी भी कटवाई गई थी। आरोप है कि खतौली तक सभी नग ट्रेन में सुरक्षित रखे हुए थे, लेकिन ट्रेन के मुजफ्फरनगर आने तक इनमें से दस नग चोरी कर लिए गए। यहां ट्रेन से उतारते हुए कुल 50 नग व्यापारियों को मिले, जिस पर तत्काल आरपीएफ थाने को सूचना दी गई थी। शुक्रवार को गुस्साए व्यापारियों ने आरपीएफ थाने पहुंचकर घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया।
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आरोप लगाया कि करीब छह माह पूर्व भी ट्रेन के डिब्बे से करीब छह लाख की सिगरेट चोरी कर ली गई थी, लेकिन आरपीएफ ने कोई कार्रवाई नहीं की। व्यापारियों का कहना है कि मंसूरपुर क्षेत्र में चोरों का कोई गिरोह सक्रिय है, जिसकी आरपीएफ के कुछ कर्मियों से भी मिलीभगत हो सकती है। कुछ समय पूर्व आरपीएफ ने मंसूरपुर स्टेशन से ही एक संदिग्ध को हिरासत में भी लिया था, जिसे बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया गया। मामले में आरपीएफ इंस्पेक्टर डीके सिंह का कहना है कि दिल्ली से माल लोड होने के बाद ट्रेन के डिब्बे पर सील लगा दी जाती है, जो ट्रेन के मुजफ्फरनगर आने पर व्यापारियों के सामने ही खोली जाती है। इसके बाद डिब्बे में मौजूद माल बिल्टी के आधार पर व्यापारियों के सुपुर्द कर दिया जाता है। ऐसे में सीलबंद डिब्बे से माल चोरी होने की आशंका प्रथम दृष्टया नजर नहीं आती। फिर भी व्यापारियों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।
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